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बीमारियों को बढ़ावा दे रहे खुले नलकूप
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:48 AM IST
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बीमारियों को बढ़ावा दे रहे खुले नलकूप
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। पेयजल सुविधा को लेकर अधिकांश ग्रामीणों ने घरों में नलकूप लगवा लिए है। लेकिन, टोेंटी नहीं लगवाने के कारण नलकी में जहरीले कीटाणु की संभावना बढ़ गई। इसके दूषित पानी का दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। यह बात जल संरक्षण एवं स्वच्छता मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर इंद्रजीत ने एक विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि नाबार्ड परियोजना के तहत अधिकांश गांवों में नहरी पानी पहुंच चुका। लेकिन, वितरण प्रक्रिया में ग्रामीणों का सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा। अधिकतर उपभोक्ता नलकूपों पर टोेंटी नहीं लगवाते। खुली नलकी में कीड़े-मकोड़े आदि जीव प्रवेश कर जाएंगे। सप्लाई के दौरान कीटाणु मटके या टब के पानी में घुलनशील हो जाएंगे। इस जहरीले पेयजल से डायरिया, चर्म, एलर्जी आदि घातक बीमारी फैलने का खतरा रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों को घरों में सोखते गड्ढे खुदवाने की हिदायत दी, ताकि गांव में स्वच्छता एवं पेयजल सुविधा बनी रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। पेयजल सुविधा को लेकर अधिकांश ग्रामीणों ने घरों में नलकूप लगवा लिए है। लेकिन, टोेंटी नहीं लगवाने के कारण नलकी में जहरीले कीटाणु की संभावना बढ़ गई। इसके दूषित पानी का दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ेगा। यह बात जल संरक्षण एवं स्वच्छता मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर इंद्रजीत ने एक विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि नाबार्ड परियोजना के तहत अधिकांश गांवों में नहरी पानी पहुंच चुका। लेकिन, वितरण प्रक्रिया में ग्रामीणों का सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा। अधिकतर उपभोक्ता नलकूपों पर टोेंटी नहीं लगवाते। खुली नलकी में कीड़े-मकोड़े आदि जीव प्रवेश कर जाएंगे। सप्लाई के दौरान कीटाणु मटके या टब के पानी में घुलनशील हो जाएंगे। इस जहरीले पेयजल से डायरिया, चर्म, एलर्जी आदि घातक बीमारी फैलने का खतरा रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों को घरों में सोखते गड्ढे खुदवाने की हिदायत दी, ताकि गांव में स्वच्छता एवं पेयजल सुविधा बनी रहे।