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प्रॉपर्टी सर्वे में रुकावट डालने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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नारनौल। नगर परिषद शहर में नए सिरे से प्रॉपर्टी का सर्वे करा रहा है, जिससे नप क्षेत्र में वास्तविक प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी मिल सके। इसके साथ ही इस बार सर्वे में जीआईएस और ड्रोन की मदद ली जा रही है। हालांकि शहर में सर्वे कार्य जोर नहीं पकड़ पा रहा है। लोग सर्वे टीम को प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी नहीं दे रहे हैं और कर्मचारियों ने विवाद कर रहे हैं। ऐसे में नप ने प्रॉपर्टी सर्वे में रुकावट डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। नप पहले कारण बताओ नोटिस देगा और जरूरत पड़ी को केस भी दर्ज कराएगा।
नगर परिषद नारनौल ने साल 2012-13 में प्रॉपर्टी का सर्वे कराया था। इसके बाद से काफी संख्या में मकान और दुकानें बन गई। लेकिन, इसका रिकार्ड नप के पास नहीं है। ऐसे में टैक्स कलेक्शन में नप को परेशानी होती और राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके देखते हुए जीआईएस और ड्रोन के जरिए सर्वे कराया जा रहा है, ताकि हर प्रकार की प्रॉपर्टी की जानकारी लेकर डिजिटल किया जा सके। इस कार्य को शुरू हुए करीब दो माह हो गया है लेकिन सर्वे की गति पकड़ नहीं पा रही है। सर्वे टीम को लोग प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी नहीं देने में आनाकानी कर रहे हैं। सर्वे टीम के साथ तीन-चार जगहों पर विवाद हो चुका है। मौके पर पहुंचे नप अधिकारियों ने मामले को शांत कराया और लोगों से सर्वे के दौरान मांगी जा रही जानकारी देने को कहा। इसके बाद भी कुछ लोग इस कार्य में एजेंसी का सहयोग नहीं कर रहे हैं। बता दें कि अभी नगर परिषद क्षेत्र में कुल 38 हजार प्रॉपर्टीज है।
प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी नहीं दे रहे हैं लोग
सर्वे टीम प्लॉट की साइज, पानी का बिल, सीवर का बिल, रजिस्ट्री की कापी, किराएदार के बारे में, दुकान के लाइसेंस और पहले जमा हुए हाउस टैक्स समेत अन्य जानकारी ले रही है। अभी कई लोगों ने घरों में दुकान और बुटिक का कार्य कर रहे हैं। जबकि, इसके लिए नप को टैक्स देना होता है। अब इस प्रकार की जानकारी टीम मांग रही है तो लोगों को परेशानी हो रही है। क्यों उन्हें अब पहले से अधिक टैक्स देना होगा। क्यों पूरा रिकार्ड नप के पास होगा। ऐसे में कुछ कई वास्तविक जानकारी देने से कतरा रहे हैं। सर्वे टीम का कहना है कि लोग आईडी देने से बच रहे हैं और नेताओं की धौंस दिखाते हैं। इसे कार्य में तेजी नहीं आ रही है। कुछ प्लॉट की साइज लेने भी रोकते हैं।
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कुछ लोग नप के प्रॉपर्टी सर्वे में सहयोग नहीं कर रहे। टीम के साथ विवाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। लोगों के सहयोग न करने से सर्वे का कार्य धीमी गति से चल रहा है। बेहतर होगा कि सर्वे कार्य में लोग सहयोग दें।
- वैभव शर्मा, टैक्स इंस्पेक्टर, नप
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नगर परिषद नारनौल ने साल 2012-13 में प्रॉपर्टी का सर्वे कराया था। इसके बाद से काफी संख्या में मकान और दुकानें बन गई। लेकिन, इसका रिकार्ड नप के पास नहीं है। ऐसे में टैक्स कलेक्शन में नप को परेशानी होती और राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके देखते हुए जीआईएस और ड्रोन के जरिए सर्वे कराया जा रहा है, ताकि हर प्रकार की प्रॉपर्टी की जानकारी लेकर डिजिटल किया जा सके। इस कार्य को शुरू हुए करीब दो माह हो गया है लेकिन सर्वे की गति पकड़ नहीं पा रही है। सर्वे टीम को लोग प्रॉपर्टी से संबंधित जानकारी नहीं देने में आनाकानी कर रहे हैं। सर्वे टीम के साथ तीन-चार जगहों पर विवाद हो चुका है। मौके पर पहुंचे नप अधिकारियों ने मामले को शांत कराया और लोगों से सर्वे के दौरान मांगी जा रही जानकारी देने को कहा। इसके बाद भी कुछ लोग इस कार्य में एजेंसी का सहयोग नहीं कर रहे हैं। बता दें कि अभी नगर परिषद क्षेत्र में कुल 38 हजार प्रॉपर्टीज है।
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प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी नहीं दे रहे हैं लोग
सर्वे टीम प्लॉट की साइज, पानी का बिल, सीवर का बिल, रजिस्ट्री की कापी, किराएदार के बारे में, दुकान के लाइसेंस और पहले जमा हुए हाउस टैक्स समेत अन्य जानकारी ले रही है। अभी कई लोगों ने घरों में दुकान और बुटिक का कार्य कर रहे हैं। जबकि, इसके लिए नप को टैक्स देना होता है। अब इस प्रकार की जानकारी टीम मांग रही है तो लोगों को परेशानी हो रही है। क्यों उन्हें अब पहले से अधिक टैक्स देना होगा। क्यों पूरा रिकार्ड नप के पास होगा। ऐसे में कुछ कई वास्तविक जानकारी देने से कतरा रहे हैं। सर्वे टीम का कहना है कि लोग आईडी देने से बच रहे हैं और नेताओं की धौंस दिखाते हैं। इसे कार्य में तेजी नहीं आ रही है। कुछ प्लॉट की साइज लेने भी रोकते हैं।
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कुछ लोग नप के प्रॉपर्टी सर्वे में सहयोग नहीं कर रहे। टीम के साथ विवाद कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। लोगों के सहयोग न करने से सर्वे का कार्य धीमी गति से चल रहा है। बेहतर होगा कि सर्वे कार्य में लोग सहयोग दें।
- वैभव शर्मा, टैक्स इंस्पेक्टर, नप