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अवैध खनन को जांचने पहुंची टीम ने तीन घंटे की पैमाइश, बोली अभी जांच अधूरी रिपोर्ट नहीं बता सकते
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अमर उजाला ब्यूरो
बुचौली/महेंद्रगढ़। गांव आकोदा में वीरवार को खनन, वन, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक अवैध खनन की पैमाइश की। जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पैमाइश अधूरी रहने के कारण अधिकारियों की टीम शुक्रवार को दोबारा से गांव जाएगी।
गांव खुड़ाना के पंच प्रवीण शर्मा, पूर्व सरपंच राधेश्याम, गजराज यादव, सत्यबीर प्रधान, विनोद, सचिन, सत्यबीर, सतीश, पंच संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने अवैध खनन की शिकायत दी थी। वीरवार को खनन अधिकारी आरएस ठाकरान, खनन अधिकारी नीरज कुमार, वन अधिकारी अनिल कुमार, क्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सहित अन्य अधिकारी सर्वेयर, पटवारी को लेकर गांव खुड़ाना पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे पैमाइश शुरू की। दोपहर तीन बजे तक पहाड़ियों की पैमाइश को पूरा किया। करीब तीन बजे अधिकारियों की टीम ने पैमाइश करना बंद कर दिया। मौके की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
अधिकारियों ने कहा कि अभी पैमाइश की प्रक्रिया अधूरी है। शुक्रवार को दोबारा से मौके पर जाकर पैमाइश कराई जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन को लेकर सीएम विंडो, डीसी सहित अन्य उच्च अधिकारियों की शिकायत दी हुई है। पिछले दो साल बीत जाने के बावजूद करोड़ों रुपये का राजस्व की चोरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मौके पर पहुंची टीम लीपापोती का प्रयास कर रही है। यदि जांच अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की आंदोलन करेंगे।
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अधिकारियों की टीम पर आरोप
पंच प्रवीण शर्मा, पंच संजय, पूर्व सरपंच राधेश्याम, गजराज यादव, सत्यबीर प्रधान, विनोद, सचिन ,सत्यबीर, सतीश सहित अन्य ने कहा कि अधिकारी केवल औपचारिकता करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी अपना नाम तक नहीं बता रहे थे। अधिकारी ग्रामीणों से अच्छा व्यवहार करने की बजाए उन्हें डराने का प्रयास कर रही थी।
गढ़ी की रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई
करीब दो महीने पहले भी खुड़ाना के साथ लगते गढ़ी गांव के लोगों ने अवैध खनन की शिकायत दी थी, जिसकी जांच के लिए टीम पहुंची थी। गढ़ी की अवैध खनन की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की बजाए लीपापोती की जाती है।
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बुचौली/महेंद्रगढ़। गांव आकोदा में वीरवार को खनन, वन, राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक अवैध खनन की पैमाइश की। जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। पैमाइश अधूरी रहने के कारण अधिकारियों की टीम शुक्रवार को दोबारा से गांव जाएगी।
गांव खुड़ाना के पंच प्रवीण शर्मा, पूर्व सरपंच राधेश्याम, गजराज यादव, सत्यबीर प्रधान, विनोद, सचिन, सत्यबीर, सतीश, पंच संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने अवैध खनन की शिकायत दी थी। वीरवार को खनन अधिकारी आरएस ठाकरान, खनन अधिकारी नीरज कुमार, वन अधिकारी अनिल कुमार, क्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सहित अन्य अधिकारी सर्वेयर, पटवारी को लेकर गांव खुड़ाना पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे पैमाइश शुरू की। दोपहर तीन बजे तक पहाड़ियों की पैमाइश को पूरा किया। करीब तीन बजे अधिकारियों की टीम ने पैमाइश करना बंद कर दिया। मौके की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
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अधिकारियों ने कहा कि अभी पैमाइश की प्रक्रिया अधूरी है। शुक्रवार को दोबारा से मौके पर जाकर पैमाइश कराई जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन को लेकर सीएम विंडो, डीसी सहित अन्य उच्च अधिकारियों की शिकायत दी हुई है। पिछले दो साल बीत जाने के बावजूद करोड़ों रुपये का राजस्व की चोरी करने वाली कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मौके पर पहुंची टीम लीपापोती का प्रयास कर रही है। यदि जांच अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की आंदोलन करेंगे।
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अधिकारियों की टीम पर आरोप
पंच प्रवीण शर्मा, पंच संजय, पूर्व सरपंच राधेश्याम, गजराज यादव, सत्यबीर प्रधान, विनोद, सचिन ,सत्यबीर, सतीश सहित अन्य ने कहा कि अधिकारी केवल औपचारिकता करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी अपना नाम तक नहीं बता रहे थे। अधिकारी ग्रामीणों से अच्छा व्यवहार करने की बजाए उन्हें डराने का प्रयास कर रही थी।
गढ़ी की रिपोर्ट भी अब तक नहीं आई
करीब दो महीने पहले भी खुड़ाना के साथ लगते गढ़ी गांव के लोगों ने अवैध खनन की शिकायत दी थी, जिसकी जांच के लिए टीम पहुंची थी। गढ़ी की अवैध खनन की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की बजाए लीपापोती की जाती है।