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शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी को लगाई फटकार
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महेंद्रगढ़। हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा 134 ए के तहत आ रही समस्याओं को लेकर निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ सख्त दिखे तथा जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सांगवान को भी फटकार लगाई। रविवार को
134-ए के तहत प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर परिजन शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा से मिले और उनको एक ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही एक शपथ पत्र भी दिया जिसमें 17 परिजनों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग भी की। इस मौके पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी को फोन कर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जो भी निजी स्कूल बच्चों के साथ भेदभाव कर रहा है उसके खिलाफ नोटिस जारी करें। चाहे वो कितना भी बड़ा स्कूल क्यों न हो। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को सरकार पैसे दे रही वो बच्चों को पढ़ाकर अहसान नहीं कर रहे। सरकार ने शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित फीस भी बढ़ाई है। अगर वो फिर भी नहीं मानते हैं तो एक दो स्कूल की मान्यता रद्द करने की लिखे। मात्र दस मिनट में मान्यता रद्द हो जाएगी।
परिजनों ने ज्ञापन में बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को एडमिशन 134 ए के तहत यदुवंशी स्कूल में एडमिशन करवाया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों से स्कूल में दुर्व्यवहार और भेदभाव किया जाता है। बच्चों का न तो प्रार्थना सभा में लेकर जाते और न ही उनसे एक्टिविटी करवाते। प्रार्थना सभा के दौरान 134 ए के सभी विद्यार्थियों को एक कमरे में बैठा देते हैं। प्रार्थना के बाद उनको कक्षा में बैठने देते हैं। इतना ही नहीं स्कूल की छुट्टी होने का समय 2.40 बजे का है लेकिन 134 ए के बच्चों की छुट्टी 12 बजे ही कर देते हैं। मात्र पांच पीरियड उनकी पढ़ाई करवाते हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को अध्यापक फीस के लिए प्रताड़ित करते हैं और कई बार बच्चों को कक्षा से बाहर कर देते हैं। अध्यापकों की प्रताड़ना के चलते बच्चे स्कूल जाने से मना करने लगे हैं। परिजनों ने बताया कि वो इस संबंध में प्राचार्य एवं डायरेक्टर से मिल चुके हैं, उनसे ऐसा न करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उसके बाद भी बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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134-ए के तहत प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर परिजन शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा से मिले और उनको एक ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही एक शपथ पत्र भी दिया जिसमें 17 परिजनों के हस्ताक्षर थे। उन्होंने निजी स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग भी की। इस मौके पर शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी को फोन कर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जो भी निजी स्कूल बच्चों के साथ भेदभाव कर रहा है उसके खिलाफ नोटिस जारी करें। चाहे वो कितना भी बड़ा स्कूल क्यों न हो। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों को सरकार पैसे दे रही वो बच्चों को पढ़ाकर अहसान नहीं कर रहे। सरकार ने शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित फीस भी बढ़ाई है। अगर वो फिर भी नहीं मानते हैं तो एक दो स्कूल की मान्यता रद्द करने की लिखे। मात्र दस मिनट में मान्यता रद्द हो जाएगी।
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परिजनों ने ज्ञापन में बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को एडमिशन 134 ए के तहत यदुवंशी स्कूल में एडमिशन करवाया हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चों से स्कूल में दुर्व्यवहार और भेदभाव किया जाता है। बच्चों का न तो प्रार्थना सभा में लेकर जाते और न ही उनसे एक्टिविटी करवाते। प्रार्थना सभा के दौरान 134 ए के सभी विद्यार्थियों को एक कमरे में बैठा देते हैं। प्रार्थना के बाद उनको कक्षा में बैठने देते हैं। इतना ही नहीं स्कूल की छुट्टी होने का समय 2.40 बजे का है लेकिन 134 ए के बच्चों की छुट्टी 12 बजे ही कर देते हैं। मात्र पांच पीरियड उनकी पढ़ाई करवाते हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को अध्यापक फीस के लिए प्रताड़ित करते हैं और कई बार बच्चों को कक्षा से बाहर कर देते हैं। अध्यापकों की प्रताड़ना के चलते बच्चे स्कूल जाने से मना करने लगे हैं। परिजनों ने बताया कि वो इस संबंध में प्राचार्य एवं डायरेक्टर से मिल चुके हैं, उनसे ऐसा न करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उसके बाद भी बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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