{"_id":"5862ae794f1c1b8640eecb39","slug":"2016-education-protest-univercity-21-school","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा: जिले का उपलब्धियों और आंदोलनों से रहा नाता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा: जिले का उपलब्धियों और आंदोलनों से रहा नाता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:40 PM IST
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2016 में शिक्षा
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शिक्षा के क्षेत्र में महेंद्रगढ़-नारनौल के लिए साल 2016 उपलब्धियों के साथ आंदोलनों का भी रहा। इस वर्ष प्रदेश सरकार ने जिले के 21 स्कूलों का अपग्रेड किया। जिले के विद्यार्थियों ने आईआईटी परीक्षा से लेकर आईएएस की परीक्षा तक शानदार सफलता हासिल की। केंद्र और प्रदेश सरकार ने कई कोर्स, ग्रांट महेंद्रगढ़ के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए अभियान के तहत प्रदेश सरकार ने महेंद्रगढ़ और नारनौल महिला कॉलेज को पीजी कोर्स की मंजूरी दी। सबसे बड़ी बात सरकार ने कोर्स तो बढ़ाए परंतु कॉलेज में स्टाफ की कमी रही। सीयूएच एक नाटक के माध्यम से सैनिकों पर कटाक्ष करने वाले मामले में चर्चाओं में रहा।
बेटियों पर रही मेहरबानी, स्टॉफ की रही कमी
प्रदेश सरकार वर्ष-2016 में बेटियों पर ही मेहरबान रही। इस वर्ष महेंद्रगढ़ महिला कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ की गई। कॉलेज में एमए अंग्रेजी, भूगोल और एमकॉम डिग्री कोर्स शुरू किए गए। इसी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की 80 सीटें भी बढ़ाई गई थी। इसके अलावा महिला कॉलेज नारनौल में एमए मैथ और एमए अंग्रेजी की कक्षाएं प्रारंभ की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कृष्ण नगर कॉलेज में साइंस कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की थी जो अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। महेंद्रगढ़ में प्रदेश सरकार ने कोर्स तो बढ़ा दिए लेकिन सभी कॉलेजों स्टाफ की कमी है। स्टाफ की कमी के कारण अस्थायी लेक्चरर लगाए गए हैं। महेंद्रगढ़ के महिला कॉलेज में मात्र चार लेक्चरर का स्टाफ है जबकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साइंस का पूरा स्टाफ खाली है। इसके अलावा जिले में किसी भी कॉलेज में रेगुलर प्रिंसिपल नहीं है। सभी कॉलेजों में लेक्चरर को ही प्रिंसिपल का चार्ज दिया हुआ है।
ऐसे रहा शिक्षा विभाग चर्चा में
गांव निवाज नगर के प्राथमिक पाठशाला का भवन जर्जर होने के कारण मुख्य अध्यापक ने स्कूल को उसी गांव के मिडिल स्कूल में मर्ज कर दिया। ग्रामीण अपने छोटे बच्चों को उसी स्कूल में पढ़वाना चाहते थे। मिडिल स्कूल ग्रामीणों के छोटे बच्चों के लिए दूर और बीच में बड़ी सड़क को क्रास कर जाना पड़ता था। इसके लिए ग्रामीणों ने स्कूल को ताला लगाया दिया था। कुछ दिनों तक शिक्षा विभाग और ग्रामीणों के बीच तनातनी रही। ग्रामीणों ने अपने बच्चे भेजने से मना कर दिया था। इसके अलावा गांव नांगल माला में भी अध्यापकों के तबादले को लेकर बच्चों के परिजनों ने गांव के प्राथमिक स्कूल को ताला लगा दिया था। हाल ही में गांव भांडोर ऊंची मिडिल स्कूल की शिक्षिका ने स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा का झूठा मेडिकल बना दिया और उसे करनाल में राज्य स्तरीय लंबी कूद में खेलने जाने से वंचित कर दिया था। इसके अलावा गांव बुचावास के स्कूल में अध्यापक और पीटीआई का आपस का झगड़ा भी दो-तीन दिन सुर्खियों में रहा।
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एक पौधा एक एडिमशन अभियान
जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन के लिए जिले में एक अभियान चलाया था। इस अभियान मतलब था कि एक एडमिशन पर एक पौधा लगाना। इस अभियान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी लावनिया ने सभी स्कूलों में निर्देश जारी किए और उसके बाद अभियान को सफलता भी मिली। जिले में सरकारी स्कूलों में लगभग 2000 से 2500 बच्चों का नया एडमिशन हुआ। इतने ही पौधे विभिन्न स्कूलों में लगाए गए ।
वर्ष के अंत में सीयूएच रही चर्चा में
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय इस वर्ष भी सुर्खियों में रहा। हकेंविवि में कवयित्री महाश्वेता देवी के जन्मदिवस को लेकर 21 सितंबर को द्रोपदी नामक नाटक का अंग्रेजी भाषा में मंचन किया गया। नाटक के मंचन में भारतीय सैनिकों को रेपिस्ट दिखाया गया, वो भी उस समय जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात थे। सैनिक सम्मान संघर्ष समिति ने इस मंचन का विरोध किया और करीब 26 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद हकेंविवि के वीसी आरसी. कुहाड़ ने एक जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दो प्रोफेसर को नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी और एक प्रोफेसर का इंक्रीमेंट रोक दिया गया।
परीक्षा परिणाम
महेंद्रगढ़ जिले का बोर्ड कक्षाओं में शानदार प्रदर्शन रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में महेंद्रगढ़ टॉप-3 में रहा। इसी जिले की बेटी आन्या दसवीं कक्षा में प्रदेश की टॉपर छात्रा रही। इसके अलावा आईआईटी और पीएमटी में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
हकेंविवि में ये कोर्स शुरू हुए
हकेंविवि का यह वर्ष बहुत ही शानदार रहा। विश्वविद्यालय आईआईटी से बीटेक के चार नए कोर्स शुरू किए गए। इन कोर्स में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग शामिल हैं। इसके अलावा विवि को बीएड कक्षाओं के लिए 100 सीटों की मंजूरी मिली है, जिनकी कक्षाएं 2017 में शुरू होंगी। इसी वर्ष विवि के प्रारंभ तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने एकेडमी ब्लॉक का उद्घाटन किया गया था।
कॉलेज को मिली ग्रांट:
प्रदेश सरकार ने कॉलेज को विकसित करने के लिए लाखों की ग्रांट दी है। उस ग्रांट के पैसे भी आ चुके हैं। कॉलेज में कार्य भी चल रहे हैं। रुसा के तहत जिले के महेंद्रगढ़ महिला कॉलेज, नारनौल के दोनों कॉलेजों को करीब 75-75 लाख रुपये की ग्रांट दी है। इसके अलावा महेंद्रगढ़ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षामंत्री प्रो. शर्मा द्वारा घोषित करीब 1.30 करोड़ की ग्रांट मिली जिस पर कार्य चल रहा है।
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बेटियों पर रही मेहरबानी, स्टॉफ की रही कमी
प्रदेश सरकार वर्ष-2016 में बेटियों पर ही मेहरबान रही। इस वर्ष महेंद्रगढ़ महिला कॉलेज में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ की गई। कॉलेज में एमए अंग्रेजी, भूगोल और एमकॉम डिग्री कोर्स शुरू किए गए। इसी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष की 80 सीटें भी बढ़ाई गई थी। इसके अलावा महिला कॉलेज नारनौल में एमए मैथ और एमए अंग्रेजी की कक्षाएं प्रारंभ की गई। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कृष्ण नगर कॉलेज में साइंस कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की थी जो अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। महेंद्रगढ़ में प्रदेश सरकार ने कोर्स तो बढ़ा दिए लेकिन सभी कॉलेजों स्टाफ की कमी है। स्टाफ की कमी के कारण अस्थायी लेक्चरर लगाए गए हैं। महेंद्रगढ़ के महिला कॉलेज में मात्र चार लेक्चरर का स्टाफ है जबकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में साइंस का पूरा स्टाफ खाली है। इसके अलावा जिले में किसी भी कॉलेज में रेगुलर प्रिंसिपल नहीं है। सभी कॉलेजों में लेक्चरर को ही प्रिंसिपल का चार्ज दिया हुआ है।
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ऐसे रहा शिक्षा विभाग चर्चा में
गांव निवाज नगर के प्राथमिक पाठशाला का भवन जर्जर होने के कारण मुख्य अध्यापक ने स्कूल को उसी गांव के मिडिल स्कूल में मर्ज कर दिया। ग्रामीण अपने छोटे बच्चों को उसी स्कूल में पढ़वाना चाहते थे। मिडिल स्कूल ग्रामीणों के छोटे बच्चों के लिए दूर और बीच में बड़ी सड़क को क्रास कर जाना पड़ता था। इसके लिए ग्रामीणों ने स्कूल को ताला लगाया दिया था। कुछ दिनों तक शिक्षा विभाग और ग्रामीणों के बीच तनातनी रही। ग्रामीणों ने अपने बच्चे भेजने से मना कर दिया था। इसके अलावा गांव नांगल माला में भी अध्यापकों के तबादले को लेकर बच्चों के परिजनों ने गांव के प्राथमिक स्कूल को ताला लगा दिया था। हाल ही में गांव भांडोर ऊंची मिडिल स्कूल की शिक्षिका ने स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा का झूठा मेडिकल बना दिया और उसे करनाल में राज्य स्तरीय लंबी कूद में खेलने जाने से वंचित कर दिया था। इसके अलावा गांव बुचावास के स्कूल में अध्यापक और पीटीआई का आपस का झगड़ा भी दो-तीन दिन सुर्खियों में रहा।
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एक पौधा एक एडिमशन अभियान
जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लावनिया ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन के लिए जिले में एक अभियान चलाया था। इस अभियान मतलब था कि एक एडमिशन पर एक पौधा लगाना। इस अभियान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी लावनिया ने सभी स्कूलों में निर्देश जारी किए और उसके बाद अभियान को सफलता भी मिली। जिले में सरकारी स्कूलों में लगभग 2000 से 2500 बच्चों का नया एडमिशन हुआ। इतने ही पौधे विभिन्न स्कूलों में लगाए गए ।
वर्ष के अंत में सीयूएच रही चर्चा में
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय इस वर्ष भी सुर्खियों में रहा। हकेंविवि में कवयित्री महाश्वेता देवी के जन्मदिवस को लेकर 21 सितंबर को द्रोपदी नामक नाटक का अंग्रेजी भाषा में मंचन किया गया। नाटक के मंचन में भारतीय सैनिकों को रेपिस्ट दिखाया गया, वो भी उस समय जब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात थे। सैनिक सम्मान संघर्ष समिति ने इस मंचन का विरोध किया और करीब 26 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद हकेंविवि के वीसी आरसी. कुहाड़ ने एक जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दो प्रोफेसर को नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी और एक प्रोफेसर का इंक्रीमेंट रोक दिया गया।
परीक्षा परिणाम
महेंद्रगढ़ जिले का बोर्ड कक्षाओं में शानदार प्रदर्शन रहा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में महेंद्रगढ़ टॉप-3 में रहा। इसी जिले की बेटी आन्या दसवीं कक्षा में प्रदेश की टॉपर छात्रा रही। इसके अलावा आईआईटी और पीएमटी में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है।
हकेंविवि में ये कोर्स शुरू हुए
हकेंविवि का यह वर्ष बहुत ही शानदार रहा। विश्वविद्यालय आईआईटी से बीटेक के चार नए कोर्स शुरू किए गए। इन कोर्स में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग शामिल हैं। इसके अलावा विवि को बीएड कक्षाओं के लिए 100 सीटों की मंजूरी मिली है, जिनकी कक्षाएं 2017 में शुरू होंगी। इसी वर्ष विवि के प्रारंभ तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने एकेडमी ब्लॉक का उद्घाटन किया गया था।
कॉलेज को मिली ग्रांट:
प्रदेश सरकार ने कॉलेज को विकसित करने के लिए लाखों की ग्रांट दी है। उस ग्रांट के पैसे भी आ चुके हैं। कॉलेज में कार्य भी चल रहे हैं। रुसा के तहत जिले के महेंद्रगढ़ महिला कॉलेज, नारनौल के दोनों कॉलेजों को करीब 75-75 लाख रुपये की ग्रांट दी है। इसके अलावा महेंद्रगढ़ राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षामंत्री प्रो. शर्मा द्वारा घोषित करीब 1.30 करोड़ की ग्रांट मिली जिस पर कार्य चल रहा है।