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फर्जी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग ने कसी कमर

Mon, 18 Mar 2019 12:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 18 Mar 2019 12:30 AM IST
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फर्जी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग ने कसी कमर
अमर उजाला ब्यूरो
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नांगल चौधरी। शिक्षा निदेशक के आवश्यक दिशा निर्देश के बाद विभाग ने फर्जी स्कूलों पर कार्रवाई के लिए पूर्ण रूप से कमर कस ली है। एक अप्रैल से अमान्यता वाले फर्जी स्कूलों पर विभागीय टीम कार्रवाई शुरू करेगी। यदि टीम को कोई फर्जी स्कूल चलता मिला तो बच्चों के भविष्य को देखते हुए संचालक पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कोई फर्जी स्कूल कार्रवाई से बच न सके इसके लिए विभाग एक कमेटी भी गठित करेगा।
विभागीय जानकारी अनुसार कमेटी में दो दूसरे खंडों के प्राचार्य, दो संबंधित खंड के प्राचार्य सहित बीइओ को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही टीम स्थाई व अस्थाई मान्यता प्राप्त सभी नीजी स्कूलों के मान्यता संबंधी कागजात भी जांच करेगी। यदि कोई भी स्कूल मान्यता से ऊपर की कक्षाएं संचालित करता पाया गया तो मान्यता रद्द करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला फर्जी स्कूलों में न करवाएं। शिक्षा में फर्जीवाड़े को रोकने व सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने अबकी बार फर्जी स्कूलों को शत प्रतिशत बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। यदि कार्रवाई के बावजूद भी कोई स्कूल चलता पाया गया तो इसकी जिम्मेदारी टीम की होगी। इससे अबकी बार टीम भी कोई कोताही नहीं बरत पायेगी।
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नांगल चौधरी में टीम अपनी छापेमारी सबसे पहले शहर से ही शुरू करेगी। इससे शहर में चलने वाले आधा दर्जन फर्जी स्कूलों को बंद करवाया जाएगा। इसके बाद ही टीम गांवों का रूख अख्तियार करेगी। शहर के फर्जी स्कूलों में ही करीब दो हजार बच्चें अध्ययनरत है। जिनका दाखिला दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में चल रहा है। बाद में टीम शहर के ही ऐसे स्कूलों पर शिकंजा कसेगी जो अटैचमेंट कर फर्जीवाड़े को बढ़ावा दे रहे है। इससे अबकी बार अभिभावक भी अपने बच्चों का पहले ही सरकारी स्कूलों में दाखिला करवाने का मन बना चुके है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को यह व्यवस्था भी प्रदान की है कि यदि अभिभावक अपने बच्चें को सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहता है और निजी स्कूल उसका स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहा है तो इसकी सीधी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी जा सकती है। जिस पर विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा।
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बात दे कि नांगल चौधरी में ही 22 के करीब प्राइमरी से बारहवीं कक्षा तक फर्जी स्कूल चल रहे है। जिनमें करीब चार हजार बच्चें अध्ययनरत है। ऐसे स्कूलों के पास मान्यता संबंधी कोई दस्तावेज तक नही है। कुछ स्कूलों के पास स्थाई, अस्थाई मान्यता आठवीं व दसवीं कक्षा तक है जबकि कक्षाएं बारहवीं तक संचालित की जा रही है। ऐसे स्कूलों से जहां सरकारी स्कूलों को तो नामांकन का नुकसान हो रहा है। वहीं बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। इन स्कूलों की शिक्षा विभाग के पास लगातार शिकायत पहुंच रही है।


विभागीय आदेशानुसार फर्जी स्कूलों पर एक अप्रैल से छापेमार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी सूरत में फर्जी स्कूल नही चलने दिया जाएगा। जो भी स्कूल फर्जी मिलेगा उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ मान्यता प्राप्त स्कूलों की भी मान्यता संबंधी दस्तावेज जांचे जायेंगे।
--अजीत सिंह सांगवान जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल।
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