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आशा वर्कर मलेरिया,डेंगू और वायरल बुखार के प्रति लोगों को जागरुक करने के साथ स्लाइट भी बनाएगी
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। बहुउद्देशीय कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया, डेंगू और मौसमी बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी लगा दी है। दूसरी ओर उन्हें बुखार पीड़ित व्यक्ति की स्लाइड बनाने को भी कहा गया है। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी में स्लाइड बनाने में डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं।
जिले भर की पीएचसी, सीएचसी और बस सेंटरों पर कार्यरत बहुउद्देशीय कर्मचारी छह दिन से हड़ताल पर हैैं। जिससे ग्रामीण एरिया में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिसे देखते हुए विभाग ने आशा वर्करों को भी मौसमी बीमारियों के बारे मेें लोगों को जागरूक करने के लिए लगा दिया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने बताया कि जिले में करीब 850 आशा वर्कर काम कर रही है। उनकी ड्यूटी मलेरिया, डेंगू और मौसमी बीमारियों की लोगों को जानकारी देने के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एक हजार की आबादी पर एक आशा वर्कर तैनात है। आशा वर्करों को स्लाइड बनाने की ट्रेनिंग मिली हुई है। उन्हें भी फील्ड में जरूरत के अनुसार स्लाइड बनाने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. सैनी ने कहा कि जिले में अभी तक मलेरिया के सात मरीज आए हैं। ऐसे में मलेरिया संभावति एरिया में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि रविवार को ड्राई-डे के रूप में मनाए। इसमें कूलर, फूलदान, पशु-पक्षियों के बर्तनों को सुखा कर रखे। छत के ऊपर टायर न रखे और आसपास पानी जमा न होने दे। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यदि मच्छर के अंडे या लारवा पाए जाते हैं तो जुर्माना किया जाएगा। डॉ. सैनी के अनुसार जिस जगह पर मलेरिया के मरीज मिले हैं, वह दवा का छिड़काव कराया गया है। इसके लिए टीम पहले से बनी हुई है। टीम पीड़ित के घर के अलावा आसपास के 50 घरों में भी दवा का छिड़काव करती हैं। गौरतलब है कि एक सितंबर का अमर उजाला ने मलेरिया के पांच दिन में दो केस पॉजिटिव, नहीं बन पा रही है संदिग्ध मरीजों की स्लाइड खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद हेल्थ विभाग ने आशा वर्करों को स्लाइड बनाने के निर्देश दिए हैं।
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नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़
मलेरिया व मौसमी बीमारी केस जिला नागरिक अस्पताल में भी आ रहे हैं। अगस्त में पिछले तीन दिनों से ओपीडी एक हजार से अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार इसमें अधिकांश वायरल फीवर के मरीज है। 29 अगस्त को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1062, 30 अगस्त को 1057 और 31 अगस्त को 1003 रही। हालांकि एक सितंबर ओपीडी करीब 300 रही। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में उतार चढ़ाव के कारण वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।
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नारनौल। बहुउद्देशीय कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया, डेंगू और मौसमी बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए आशा वर्करों की ड्यूटी लगा दी है। दूसरी ओर उन्हें बुखार पीड़ित व्यक्ति की स्लाइड बनाने को भी कहा गया है। इसके अलावा पीएचसी और सीएचसी में स्लाइड बनाने में डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं।
जिले भर की पीएचसी, सीएचसी और बस सेंटरों पर कार्यरत बहुउद्देशीय कर्मचारी छह दिन से हड़ताल पर हैैं। जिससे ग्रामीण एरिया में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिसे देखते हुए विभाग ने आशा वर्करों को भी मौसमी बीमारियों के बारे मेें लोगों को जागरूक करने के लिए लगा दिया है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने बताया कि जिले में करीब 850 आशा वर्कर काम कर रही है। उनकी ड्यूटी मलेरिया, डेंगू और मौसमी बीमारियों की लोगों को जानकारी देने के लिए लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एक हजार की आबादी पर एक आशा वर्कर तैनात है। आशा वर्करों को स्लाइड बनाने की ट्रेनिंग मिली हुई है। उन्हें भी फील्ड में जरूरत के अनुसार स्लाइड बनाने का निर्देश दिया गया है।
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डॉ. सैनी ने कहा कि जिले में अभी तक मलेरिया के सात मरीज आए हैं। ऐसे में मलेरिया संभावति एरिया में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि रविवार को ड्राई-डे के रूप में मनाए। इसमें कूलर, फूलदान, पशु-पक्षियों के बर्तनों को सुखा कर रखे। छत के ऊपर टायर न रखे और आसपास पानी जमा न होने दे। अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यदि मच्छर के अंडे या लारवा पाए जाते हैं तो जुर्माना किया जाएगा। डॉ. सैनी के अनुसार जिस जगह पर मलेरिया के मरीज मिले हैं, वह दवा का छिड़काव कराया गया है। इसके लिए टीम पहले से बनी हुई है। टीम पीड़ित के घर के अलावा आसपास के 50 घरों में भी दवा का छिड़काव करती हैं। गौरतलब है कि एक सितंबर का अमर उजाला ने मलेरिया के पांच दिन में दो केस पॉजिटिव, नहीं बन पा रही है संदिग्ध मरीजों की स्लाइड खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद हेल्थ विभाग ने आशा वर्करों को स्लाइड बनाने के निर्देश दिए हैं।
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नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़
मलेरिया व मौसमी बीमारी केस जिला नागरिक अस्पताल में भी आ रहे हैं। अगस्त में पिछले तीन दिनों से ओपीडी एक हजार से अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार इसमें अधिकांश वायरल फीवर के मरीज है। 29 अगस्त को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1062, 30 अगस्त को 1057 और 31 अगस्त को 1003 रही। हालांकि एक सितंबर ओपीडी करीब 300 रही। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में उतार चढ़ाव के कारण वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।