फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   जिला नागरिक अस्पताल के कंट्रोल बॉक्स में शार्ट सर्किट से लगी आग,17 घंटे बाद बहाल हुई बिजली

जिला नागरिक अस्पताल के कंट्रोल बॉक्स में शार्ट सर्किट से लगी आग,17 घंटे बाद बहाल हुई बिजली

Tue, 04 Dec 2018 12:38 AM IST
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल के कंट्रोल बॉक्स में शार्ट सर्किट से लगी आग,17 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। जिला नागरिक अस्पताल में रविवार की रात साढे़ 11 बजे कंट्रोल बाक्स (बिजली घर) में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे अस्पताल की बिजली रात में गुल हो गई और सोमवार की शाम करीब पांच बजे बहाल हो सकी। आग के कारण रात में सर्जिकल वार्ड में धुआं होने से अफरा तफरी मच गई और सभी महिलाओं को दूसरे बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। दूसरी ओर सोमवार को अस्पताल में ओपीडी, ऑपरेशन, गायनी व एक्सरे समेत अन्य सेवाएं प्रभावित हुई।
जिला नागरिक अस्पताल के पीछे एक कमरे में बिजली घर बना हुआ है। गायनी वार्ड के पीछे स्थित थ्री फेस बिजली हाउस में रविवार देर रात करीब 11:30 बजे शार्ट-सर्किट से आग लग गई। इससे अचानक पूरे अस्पताल में अंधेरा छा गया। आग में तीन एसी, पैनल समेत तमाम बिजली उपकरण जल गए। इसके साथ लगते गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर की तमाम वायर भी जल गए। धुआं सर्जिकल वार्ड में प्रवेश करने लगा। जिसके कारण अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और डॉक्टर व स्टाफ मौके पर पहुंच गए। आग की सूचना मिलते ही एक फायर विभाग की गाड़ी मौके पर गई और करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया गया। आग की लपटे गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर तक पहुंच गई, लेकिन सौभाग्य रहा कि इस दौरान ओटी में कोई मरीज नहीं था। आग लगने से स्वास्थ्य विभाग के करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हो गया। इससे सोमवार को आपरेशन थिएटर व गायनी वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, एक्स-रे रूम, आधार कार्ड कक्ष, प्रयोगशालाओं में कामकाज पूर्णतया ठप रहा।
विज्ञापन


बुधवार तक नहीं हो पाएंगे ऑपरेशन
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर रूम को दोबारा से सुचारू रूप से शुरू करने के लिए कम से कम 48 घंटे का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि ओटी में कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन धुआं भर जाने से गंदा हो गया है। उन्होंने बताया कि डॉ. डीपी यादव द्वारा सप्ताह में बुधवार व शुक्रवार को मरीजों का ऑपेरशन होता है। ऐसे में बुधवार को मरीजों का ऑपरेशन होना संभव नहीं है। दूसरा सिजेरियन केस में भी ऑपरेशन नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


डिलिवरी के लिए भर्ती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में किया रेफर
आग से गायनी वार्ड के आपरेशन थिएटर के तमाम वायर जल गई हैं। अब आपरेशन थिएटर में नए सिरे से फिटिंग करवानी होगी। इस कार्य में दो-तीन दिन का समय लगेगा। ऐसे में यहां डिलिवरी के लिए भर्ती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया है। डिलिवरी हो चुकी महिलाओं को दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किया गया है। सोमवार को नए मरीज भर्ती नहीं किए गए।

चिकित्सकों ने मोमबत्ती की रोशनी में देखी ओपीडी
बिजली गुल हो जाने से जिला अस्पताल में दिन से समय भी अंधेरा छाया रहा। चिकित्सकों ने मोमबत्ती जलाकर ओपीडी देखी। इससे चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली के अभाव में कागजी कार्य भी मोमबत्ती की रोशनी व मोबाइल के टार्च में निपटाते देखा गया।

यह सेवाएं रही प्रभावित
एक्स-रे-अस्पताल में दो एक्सरे मशीन है। बड़ी मशीन पुराने भवन में है। ऐसे में सोमवार को कई मरीजों को बिना एक्सरे के वापस भेज दिया गया। इसमें पेंशन पाने वाले बुजुर्ग थी शामिल थे। अल्ट्रासाउंड-बिजली न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। इससे गर्भवती महिलाओं को असुविधा हुई। हालांकि इससे ब्लड बैंक और लैब सेवा पर सीधा असर नहीं पड़ा लेकिन सावधानी बरतने हुए फ्रीज को नहीं खोला गया। अस्पताल में मरीजों का कार्ड ऑनलाइन बनता है। ऐसे में सोमवार को ओपीडी कार्ड मैनुअल बनाया गया। अस्पताल में बच्चे के आधार कार्ड बनाया जाता है। यह सेवा भी प्रभावित हुई।

कोई जच्चा तो कोई बच्चा बचाने में लग गया
अस्पताल में आग के कारण धुुआं पहले मंजिल पर स्थित सर्जिकल वार्ड में फैल गया। इससे गायनी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने महिलाओं के परिजनों से कहा कि पहले अपने नवजात बच्चे को लेकर वार्ड से बाहर आ जाए। लोगों ने बताया कि रात 12 बजे से लेकर भोर तीन बजे तक सभी अपने जच्चा-बच्चा को संभालने में लगे रहे। धुएं के कारण नजवात बच्चे सोमवार को सही तरीके से मां का दूध भी नहीं पी सके। अस्पताल प्रबंधन ने गायनी वार्ड की सिजेरियन डिलिवरी वाली सभी महिलाओं को पास के दूसरी भवन में शिफ्ट कर दिया है। दूसरा सोमवार को कोई भी सिजेरियन व सामान्य गर्भवती महिला को भी भर्ती नहीं किया। अस्पताल में रोजाना करीब आठ से 10 केस सिजेरियन हो जाते हैं।

अपने शिशु के साथ रात को सोई हुई थी तभी जोर-जोर से शोर आने लगा और उन्हें किसी ने जगाया और कहा कि आग लग गई है। तुरंत सर्जिकल वार्ड से नई बिल्डिंग के वार्ड में में शिफ्ट किया गया। दम घुटने की वजह से रात को बच्चे ने दूध नहीं पिया। जिसके कारण वजन काफी कम हो गया।
- कविता देवी, गांव सराय

भतीजे की पत्नी को बच्चा पैदा हुआ था। जिसे सर्जिकल वार्ड में रखा गया था। रात को वे लोग सो रहे थे तभी अचानक खबर लगी कि अस्पताल में आग लगी है। वह एकदम से घबरा गई और शिशु को उठाकर बाहर की ओर भागने लगी।
- संतोष देवी, दोहर कलां

अचानक आग की सूचना मिलते ही खतरनाक दृश्य सामने आने लगे। वह घबरा गई और बच्चे व बहु को किसी प्रकार बाहर ले गई। रात 12 बजे से तीन बजे तक सो नहीं सकी।
- कांता देवी, सुभाष नगर

रात में अचानक कमरे धुआं आने लगा और दम घुटने लगा। इसके बाद वार्ड में हलचल मच गई। डॉक्टरों व नर्स ने स्टेचर से दूसरे भवन में शिफ्ट किया। इससे वह लोग डर गए।

- फूली देवी, नारनौल

वर्जन
बिजली पैनल को सोमवार की शाम करीब पांच बजे तक ठीक करा दिया गया है। गायनी में सर्जिकल वार्ड को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया था। अब दोबारा से गायनी वार्ड में लाया जाएगा। ओटी के आधे पार्ट को ठीक कराया गया है और छोटे जेनसेट का भी इंतजाम किया जा रहा है। अब सभी सेवाएं सामान्य हो रही हैं।
- डॉ. आशा शर्मा, एमएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed