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बिगड़े पर्यावरण प्रदूषण को बचाने के लिए पेड़ जरूरी: वेद प्रकाश
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। अंधा व्यक्ति को सहारे की जरूरत होती है। लेकिन गनियार गांव निवासी वेद प्रकाश आर्य स्वयं अंधा होते हुए समाज के दूसरे लोगों को आइना दिखाने में लगे हुए हैं। रविवार को उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गनियार में खाली स्थानों पर वन महोत्सव के तहत वृक्ष लगाए।
अनेक सामाजिक कार्यों में लगे रहने वाले वेद प्रकाश बिगड़ते पर्यावरण प्रदूषण को बचाने के लिए गांव में खाली स्थानों पर पेड़ लगा रहे हैं। उनके प्रयास को देख गांव के अन्य युवाओं ने भी गांव की शामलात भूमि व स्कूल में पौधे लगाये। वेद प्रकाश आर्य ने वृक्ष लगाने की मुहिम छेड़ी तो गांव के युवाओं ने इसको आगे बढ़ाते हुए गांव में 50 वृक्ष फलदार व छायादार लगाए। इस मौके पर वेदप्रकाश आर्य ने कहा कि व्यक्ति को वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए क्योंकि वृक्षों से ही प्रकृति पर जीवन संभव है। पृथ्वी पर रहने वाले प्राणी को आक्सीजन की जरूरत होती है और वृक्षों से हमें आक्सीजन मिलती है। प्राणी मात्र की भलाई के लिए वृक्ष लगाने जरूरी है। जिस प्रकार बच्चे का पालन पोषण कर बड़ा करते है। बड़ा होने पर वह सेवा रूपी फल देता है। उसी प्रकार वृक्ष हमें आक्सीजन व लकड़ियां देकर हमें लाभ पहुंचाते हैं। बच्चा अपने फर्ज से विमुख होकर मात-पिता की सेवा नहीं करे, लेकिन पेड़ जरूर छाया व फल के रूप में जरूर आम जन को लाभ पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि खुशी के अवसर पर भी एक पौधा तो इंसान को जरूर लगाने की सोच पैदा करनी चाहिए।
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मंडी अटेली। अंधा व्यक्ति को सहारे की जरूरत होती है। लेकिन गनियार गांव निवासी वेद प्रकाश आर्य स्वयं अंधा होते हुए समाज के दूसरे लोगों को आइना दिखाने में लगे हुए हैं। रविवार को उन्होंने राजकीय प्राथमिक विद्यालय गनियार में खाली स्थानों पर वन महोत्सव के तहत वृक्ष लगाए।
अनेक सामाजिक कार्यों में लगे रहने वाले वेद प्रकाश बिगड़ते पर्यावरण प्रदूषण को बचाने के लिए गांव में खाली स्थानों पर पेड़ लगा रहे हैं। उनके प्रयास को देख गांव के अन्य युवाओं ने भी गांव की शामलात भूमि व स्कूल में पौधे लगाये। वेद प्रकाश आर्य ने वृक्ष लगाने की मुहिम छेड़ी तो गांव के युवाओं ने इसको आगे बढ़ाते हुए गांव में 50 वृक्ष फलदार व छायादार लगाए। इस मौके पर वेदप्रकाश आर्य ने कहा कि व्यक्ति को वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए क्योंकि वृक्षों से ही प्रकृति पर जीवन संभव है। पृथ्वी पर रहने वाले प्राणी को आक्सीजन की जरूरत होती है और वृक्षों से हमें आक्सीजन मिलती है। प्राणी मात्र की भलाई के लिए वृक्ष लगाने जरूरी है। जिस प्रकार बच्चे का पालन पोषण कर बड़ा करते है। बड़ा होने पर वह सेवा रूपी फल देता है। उसी प्रकार वृक्ष हमें आक्सीजन व लकड़ियां देकर हमें लाभ पहुंचाते हैं। बच्चा अपने फर्ज से विमुख होकर मात-पिता की सेवा नहीं करे, लेकिन पेड़ जरूर छाया व फल के रूप में जरूर आम जन को लाभ पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि खुशी के अवसर पर भी एक पौधा तो इंसान को जरूर लगाने की सोच पैदा करनी चाहिए।
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