{"_id":"5a1320c74f1c1bd9798bdc49","slug":"21511203015-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महेंद्रगढ़ के कॉलेजों में होगी ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महेंद्रगढ़ के कॉलेजों में होगी ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन पढ़ाई
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महेंद्रगढ़ के कॉलेजों में होगी ई लर्निंग डिजिटलाइज पढ़ाई
-प्रदेश में 42 महाविद्यालयों में होगी ई लर्निंग पढ़ाई
-ऑनलाइन तबादले के बाद शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की दूसरी बड़ी पहल
फोटो संख्या:50
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। शहर के कॉलेज जल्द ही ई लर्निंग डिजिटलाइज किए जाएंगे। उसके बाद विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए 18 नवंबर को चंडीगढ़ में हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय सिंह दहिया और कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) के चेयरमैन के बीच एमओयू साइन हुआ है। यह एमओयू साइन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा की मौजूदगी में हुआ। इसके तहत महाविद्यालयों में 97 विषयों की अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। एमओयू के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी ऑडियो और वीडियो के माध्यम से इसका लाभ उठा सकेंगे। यह सेवा प्रदेश के 42 ऐसे महाविद्यालयों में शुरू होगी, जिनमें राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से ग्रांट आती हैं। इनमें महेंद्रगढ़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय दोनों को शामिल किया गया है।
हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बना
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि हरियाणा ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन अपनाने वाला देश का पहला राज्य बना गया है। ई लर्निंग शुरू होने के बाद महाविद्यालयों में डिजिटल पढ़ाई होगी। 97 विषयों की सामग्री अपलोड की जाएगी। 44 हजार घंटे की अध्ययन सामग्री को 3 हजार लेक्चरर्स ने तैयार की है। इस सामग्री के तैयार होने से पहले प्रत्येक विषय के दो एक्सपर्ट्स ने इनका मूल्यांकन किया। इसको महाविद्यालय के पोर्टल पर भी डाला जाएगा। इसको डाउनलोड कर ऑफलाइन भी पढ़ा जा सकेगा।
ऑफलाइन से होगा विद्यार्थियों को फायदा
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ऑनलाइन तबादले नीति के बाद अब यह दूसरी बड़ी ऑनलाइन पॉलिसी प्रदेश में लागू कर रहे हैं। शर्मा ने प्रदेश के कॉलेजों में वाईफाई सुविधा पहले ही उपलब्ध करवा दी थी अब ई लर्निंग पढ़ाई पर भी जोर दे रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक कॉलेज में कान्फ्रेंस हॉल या लाइब्रेरी में एक प्रोजेक्टर लगाया जाएगा। उस प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा हेड फोन की भी कानफ्रेंस हॉल में सुविधा की जाएगी।
विज्ञापन
ऑफलाइन से होगा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फायदा
प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि वैसे तो ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन का जमाना है। आज के आधुनिक युग में इस प्रकार की चीजें जरूरी हो गई हैं। इससे पढ़ाई का भी सरलीकरण होगा। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन अध्ययन सामग्री से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फायदा होगा। संपन्न विद्यार्थी घर पर या स्मार्ट फोन के माध्यम से उसकी पढ़ाई कर सकेंगे लेकिन गरीब विद्यार्थियों के पास एंड्रायड फोन या लैपटॉप नहीं होने की वजह से वो ई लर्निंग पढ़ाई नहीं कर पाएंगी। इसलिए सरकार ने उनके लिए ऑफलाइन सिस्टम भी लागू किया है।
विज्ञापन
-प्रदेश में 42 महाविद्यालयों में होगी ई लर्निंग पढ़ाई
-ऑनलाइन तबादले के बाद शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की दूसरी बड़ी पहल
फोटो संख्या:50
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। शहर के कॉलेज जल्द ही ई लर्निंग डिजिटलाइज किए जाएंगे। उसके बाद विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए 18 नवंबर को चंडीगढ़ में हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय सिंह दहिया और कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) के चेयरमैन के बीच एमओयू साइन हुआ है। यह एमओयू साइन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा की मौजूदगी में हुआ। इसके तहत महाविद्यालयों में 97 विषयों की अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। एमओयू के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी ऑडियो और वीडियो के माध्यम से इसका लाभ उठा सकेंगे। यह सेवा प्रदेश के 42 ऐसे महाविद्यालयों में शुरू होगी, जिनमें राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) से ग्रांट आती हैं। इनमें महेंद्रगढ़ के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय दोनों को शामिल किया गया है।
हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बना
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि हरियाणा ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन अपनाने वाला देश का पहला राज्य बना गया है। ई लर्निंग शुरू होने के बाद महाविद्यालयों में डिजिटल पढ़ाई होगी। 97 विषयों की सामग्री अपलोड की जाएगी। 44 हजार घंटे की अध्ययन सामग्री को 3 हजार लेक्चरर्स ने तैयार की है। इस सामग्री के तैयार होने से पहले प्रत्येक विषय के दो एक्सपर्ट्स ने इनका मूल्यांकन किया। इसको महाविद्यालय के पोर्टल पर भी डाला जाएगा। इसको डाउनलोड कर ऑफलाइन भी पढ़ा जा सकेगा।
विज्ञापन
ऑफलाइन से होगा विद्यार्थियों को फायदा
शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ऑनलाइन तबादले नीति के बाद अब यह दूसरी बड़ी ऑनलाइन पॉलिसी प्रदेश में लागू कर रहे हैं। शर्मा ने प्रदेश के कॉलेजों में वाईफाई सुविधा पहले ही उपलब्ध करवा दी थी अब ई लर्निंग पढ़ाई पर भी जोर दे रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक कॉलेज में कान्फ्रेंस हॉल या लाइब्रेरी में एक प्रोजेक्टर लगाया जाएगा। उस प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा हेड फोन की भी कानफ्रेंस हॉल में सुविधा की जाएगी।
विज्ञापन
ऑफलाइन से होगा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फायदा
प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि वैसे तो ई लर्निंग डिजिटलाइजेशन का जमाना है। आज के आधुनिक युग में इस प्रकार की चीजें जरूरी हो गई हैं। इससे पढ़ाई का भी सरलीकरण होगा। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन अध्ययन सामग्री से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फायदा होगा। संपन्न विद्यार्थी घर पर या स्मार्ट फोन के माध्यम से उसकी पढ़ाई कर सकेंगे लेकिन गरीब विद्यार्थियों के पास एंड्रायड फोन या लैपटॉप नहीं होने की वजह से वो ई लर्निंग पढ़ाई नहीं कर पाएंगी। इसलिए सरकार ने उनके लिए ऑफलाइन सिस्टम भी लागू किया है।