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शहर की सरकार को गिराने के लिए 10 पार्षदों ने डीसी को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव पत्र
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:49 AM IST
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शहर की सरकार को गिराने के लिए 10 पार्षदों ने डीसी को सौंपा अविश्वास प्रस्ताव पत्र
महेंद्रगढ़। नगरपालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। नगर के 15 पार्षदों में से 10 ने जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंपा है। इन पार्षदों में इस्तीफा दे चुके तीन पार्षद भी शामिल हैं। जिला उपायुक्त ने एसडीएम महेंद्रगढ़ को नोटिस निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है। नोटिस जारी होने के 15 दिन के अंदर चेयरपर्सन को दो तिहाई पार्षद अपने साथ करने होंगे।
नगरपालिका में 15 पार्षद तथा दो नोमिनेटिड पार्षदों सहित 17 पार्षद हैं। पार्षद पिछले लंबे समय से नगरपालिका चेयरपर्सन एवं उनके पार्षद पति की कार्य प्रणाली से खफा हैं। चेयरपर्सन और उनके पति की मनमर्जी से खफा होकर 1 दिसंबर को पार्षद अमित मिश्रा, कमलेश तायल तथा नरेंद्र खन्ना इस्तीफा दे चुके हैं। इन तीन पार्षदों का चुनाव आयोग की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। उनके इस्तीफे पर पुनर्विचार का मामला उच्च अधिकारियों के पास चल रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य पार्षद भी चेयरपर्सन एवं पार्षद पति की मनमानी एवं कार्यप्रणाली से परेशान थे। वो इस बारे में कई बार शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा को भी बता चुके थे। प्रो. शर्मा ने कई बार पार्षदों और चेयरपर्सन एवं पार्षद पति के बीच मामला सुलझाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए।
इसके विरोध कर रहे पार्षदों ने अपनी लोभी बना ली। वे कई दिनों से सरकार के इशारे का इंतजार कर रहे थे जिसकी हरी झंडी उनको रविवार को मिल गई। हरी झंडी मिलते ही पार्षद सुबह ही जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंप दिया।
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ये पार्षद मिले जिला उपायुक्त से
सोमवार को शहरी सरकार को गिराने के लिए वार्ड न. 1 से डॉ. तरुण, वार्ड न. 4 से रमेश बोहरा, वार्ड न.6 से अमित मिश्रा, वार्ड 7 कृष्णा शर्मा भिंडी, वार्ड 8 से पार्षद मोनिका के प्रतिनिधि छोटू, वार्ड न. 9 देवेंद्र उर्फ सोनू, वार्ड न.10 बबीता सैनी प्रतिनिधि जेबी सैनी, वार्ड.11 से नरेंद्र खन्ना, वार्ड 12 से विष्णु तथा वार्ड 15 से कमलेश तायल प्रतिनिधि सुनील उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंप कर गए भ्रमण पर
वार्ड पार्षद अविश्वास प्रस्ताव सौंपने के बाद भ्रमण के लिए निकल गए हैं। भ्रमण से कब वापस लौटकर आएंगे अभी इसका पता नहीं है। किंतु ऐसी संभावना जताई जा रही है जिस दिन अविश्वास प्रस्ताव का समय पूरा हो जाएगा, उसके बाद ही वो वापस आएंगे।
रात को बनी प्लानिंग, सुबह सौंपा अविश्वास प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार सभी पार्षद रविवार को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के सतनाली आवास पर आठ पार्षद मिले थे। इस दौरान मंत्री के साथ उनकी एक घंटा बातचीत हुई। बातचीत खत्म होने पर सभी पार्षद खुश नजर आए। इस काम अधिक देरी न करते हुए सुबह अविश्वास प्रस्ताव देने की योजना बनाई और सोमवार सुबह जिला उपायुक्त को सौंपकर अपना काम पूरा किया।
दो तिहाई बहुमत जरुरी
सीनियर अधिवक्ता मदन सिंह शेखावत ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 15 दिन के अंदर चेयरमैन को दो तिहाई बहुमत पेश करना होगा। ज्ञात हो कि नगर में कुल 15 पार्षद हैं जिनमें तीन इस्तीफा दे चुके हैं। अब 12 पार्षदों में से चेयरपर्सन आठ पार्षद अपने हक में लेने होंगे। वर्तमान में चेयरपर्सन के पास मात्र पांच पार्षद हैं उन्हें कुर्सी बचाने के लिए तीन पार्षद और चाहिए अन्यथा कुर्सी से हाथ धोना पड़ेगा।
सुबह दस पार्षदों ने उनको अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा है। मंगलवार को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। नोटिस में चेयरपर्सन को 15 दिन का समय दिया जाएगा।
गरिमा मित्तल, जिला उपायुक्त
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महेंद्रगढ़। नगरपालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। नगर के 15 पार्षदों में से 10 ने जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल से मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंपा है। इन पार्षदों में इस्तीफा दे चुके तीन पार्षद भी शामिल हैं। जिला उपायुक्त ने एसडीएम महेंद्रगढ़ को नोटिस निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है। नोटिस जारी होने के 15 दिन के अंदर चेयरपर्सन को दो तिहाई पार्षद अपने साथ करने होंगे।
नगरपालिका में 15 पार्षद तथा दो नोमिनेटिड पार्षदों सहित 17 पार्षद हैं। पार्षद पिछले लंबे समय से नगरपालिका चेयरपर्सन एवं उनके पार्षद पति की कार्य प्रणाली से खफा हैं। चेयरपर्सन और उनके पति की मनमर्जी से खफा होकर 1 दिसंबर को पार्षद अमित मिश्रा, कमलेश तायल तथा नरेंद्र खन्ना इस्तीफा दे चुके हैं। इन तीन पार्षदों का चुनाव आयोग की तरफ से नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। उनके इस्तीफे पर पुनर्विचार का मामला उच्च अधिकारियों के पास चल रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य पार्षद भी चेयरपर्सन एवं पार्षद पति की मनमानी एवं कार्यप्रणाली से परेशान थे। वो इस बारे में कई बार शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा को भी बता चुके थे। प्रो. शर्मा ने कई बार पार्षदों और चेयरपर्सन एवं पार्षद पति के बीच मामला सुलझाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए।
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इसके विरोध कर रहे पार्षदों ने अपनी लोभी बना ली। वे कई दिनों से सरकार के इशारे का इंतजार कर रहे थे जिसकी हरी झंडी उनको रविवार को मिल गई। हरी झंडी मिलते ही पार्षद सुबह ही जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंप दिया।
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ये पार्षद मिले जिला उपायुक्त से
सोमवार को शहरी सरकार को गिराने के लिए वार्ड न. 1 से डॉ. तरुण, वार्ड न. 4 से रमेश बोहरा, वार्ड न.6 से अमित मिश्रा, वार्ड 7 कृष्णा शर्मा भिंडी, वार्ड 8 से पार्षद मोनिका के प्रतिनिधि छोटू, वार्ड न. 9 देवेंद्र उर्फ सोनू, वार्ड न.10 बबीता सैनी प्रतिनिधि जेबी सैनी, वार्ड.11 से नरेंद्र खन्ना, वार्ड 12 से विष्णु तथा वार्ड 15 से कमलेश तायल प्रतिनिधि सुनील उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
अविश्वास प्रस्ताव पत्र सौंप कर गए भ्रमण पर
वार्ड पार्षद अविश्वास प्रस्ताव सौंपने के बाद भ्रमण के लिए निकल गए हैं। भ्रमण से कब वापस लौटकर आएंगे अभी इसका पता नहीं है। किंतु ऐसी संभावना जताई जा रही है जिस दिन अविश्वास प्रस्ताव का समय पूरा हो जाएगा, उसके बाद ही वो वापस आएंगे।
रात को बनी प्लानिंग, सुबह सौंपा अविश्वास प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार सभी पार्षद रविवार को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के सतनाली आवास पर आठ पार्षद मिले थे। इस दौरान मंत्री के साथ उनकी एक घंटा बातचीत हुई। बातचीत खत्म होने पर सभी पार्षद खुश नजर आए। इस काम अधिक देरी न करते हुए सुबह अविश्वास प्रस्ताव देने की योजना बनाई और सोमवार सुबह जिला उपायुक्त को सौंपकर अपना काम पूरा किया।
दो तिहाई बहुमत जरुरी
सीनियर अधिवक्ता मदन सिंह शेखावत ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद 15 दिन के अंदर चेयरमैन को दो तिहाई बहुमत पेश करना होगा। ज्ञात हो कि नगर में कुल 15 पार्षद हैं जिनमें तीन इस्तीफा दे चुके हैं। अब 12 पार्षदों में से चेयरपर्सन आठ पार्षद अपने हक में लेने होंगे। वर्तमान में चेयरपर्सन के पास मात्र पांच पार्षद हैं उन्हें कुर्सी बचाने के लिए तीन पार्षद और चाहिए अन्यथा कुर्सी से हाथ धोना पड़ेगा।
सुबह दस पार्षदों ने उनको अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा है। मंगलवार को नोटिस जारी कर दिया जाएगा। नोटिस में चेयरपर्सन को 15 दिन का समय दिया जाएगा।
गरिमा मित्तल, जिला उपायुक्त