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नियम-14 के तहत दाखिल बच्चों को स्कूल बस से नहीं पहुंचाया घर
Updated Thu, 17 May 2018 12:28 AM IST
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नियम 134-ए के तहत दाखिल बच्चों को शाम पांच बजे तक स्कूल में रोके रखा, पुलिस पहुंची तो भिजवाया घर
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़ (सतनाली मंडी)। कस्बे के बाढड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल ने नियम 134-ए के तहत दाखिल अलग-अलग कक्षाओं के 9 छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं स्कूल बस में नहीं बैठाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने सतनाली थाने में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को इन बच्चों को स्कूल प्रबंधन शाम को स्कूल बस से घर नहीं छोड़ा। जब परिजनों ने स्कूल में पता किया तो वहां जवाब मिला की बच्चे स्कूल में खुद ही आकर ले जाओ। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्कूल पहुंची तो प्रबंधन ने बच्चों को घर भिजवाया।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन न केवल नियम 134 के तहत दाखिल बच्चों से भेदभाव करता है। बच्चों को सभी अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाते हैं तथा कोई अध्यापक भी पढ़ाने नहीं आता है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन शुरू से ही इन बच्चों के साथ भेदभाव कर रहा है। सतनाली पुलिस को दी शिकायत में जागेराम, राजेश, मानसिंह, धर्मेंद्र, राजबीर, सोमबीर, सरपंच बारड़ा दयाचंद, करतार सिंह लांबा, पवन सिंह, मदन सिंह, सत्यप्रकाश, सूरजभान, जयबीर, जोगेंद्र, धनपति, निर्मला, कृष्णा, सावित्री, कृष्णा, किताबो, पिंकी आदि ने बताया कि सतनाली में बाढड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल में उनके बच्चों का नियम 134-ए के तहत दाखिला हुआ है। स्कूल प्रबंधन हमारे बच्चों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। परिजनों ने बताया कि स्कूल द्वारा अन्य विद्यार्थियों के लिए निर्धारित बस किराया देने के लिए सहमत होने के बावजूद भी बच्चों बस में नहीं बैठाया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि बुधवार की सुबह बारड़ा गांव में जब परिजनों ने बस चालक-परिचालक ने बच्चों को बिठाने से मना कर दिया। इसके बाद स्कूल के ट्रांस्पोर्ट इंचार्ज मौके पर पहुंचकर बच्चों को स्कूल बस में बैठाया। वहीं शाम को छुट्टी होने के बाद बच्चों को स्कूल बस में नहीं भेजा गया। इन सभी बच्चों को शाम तक स्कूल में रोके रखा गया। पुलिस के पहुंचने पर प्रबंधन ने बच्चों को घर भिजवाया।
परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बुधवार को स्कूल प्रबंधन 5 बजे तक बच्चों को घर न भिजवाकर स्कूल में ही रखा गया है। परिजनों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल के ट्रांस्पोर्ट इंचार्ज गांव के लिए 3000 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमाह देने पर दूसरी बस लगाने की बात कह रहा है। इसी स्कूल में दूसरे बच्चों से यहां तक 600 रुपये प्रति बच्चे प्रतिमाह लिया जा रहा है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को सुरक्षित घर लाने की मांग की। थाने में एकत्रित परिजनों ने थाना प्रभारी सतबीर को बताया कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन के इस दुर्व्यवहार की शिकायत शिक्षा विभाग के बीईओ से लेकर शिक्षामंत्री तक की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। थाना प्रभारी सतबीर ने मामले को लेकर शिक्षा विभाग के बीईओ बिजेंद्र श्योराण सहित जिला उपायुक्त कार्यालय एवं एसडीएम उत्तम सिंह को मामले से अवगत करवाया। मामला पुलिस में जाने एवं प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्कूल में रखे गए बच्चों को पुलिस की मौजूदगी में घर भिजवाया गया। थाना प्रभारी सतबीर ने बताया कि सारे मामले में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया है। एसडीएम उत्तम सिंह ने कहा कि मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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इन बच्चों के अभिभावकों को एडमिशन के समय ही बता दिया गया था कि उन्हें बस सुविधा नहीं मिलेगी और अपने स्तर पर स्कूल आना-जाना पड़ेगा। स्कूल के लेवल के हिसाब से इन सभी बच्चों का बौद्धिक स्तर कम है। अत: इनको प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है।
धर्मेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य यदुवंशी स्कूल, सतनाली
जिला शिक्षा अधिकारी के हस्तक्षेप से हुआ था एडमिशन
गौरतलब है कि पिछले दिनों जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी इसी स्कूल पर नियम 134 के तहत दाखिला न दिए जाने की शिकायत जिला उपायुक्त से की थी। मामला शिक्षामंत्री तक पहुंचने पर बच्चों को दाखिला दिया गया था। वहीं 15 मई को खंड शिक्षा अधिकारी ने भी स्कूल प्रबंधन को नियम 134 के तहत दाखिल 14 बच्चों से दुर्व्यवहार संबंधी शिकायत मिलने पर पत्र जारी कर शिकायतों का निपटान काने का निर्देश दिया था। पत्र में यह मामला भी शिक्षामंत्री के संज्ञान में होने की बात कहते हुए निपटान में देरी के लिए स्कूल प्रबंधन को स्वयं जिम्मेदार बताया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़ (सतनाली मंडी)। कस्बे के बाढड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल ने नियम 134-ए के तहत दाखिल अलग-अलग कक्षाओं के 9 छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं स्कूल बस में नहीं बैठाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने सतनाली थाने में शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को इन बच्चों को स्कूल प्रबंधन शाम को स्कूल बस से घर नहीं छोड़ा। जब परिजनों ने स्कूल में पता किया तो वहां जवाब मिला की बच्चे स्कूल में खुद ही आकर ले जाओ। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्कूल पहुंची तो प्रबंधन ने बच्चों को घर भिजवाया।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन न केवल नियम 134 के तहत दाखिल बच्चों से भेदभाव करता है। बच्चों को सभी अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाते हैं तथा कोई अध्यापक भी पढ़ाने नहीं आता है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन शुरू से ही इन बच्चों के साथ भेदभाव कर रहा है। सतनाली पुलिस को दी शिकायत में जागेराम, राजेश, मानसिंह, धर्मेंद्र, राजबीर, सोमबीर, सरपंच बारड़ा दयाचंद, करतार सिंह लांबा, पवन सिंह, मदन सिंह, सत्यप्रकाश, सूरजभान, जयबीर, जोगेंद्र, धनपति, निर्मला, कृष्णा, सावित्री, कृष्णा, किताबो, पिंकी आदि ने बताया कि सतनाली में बाढड़ा रोड स्थित एक निजी स्कूल में उनके बच्चों का नियम 134-ए के तहत दाखिला हुआ है। स्कूल प्रबंधन हमारे बच्चों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। परिजनों ने बताया कि स्कूल द्वारा अन्य विद्यार्थियों के लिए निर्धारित बस किराया देने के लिए सहमत होने के बावजूद भी बच्चों बस में नहीं बैठाया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि बुधवार की सुबह बारड़ा गांव में जब परिजनों ने बस चालक-परिचालक ने बच्चों को बिठाने से मना कर दिया। इसके बाद स्कूल के ट्रांस्पोर्ट इंचार्ज मौके पर पहुंचकर बच्चों को स्कूल बस में बैठाया। वहीं शाम को छुट्टी होने के बाद बच्चों को स्कूल बस में नहीं भेजा गया। इन सभी बच्चों को शाम तक स्कूल में रोके रखा गया। पुलिस के पहुंचने पर प्रबंधन ने बच्चों को घर भिजवाया।
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परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बुधवार को स्कूल प्रबंधन 5 बजे तक बच्चों को घर न भिजवाकर स्कूल में ही रखा गया है। परिजनों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल के ट्रांस्पोर्ट इंचार्ज गांव के लिए 3000 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमाह देने पर दूसरी बस लगाने की बात कह रहा है। इसी स्कूल में दूसरे बच्चों से यहां तक 600 रुपये प्रति बच्चे प्रतिमाह लिया जा रहा है। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई कर पुलिस से मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को सुरक्षित घर लाने की मांग की। थाने में एकत्रित परिजनों ने थाना प्रभारी सतबीर को बताया कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन के इस दुर्व्यवहार की शिकायत शिक्षा विभाग के बीईओ से लेकर शिक्षामंत्री तक की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। थाना प्रभारी सतबीर ने मामले को लेकर शिक्षा विभाग के बीईओ बिजेंद्र श्योराण सहित जिला उपायुक्त कार्यालय एवं एसडीएम उत्तम सिंह को मामले से अवगत करवाया। मामला पुलिस में जाने एवं प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्कूल में रखे गए बच्चों को पुलिस की मौजूदगी में घर भिजवाया गया। थाना प्रभारी सतबीर ने बताया कि सारे मामले में जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को अवगत करवा दिया है। एसडीएम उत्तम सिंह ने कहा कि मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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इन बच्चों के अभिभावकों को एडमिशन के समय ही बता दिया गया था कि उन्हें बस सुविधा नहीं मिलेगी और अपने स्तर पर स्कूल आना-जाना पड़ेगा। स्कूल के लेवल के हिसाब से इन सभी बच्चों का बौद्धिक स्तर कम है। अत: इनको प्रोजेक्टर के माध्यम से अलग कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है।
धर्मेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य यदुवंशी स्कूल, सतनाली
जिला शिक्षा अधिकारी के हस्तक्षेप से हुआ था एडमिशन
गौरतलब है कि पिछले दिनों जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने भी इसी स्कूल पर नियम 134 के तहत दाखिला न दिए जाने की शिकायत जिला उपायुक्त से की थी। मामला शिक्षामंत्री तक पहुंचने पर बच्चों को दाखिला दिया गया था। वहीं 15 मई को खंड शिक्षा अधिकारी ने भी स्कूल प्रबंधन को नियम 134 के तहत दाखिल 14 बच्चों से दुर्व्यवहार संबंधी शिकायत मिलने पर पत्र जारी कर शिकायतों का निपटान काने का निर्देश दिया था। पत्र में यह मामला भी शिक्षामंत्री के संज्ञान में होने की बात कहते हुए निपटान में देरी के लिए स्कूल प्रबंधन को स्वयं जिम्मेदार बताया गया है।