फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   गले की फांस बनी क्रेशरों की डस्ट, ग्रामीण हुए एकजुट

गले की फांस बनी क्रेशरों की डस्ट, ग्रामीण हुए एकजुट

Sun, 20 May 2018 01:04 AM IST
Updated Sun, 20 May 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
गले की फांस बनी क्रेशरों की डस्ट, ग्रामीण हुए एकजुट
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नांगल चौधरी।
क्रशरों से उड़ने वाली धूल से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को जिला पार्षद रेनू मूलोदी के पिता विनोद मूलोदी की अध्यक्षता में बैठक की जिसमें जिला प्रशासन को एक सप्ताह में क्रशरों के मापदंड पूरे कराने का अल्टीमेटम दिया। अन्यथा नारनौल-धोलेड़ा सड़क मार्ग को जाम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि धोलेड़ा, जैनपुर, गांगोताना, बायल, बखरीजा में 60 से अधिक क्रशर स्थापित हो चुके। खातोलाी के पास 60 से अधिक क्रशरों की एनओसी रिलीज हो चुकी। लेकिन अधिकतर क्रशरों पर विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों की पालना नहीं हो रही। पत्थर पिसाई के दौरान पानी का छिड़काव नहीं करते जिस कारण मेघोत बींजा, धोलेड़ा, सरेली, इस्लामपुर, बिगोपुर गांव में धूल उड़ने की समस्या बढ़ गई। इसके अलावा बखरीजा की माइनों में निर्धारित मापदंडों का ताक पर रखकर खनन हो रहा है। करीब 140 फीट गहरी खदान में हैवी ब्लास्टिंग का इस्तेमाल होता है। ड्रिलिंग करते समय मेघोत बींजा के मकानों में कंपन होने लगता है। 20 से अधिक मकानों की दीवार व छत में दरार पड़ चुकी हैं। इसके चलते ग्रामीणों को जानलेवा खतरा उत्पन्न हो गया। समस्या से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत करवा चुके, उन्होंने 5-7 दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया था। दो महीने बीतने के बावजूद समस्या जस की तस बनी है जिससे आक्रोशित ग्रामीणों वार्ड के डेलीगेट, सरपंच, जिला पार्षदों को स्थिति से अवगत कराया।
विज्ञापन

सात दिन का दिया अल्टीमेटम
आपसी सहमति होने पर शनिवार सुबह 10 बजे जिला पार्षद रेनू मूलोदी के आवास पर विनोद यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें जिला प्रशासन को सात दिन में क्रशरों के मापदंड चेक करने और कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद पांच गांवों के ग्रामीण संयुक्त रूप से नारनौल-धोलेड़ा सड़क मार्ग पर धरना देंगे। इस मौके पर जिला पार्षद राजेश यादव, युवा समाजसेवी हेमंत बिगोपुर, बीरसिंह पूर्व सरपंच मेघोत बींजा, मनपाल, कालूराम डेलीगेट, मुनेश, रामचंद्र, राकेश पहलवान, सुरजभान नंबरदार, चंद्रभान नंबरदार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन पर लगाए मिलीभगत के आरोप
उन्होंने कहा कि धूल उड़ने के गांवों में दमा, टीबी, एलर्जी, आंखों से संबंधित मरीज बढ़ गए हैं। समाधान को लेकर ग्रामीण धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम कर चुके हैं। लेकिन प्रशासनिक की मिलीभगत के चलते क्रशरों पर मापदंडों की अनदेखी हो रही है। इस मामले में कार्रवाई होने तक ग्रामीणों का संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed