{"_id":"6733a5691b05b397be06c5e4","slug":"500-couples-tied-the-knot-on-devuthani-ekadashi-narnol-news-c-196-1-nnl1003-118099-2024-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: देवउठनी एकादशी पर विवाह बंधन में बंधे 500 जोड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: देवउठनी एकादशी पर विवाह बंधन में बंधे 500 जोड़े
Wed, 13 Nov 2024 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 13 Nov 2024 12:28 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-20देवउठनी एकादशी को लेकर गाड़ी सजाता दुकानदार। संवाद
नारनौल। देवउठनी एकादशी के स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर मंगलवार के दिन बाजार में खासी रौनक रही। इसके साथ वाहनों की वजह से महावीर चौक पर लंबी कतार लगी रही। इस स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर शहर के करीब 40 मैरिज पैलेस बुक रहे। शहर में शादियों को लेकर दुल्हे की गाड़ियों को सजाने का कार्य भी दिनभर चलता रहा। देवउठनी एकादशी पर जिलेभर में करीब 500 जोड़े परिणय सूत्र बंधन में बंधे।
शहर में गाड़ियों को सजाने वाली करीब 15 दुकानें हैं और एक-एक दुकान पर दिनभर में 25 से 30 गाड़ियों को सजाया गया। शहर के फूल विक्रेता दयानंद सैनी ने बताया कि आज गुलाब 200 रुपये किलो के हिसाब व गेंदा 50 रुपये किला के हिसाब से बेचा गया। उन्होंने बताया कि वरमाला 1100 से 2100 रुपये तक में बेची गई। इसी तरह गाड़ियों को सजाने की शुरूआत 1500 रुपये से 5100 रुपये तक रही। उन्होंने बताया कि गाड़ियों को सजाने के लिए ग्राहक की जैसी मांग रही, उसी हिसाब से रुपये रहे। फूल विक्रेता ने बताया कि देवउठनी एकादशी को लेकर शहर के सभी दुकानदारों के पास पांच से दस गाड़ियों की तो एडवांस बुकिंग भी थी। देवउठनी एकादशी को लेकर नगर के सभी मैरिज पैलेस, बैंडबाजे, घोड़ी वाले तथा टेंट हाउस आदि भी बुक रहे।
इसे लेकर आचार्य क्रांति निर्मल, गोपाल शास्त्री, पंडित देवकी नंदन तथा आचार्य गगन भारद्वाज ने बताया कि देवउठनी एकादशी अपने आपमें स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। इस दिन किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता है, जिसके कारण नगर में आज के दिन भारी संख्या में विवाह कार्य संपन्न हुए। आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि देवउठनी एकादशी से सभी शुभ कार्य शुरू हो गए हैं और यह एक महीने 14 दिसबंर तक चलेंगे। इसके पश्चात खर मास में एक महीने के लिए फिर विवाह बंद रहेंगे और ये 14 जनवरी मकर संक्रांति से पुन: प्रारंभ होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में गाड़ियों को सजाने वाली करीब 15 दुकानें हैं और एक-एक दुकान पर दिनभर में 25 से 30 गाड़ियों को सजाया गया। शहर के फूल विक्रेता दयानंद सैनी ने बताया कि आज गुलाब 200 रुपये किलो के हिसाब व गेंदा 50 रुपये किला के हिसाब से बेचा गया। उन्होंने बताया कि वरमाला 1100 से 2100 रुपये तक में बेची गई। इसी तरह गाड़ियों को सजाने की शुरूआत 1500 रुपये से 5100 रुपये तक रही। उन्होंने बताया कि गाड़ियों को सजाने के लिए ग्राहक की जैसी मांग रही, उसी हिसाब से रुपये रहे। फूल विक्रेता ने बताया कि देवउठनी एकादशी को लेकर शहर के सभी दुकानदारों के पास पांच से दस गाड़ियों की तो एडवांस बुकिंग भी थी। देवउठनी एकादशी को लेकर नगर के सभी मैरिज पैलेस, बैंडबाजे, घोड़ी वाले तथा टेंट हाउस आदि भी बुक रहे।
विज्ञापन
इसे लेकर आचार्य क्रांति निर्मल, गोपाल शास्त्री, पंडित देवकी नंदन तथा आचार्य गगन भारद्वाज ने बताया कि देवउठनी एकादशी अपने आपमें स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। इस दिन किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता है, जिसके कारण नगर में आज के दिन भारी संख्या में विवाह कार्य संपन्न हुए। आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि देवउठनी एकादशी से सभी शुभ कार्य शुरू हो गए हैं और यह एक महीने 14 दिसबंर तक चलेंगे। इसके पश्चात खर मास में एक महीने के लिए फिर विवाह बंद रहेंगे और ये 14 जनवरी मकर संक्रांति से पुन: प्रारंभ होंगे।
विज्ञापन