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एचएसआईआईडीसी की टीम ने एक सप्ताह में दूसरी बार किया आईएमटी साइट का अवलोकन
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गांव खुड़ाना में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) के लिए सोमवार को अधिकारियों की टीम फिर से गांव पहुंची। टीम ने गांव खुड़ाना की 860 एकड़ पंचायती भूमि का मुआयना किया। इसके अलावा साइट की कनेक्टिविटी को भी चेक किया। अब यह रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि आईएमटी के लिए जितनी भी जमीन की जरूरत पड़ेगी गांव देने को तैयार हैं।
सोमवार को एचएसआईआईडीसी नारनौल की टीम गांव खुड़ाना पहुंची। टीम ने प्रस्तावित आईएमटी के लिए उपलब्ध कराई गई साइट को चेक किया। इस मौके पर टीम को जगह दिखाने के लिए खुड़ाना के पटवारी साथ रहे। पटवारी मदन ने नक्शे के अनुसार पूरी पंचायती जमीन का भ्रमण करवाया। इस मौके रेलवे स्टेशन, नेशनल हाईवे और पानी के लिए नहर की कनेक्टिविटी को चेक किया। ग्रामीणों ने बताया कि खुड़ाना गांव की सीमा से रेलवे लाइन से मात्र एक किलोमीटर पड़ती है। नेशनल हाईवे दो किलोमीटर की दूरी पर है। पाली नहर लगभग तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
नारनौल के अधिकारियों ने कहा इस रिपोर्ट को अब उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। अभी तक रिपोर्ट पॉजिटिव ही बताई जा रही है। 24 फरवरी को मुख्यमंत्री के आगमन पर आधारशिला रखी जाने की उम्मीद है। इस मौके पर भाजपा युवा मोर्च पाली मंडल के अध्यक्ष मंजीत तंवर, आनंद सरपंच, पूर्व सरपंच धन सिंह, डॉ. आनंद आदि उपस्थित थे।
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वर्जन
आईएमटी को लेकर मुख्यालय की ओर से एक नई रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद टीम ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है। जमीन को कई मानकों पर परखा गया है। अंतिम फैसला मुख्यालय की ओर से ही लिया जाना है। गांव के लोगों ने जमीन देने का एलान किया है। अभी हमारे पास लिखित प्रस्ताव नहीं आया है।
- रामकुमार, एसटीपी, नारनौल।
बाधाओं को दूर करने की तैयारी
सोमवार को निरीक्षण करने आई अधिकारियों की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि फिलहाल आईएमटी के प्रस्तावित एरिया की विशेषताओं तथा खामियों को लेकर बिंदु तैयार कर रही है। अगर यहां आईएमटी या इंडस्ट्रियल एरिया बनाया गया तो उसमें क्या-क्या बाधाएं आ सकती हैं। ऐसी बाधाओं को पहले चरण में ही दूर करने की तैयारी है।
नहीं मिली वन विभाग से रिपोर्ट
वन विभाग के अधिकारियों की ओर से अभी तक इस एरिया की रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसके अलावा बिजली निगम, वन विभाग, भू संपदा अधिकारी सहित अन्य विभागों से अनुमति की जरूरत होगी। एचएसआईआईडीसी सभी विभागों से अनुुमति लेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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महेंद्रगढ़। गांव खुड़ाना में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) के लिए सोमवार को अधिकारियों की टीम फिर से गांव पहुंची। टीम ने गांव खुड़ाना की 860 एकड़ पंचायती भूमि का मुआयना किया। इसके अलावा साइट की कनेक्टिविटी को भी चेक किया। अब यह रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि आईएमटी के लिए जितनी भी जमीन की जरूरत पड़ेगी गांव देने को तैयार हैं।
सोमवार को एचएसआईआईडीसी नारनौल की टीम गांव खुड़ाना पहुंची। टीम ने प्रस्तावित आईएमटी के लिए उपलब्ध कराई गई साइट को चेक किया। इस मौके पर टीम को जगह दिखाने के लिए खुड़ाना के पटवारी साथ रहे। पटवारी मदन ने नक्शे के अनुसार पूरी पंचायती जमीन का भ्रमण करवाया। इस मौके रेलवे स्टेशन, नेशनल हाईवे और पानी के लिए नहर की कनेक्टिविटी को चेक किया। ग्रामीणों ने बताया कि खुड़ाना गांव की सीमा से रेलवे लाइन से मात्र एक किलोमीटर पड़ती है। नेशनल हाईवे दो किलोमीटर की दूरी पर है। पाली नहर लगभग तीन किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
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नारनौल के अधिकारियों ने कहा इस रिपोर्ट को अब उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। अभी तक रिपोर्ट पॉजिटिव ही बताई जा रही है। 24 फरवरी को मुख्यमंत्री के आगमन पर आधारशिला रखी जाने की उम्मीद है। इस मौके पर भाजपा युवा मोर्च पाली मंडल के अध्यक्ष मंजीत तंवर, आनंद सरपंच, पूर्व सरपंच धन सिंह, डॉ. आनंद आदि उपस्थित थे।
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आईएमटी को लेकर मुख्यालय की ओर से एक नई रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद टीम ने मौके का मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है। जमीन को कई मानकों पर परखा गया है। अंतिम फैसला मुख्यालय की ओर से ही लिया जाना है। गांव के लोगों ने जमीन देने का एलान किया है। अभी हमारे पास लिखित प्रस्ताव नहीं आया है।
- रामकुमार, एसटीपी, नारनौल।
बाधाओं को दूर करने की तैयारी
सोमवार को निरीक्षण करने आई अधिकारियों की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि फिलहाल आईएमटी के प्रस्तावित एरिया की विशेषताओं तथा खामियों को लेकर बिंदु तैयार कर रही है। अगर यहां आईएमटी या इंडस्ट्रियल एरिया बनाया गया तो उसमें क्या-क्या बाधाएं आ सकती हैं। ऐसी बाधाओं को पहले चरण में ही दूर करने की तैयारी है।
नहीं मिली वन विभाग से रिपोर्ट
वन विभाग के अधिकारियों की ओर से अभी तक इस एरिया की रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसके अलावा बिजली निगम, वन विभाग, भू संपदा अधिकारी सहित अन्य विभागों से अनुमति की जरूरत होगी। एचएसआईआईडीसी सभी विभागों से अनुुमति लेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।