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मुख्यमंत्री के उद्घाटन के 16 महीने बाद भी तरणताल नहीं हुआ शुरू
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प्रशासन ने जल्दबाजी में करवा दिया था तरणताल का उद्घाटन, 16 माह बाद भी नहीं हुआ शुरू
-शुरू होने से पहले लाइटें टूटीं, सात वर्ष से चल रहा काम, एक वर्ष में होना था पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सीमए मनोहर लाल द्वारा उद्घाटन करने के 16 महीने बाद भी महेंद्रगढ़ का तरणताल शुरू नहीं हो पाया। अभी तरणताल की सफाई, लाइटिंग, बोर तथा ट्रांसफार्मर का कार्य बचा है। 14 महीने पहले जन स्वास्थ्य विभाग को पीडबल्यूडी विभाग की ओर से साढ़े 11 लाख रुपये जमा करवाए थे। इस राशि से बोर तथा लाइटिंग आदि का कार्य होना था। बोर स्वीमिंग पुल के अंदर ही करवाया जाना था। तरणताल शुरू होने से पहले ही उसकी पांच छह लाइटें टूट भी गई हैं।
बता दें कि सीमए ने 12 अक्टूबर 2017 को तरणताल का उद्घाटन किया था। हालांकि तरणताल का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। प्रशासन ने शीघ्र चालू होने की बात कहकर जल्दबाजी में उद्घाटन करवा दिया था। लेकिन 16 महीने बीतने के बाद भी काम लटका है। इस बीच सीएम 21 जुलाई को महेंद्रगढ़ में बाजरा रैली, 18 अगस्त को कोरियवास में रैली कर चुके हैं। अब 24 फरवरी को तीसरी बार गांव खुडाना में रैली करेंगे।
पूर्व सीएम हुड्डा ने 2012 में किया था शिलान्यास
इस तरण ताल का शिलान्यास 20 मई, 2012 को तत्कालीन सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने किया था। लगभग 2.5 करोड़ रुपये से बनने वाले इस तरणताल का कार्य एक वर्ष में पूरा करवाया जाना था। शिलान्यास के कुछ समय बाद ही निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका था। लेकिन छह वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद काम लटका है।
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हमारी ओर से स्वीमिंग पुल के सभी काम पूरे हैं। बिजली और पानी का काम बचा है। जो जन स्वास्थ्य विभाग को करना है। जनस्वास्थ्य विभाग को 14 महीने पहले साढ़े 11 लाख रुपये बिजली-पानी के नाम के जमा करवा चुके हैं।
-गजेंद्र सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
स्वीमिंग पुल के ट्रांसफार्मर के लिए पीडल्यूडी से बिजली का लोड मांगा था। उन्होंने 40 किलोवाट लोड बताया था। हमने निदेशक को 40 किलोवाट लोड की फाइल बनाकर भेज दी थी लेकिन निदेशक ने 40 किलोवाट ज्यादा बताया। अभी हम दूसरे जिलों से इसके लोड के बारे में पता कर रहे हैं। जल्द हीज कम लोड की फाइल बनाकर निदेशक को भेजी जाएगी।
-ममता रानी, जिला खेल अधिकारी, महेंद्रगढ़।
हमें अभी मुख्यालय से पैसा नहीं मिला है। इसके लिए बहुत पहले डिमांड नोटिस भेज चुके हैं। पैसे आने के बाद बिजली निगम के खाते में डाले जाएंगे उसके बाद ही ट्रांसफार्मर लग पाएगा। पानी का बोर हमने कर दिया है। कनेक्शन भी किया जा चुका है।
-अमित जैन,एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग, महेंद्रगढ़।
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-शुरू होने से पहले लाइटें टूटीं, सात वर्ष से चल रहा काम, एक वर्ष में होना था पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सीमए मनोहर लाल द्वारा उद्घाटन करने के 16 महीने बाद भी महेंद्रगढ़ का तरणताल शुरू नहीं हो पाया। अभी तरणताल की सफाई, लाइटिंग, बोर तथा ट्रांसफार्मर का कार्य बचा है। 14 महीने पहले जन स्वास्थ्य विभाग को पीडबल्यूडी विभाग की ओर से साढ़े 11 लाख रुपये जमा करवाए थे। इस राशि से बोर तथा लाइटिंग आदि का कार्य होना था। बोर स्वीमिंग पुल के अंदर ही करवाया जाना था। तरणताल शुरू होने से पहले ही उसकी पांच छह लाइटें टूट भी गई हैं।
बता दें कि सीमए ने 12 अक्टूबर 2017 को तरणताल का उद्घाटन किया था। हालांकि तरणताल का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। प्रशासन ने शीघ्र चालू होने की बात कहकर जल्दबाजी में उद्घाटन करवा दिया था। लेकिन 16 महीने बीतने के बाद भी काम लटका है। इस बीच सीएम 21 जुलाई को महेंद्रगढ़ में बाजरा रैली, 18 अगस्त को कोरियवास में रैली कर चुके हैं। अब 24 फरवरी को तीसरी बार गांव खुडाना में रैली करेंगे।
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पूर्व सीएम हुड्डा ने 2012 में किया था शिलान्यास
इस तरण ताल का शिलान्यास 20 मई, 2012 को तत्कालीन सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने किया था। लगभग 2.5 करोड़ रुपये से बनने वाले इस तरणताल का कार्य एक वर्ष में पूरा करवाया जाना था। शिलान्यास के कुछ समय बाद ही निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका था। लेकिन छह वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद काम लटका है।
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हमारी ओर से स्वीमिंग पुल के सभी काम पूरे हैं। बिजली और पानी का काम बचा है। जो जन स्वास्थ्य विभाग को करना है। जनस्वास्थ्य विभाग को 14 महीने पहले साढ़े 11 लाख रुपये बिजली-पानी के नाम के जमा करवा चुके हैं।
-गजेंद्र सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।
स्वीमिंग पुल के ट्रांसफार्मर के लिए पीडल्यूडी से बिजली का लोड मांगा था। उन्होंने 40 किलोवाट लोड बताया था। हमने निदेशक को 40 किलोवाट लोड की फाइल बनाकर भेज दी थी लेकिन निदेशक ने 40 किलोवाट ज्यादा बताया। अभी हम दूसरे जिलों से इसके लोड के बारे में पता कर रहे हैं। जल्द हीज कम लोड की फाइल बनाकर निदेशक को भेजी जाएगी।
-ममता रानी, जिला खेल अधिकारी, महेंद्रगढ़।
हमें अभी मुख्यालय से पैसा नहीं मिला है। इसके लिए बहुत पहले डिमांड नोटिस भेज चुके हैं। पैसे आने के बाद बिजली निगम के खाते में डाले जाएंगे उसके बाद ही ट्रांसफार्मर लग पाएगा। पानी का बोर हमने कर दिया है। कनेक्शन भी किया जा चुका है।
-अमित जैन,एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग, महेंद्रगढ़।