{"_id":"68b7339726c27024950a46be","slug":"50-millet-and-90-cotton-crops-were-destroyed-in-mahindergarh-narnol-news-c-203-1-sroh1010-119770-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ में 50% बाजरा, 90% कपास की फसल बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: महेंद्रगढ़ में 50% बाजरा, 90% कपास की फसल बर्बाद
Tue, 02 Sep 2025 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:42 PM IST
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। पिछले दस दिन से हो रही बारिश से महेंद्रगढ़ जिले में 50% बाजरा और 90% कपास की फसल बर्बाद होने की आशंका है। जिले में अनुमानित 50 हजार एकड़ में कपास और करीब 3 लाख एकड़ में बाजरे की फसल लगी है।
महेंद्रगढ़ जिले में दो चरणों में कपास व बाजरे की बिजाई की जाती है। अगेती बिजाई की दोनों ही फसलों में बारिश से अधिक नुकसान हुआ है। किसानों ने अगेती बाजरे की फसल कटाई कर खेतों में ही सूखने के लिए छोड़ी थी। वहीं, पछेती बाजरे की फसल खेतों में अभी खड़ी है।
बारिश के कारण फसल बिछने से जमवार शुरू हो चुकी है। अगेती कपास भी पहली चुगाई को तैयार थी लेकिन अब रुई खराब हो चुकी है और टिंडा गलने से बीज अंकुरित होकर फसल खराब होने लगी है जबकि पछेती कपास भी लगातार बारिश से जलभराव के कारण सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
जिले में सामान्य से 112 फीसदी अधिक बारिश
महेंद्रगढ़ जिले में इस बार 1 जून से अब तक 718 मिमी बारिश हुई है जो कि सामान्य बारिश 338.9 मिमी से 112 प्रतिशत अधिक है। यही नहीं, सामान्य से अधिक बारिश के मामले में महेंद्रगढ़ जिला प्रदेशभर में पहले पायदान पर है। अगस्त में कुल 198 मिमी बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक है।
क्या कहते हैं किसान-
-करीब 10 दिन पूर्व बाजरे की अगेती फसल की कटाई कर खेत में सूखने के लिए छोड़ी थी। लगातार बारिश के कारण जमवार होकर सिरटे गल चुके हैं। अब 90 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक पोर्टल भी नहीं खोला गया है। किसान नुकसान का ब्योरा नहीं दर्ज करा पा रहा है।
-किसान सुनील, कोटिया गांव।
.........
-इस बार अधिक बारिश के चलते दोनों ही फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब बारिश का सीजन इतना लंबा चला है। अब दोनों ही फसलें पककर तैयार थीं। प्रदेश सरकार से मांग है कि बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी करा किसानों को मुआवजा देकर सकंट की घड़ी में मदद की जाए।
-किसान विक्रम, निवासी कनीना।
वर्जन-
-क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया गया है। उपमंडल अधिकारी को वर्तमान फसलों की स्थिति से अवगत कराया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण फसलों में काफी नुकसान की आशंका है।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि एवं किसान कल्याण अधिकारी महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ जिले में दो चरणों में कपास व बाजरे की बिजाई की जाती है। अगेती बिजाई की दोनों ही फसलों में बारिश से अधिक नुकसान हुआ है। किसानों ने अगेती बाजरे की फसल कटाई कर खेतों में ही सूखने के लिए छोड़ी थी। वहीं, पछेती बाजरे की फसल खेतों में अभी खड़ी है।
विज्ञापन
बारिश के कारण फसल बिछने से जमवार शुरू हो चुकी है। अगेती कपास भी पहली चुगाई को तैयार थी लेकिन अब रुई खराब हो चुकी है और टिंडा गलने से बीज अंकुरित होकर फसल खराब होने लगी है जबकि पछेती कपास भी लगातार बारिश से जलभराव के कारण सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
जिले में सामान्य से 112 फीसदी अधिक बारिश
महेंद्रगढ़ जिले में इस बार 1 जून से अब तक 718 मिमी बारिश हुई है जो कि सामान्य बारिश 338.9 मिमी से 112 प्रतिशत अधिक है। यही नहीं, सामान्य से अधिक बारिश के मामले में महेंद्रगढ़ जिला प्रदेशभर में पहले पायदान पर है। अगस्त में कुल 198 मिमी बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक है।
क्या कहते हैं किसान-
-करीब 10 दिन पूर्व बाजरे की अगेती फसल की कटाई कर खेत में सूखने के लिए छोड़ी थी। लगातार बारिश के कारण जमवार होकर सिरटे गल चुके हैं। अब 90 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक पोर्टल भी नहीं खोला गया है। किसान नुकसान का ब्योरा नहीं दर्ज करा पा रहा है।
-किसान सुनील, कोटिया गांव।
.........
-इस बार अधिक बारिश के चलते दोनों ही फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पहली बार ऐसा हुआ है जब बारिश का सीजन इतना लंबा चला है। अब दोनों ही फसलें पककर तैयार थीं। प्रदेश सरकार से मांग है कि बर्बाद फसलों की विशेष गिरदावरी करा किसानों को मुआवजा देकर सकंट की घड़ी में मदद की जाए।
-किसान विक्रम, निवासी कनीना।
वर्जन-
-क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया गया है। उपमंडल अधिकारी को वर्तमान फसलों की स्थिति से अवगत कराया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण फसलों में काफी नुकसान की आशंका है।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि एवं किसान कल्याण अधिकारी महेंद्रगढ़।