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आदर्श कालोनी में गोवंश के डर से बच्चे घर से बाहर नहीं निकलते
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महेंद्रगढ़। शहर की आदर्श कॉलोनी में भी लावारिस गोवंश को आतंक बना हुआ है। कॉलोनीवासी गोवशों को लेकर काफी परेशान हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि लगभग 250 लोगों की आबादी वाली इस कॉलोनी में कई लावारिस गोवंश घूमते रहते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे बाहर खेलते रहते हैं। हमेशा परिजनों को लावारिस गोवंश को मारने का डर सताता रहता है।
कई परिजन डर के मारे बच्चों को बाहर खेलने के लिए नहीं भेजते। शाम को बुजुर्ग लोग सड़क पर टहलने से भी डरते हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि कई बार तो लावारिस गोवंश लड़ते-लड़ते बाहर खड़ी गाड़ियों में जाकर घुस जाते हैं जिससे गाड़ी को नुकसान होता है। इतना नहीं कई बार पीछे से आकर लोगों को गिरा देते हैं। कई बार तो घर के मुख्य गेट पर बैठ जाते हैं। जब लोग गोवंशों को हटाने का प्रयास करते हैं तो गोवंश उनको मारने के लिए दौड़ते हैं। कालोनी के लोगों ने कहा कि प्रारंभ में प्रदेश सरकार ने इन गोवंशों को पकड़कर उन्हें गोशालाओं में डालने का अच्छा कार्य किया था। तब लग रहा था कि सरकार अच्छा काम रही है। अब वो गोवंश वापस खुले में घूम रहे हैं। उन्होंने लावारिस गोवंशों को पकड़ कर गोशालाओं में डाले जाने की मांग की।लावारिस गोवंश लोगों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। अनाज मंडी ,सब्जी मंडी, बाजार, नेशनल हाइवे, गलियों तक हर जगह लावारिस पशुओं का आतंक है।
सरकार द्वारा गोशालाओं को लाखों रुपये का अनुदान दिया जाता है। दुकानों पर भी गोशालाओं के दान पात्र रखे हुए हैं। बड़ी संख्यामें श्रद्घालु हजारों रुपये गोशालाओं में जमा करवाते हैं। बावजूद इसके गोशालाएं लावारिस गोवंशों को नहीं रख रही। जिला प्रशासन को गोशालाओं के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। अत्तर सिंह
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कॉलोनी में छोटे-छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। जब सांड आपस में लड़ते हैं तो बच्चे कभी भी उनकी चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन से हम मांग करते हैं कि इन गोवंशों को गोशालाओं में डाला जाए ताकि लोग आराम से रह सकें। रघुबीर सिंह शर्मा।
कॉलोनी में सांडों के झुंड के झुंड खड़े रहते हैं। सुबह शाम महिलाएं और बुजुर्ग बाहर घूमने के लिए जाते हैं। पीछे से आकर कभी भी वो मार सकते हैं। कई बार तो वो लड़ाई करने लगते हैं जिससे अपने आप को भाग कर बचाना पड़ता है।-रामकुमार।
मैं 95 वर्ष का बुजुर्ग हूं। कॉलोनी में और भी बुजुर्ग आदमी रहते हैं। इनकी कॉलोनी में घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। युवा तो बच कर भाग जाते हैं । बुजुर्ग आदमी इनसे कैसे बच पाएगा। प्रशासन को चाहिए सभी लावारिस गोवंशों को पकड़कर गोशाला में भिजवाए।
-श्रीराम यादव
कई परिजन डर के मारे बच्चों को बाहर खेलने के लिए नहीं भेजते। शाम को बुजुर्ग लोग सड़क पर टहलने से भी डरते हैं। कॉलोनीवासियों ने बताया कि कई बार तो लावारिस गोवंश लड़ते-लड़ते बाहर खड़ी गाड़ियों में जाकर घुस जाते हैं जिससे गाड़ी को नुकसान होता है। इतना नहीं कई बार पीछे से आकर लोगों को गिरा देते हैं। कई बार तो घर के मुख्य गेट पर बैठ जाते हैं। जब लोग गोवंशों को हटाने का प्रयास करते हैं तो गोवंश उनको मारने के लिए दौड़ते हैं। कालोनी के लोगों ने कहा कि प्रारंभ में प्रदेश सरकार ने इन गोवंशों को पकड़कर उन्हें गोशालाओं में डालने का अच्छा कार्य किया था। तब लग रहा था कि सरकार अच्छा काम रही है। अब वो गोवंश वापस खुले में घूम रहे हैं। उन्होंने लावारिस गोवंशों को पकड़ कर गोशालाओं में डाले जाने की मांग की।लावारिस गोवंश लोगों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। अनाज मंडी ,सब्जी मंडी, बाजार, नेशनल हाइवे, गलियों तक हर जगह लावारिस पशुओं का आतंक है।
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सरकार द्वारा गोशालाओं को लाखों रुपये का अनुदान दिया जाता है। दुकानों पर भी गोशालाओं के दान पात्र रखे हुए हैं। बड़ी संख्यामें श्रद्घालु हजारों रुपये गोशालाओं में जमा करवाते हैं। बावजूद इसके गोशालाएं लावारिस गोवंशों को नहीं रख रही। जिला प्रशासन को गोशालाओं के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। अत्तर सिंह
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कॉलोनी में छोटे-छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। जब सांड आपस में लड़ते हैं तो बच्चे कभी भी उनकी चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन से हम मांग करते हैं कि इन गोवंशों को गोशालाओं में डाला जाए ताकि लोग आराम से रह सकें। रघुबीर सिंह शर्मा।
कॉलोनी में सांडों के झुंड के झुंड खड़े रहते हैं। सुबह शाम महिलाएं और बुजुर्ग बाहर घूमने के लिए जाते हैं। पीछे से आकर कभी भी वो मार सकते हैं। कई बार तो वो लड़ाई करने लगते हैं जिससे अपने आप को भाग कर बचाना पड़ता है।-रामकुमार।
मैं 95 वर्ष का बुजुर्ग हूं। कॉलोनी में और भी बुजुर्ग आदमी रहते हैं। इनकी कॉलोनी में घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। युवा तो बच कर भाग जाते हैं । बुजुर्ग आदमी इनसे कैसे बच पाएगा। प्रशासन को चाहिए सभी लावारिस गोवंशों को पकड़कर गोशाला में भिजवाए।
-श्रीराम यादव