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107 एमएम झमाझम बारिश से शहर हुआ पानी-पानी
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:41 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार देर सायं से बुधवार सुबह नौ बजे तक हुई झमाझम बारिश लोगों के लिए आफत बनके बरसी। यह बारिश इस सीजन में सबसे अधिक 107 एमएम रिकॉर्ड की गई। सीजन की इस बारिश ने नगर परिषद के बरसाती पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी।
बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों सहित कई मोहल्लों में काफी मात्रा में पानी जमा हो गया। वहीं, कई जगह मकानों में दरारें आ गई तो कई जगह सड़क मार्ग व जमीन धंस गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बरसाती पानी को रोकने के लिए बनाए गए कई बांध भी टूट गए। जिनका पानी खेतों व ग्रामीणों क्षेत्रों में कई फीट तक भर गया। शहरी क्षेत्र में रेलवे द्वारा बनाए गए अंडरपासों में भी पानी जमा हो गया। अंडरपास में पानी जमा होने से स्कूल बसें भी संस्थान तक नहीं पहुंच पाई। इस कारण बच्चों को पैदल चलकर ही स्कूलों तक पहुंचना पड़ा। कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी।
कृष्णावती नदी में सात साल बाद आया पानी
झमाझम बारिश के बाद निजामपुर क्षेत्र से गुजरने वाली कृष्णावती नदी में भी पानी बहने लगा। इससे पूर्व नदी में 2010 वर्ष में पानी बहता हुआ दिखाई दिया था। भारी बारिश के कारण टूटे बांधों व कृष्णावती नदी में पानी आने से ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है।
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इन गांवों में घुसा बारिश का पानी
बारिश के चलते कृष्णावती नदी में पानी बहने तथा कई बांध टूट जाने से छिलरो, निजामपुर, इस्लामपुरा, नियाजलीपुर, नारेहडी, मौखुता, दनचौली, आजमाबाद मौखुता, बसई व कोजिंदा आदि गांवों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। वहीं, गांवों में भी धीरे-धीरे पानी का स्तर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने की संभावना है।
कई मकानों में आई दरारें, कई जगह धंसी जमी व सड़के। बारिश के कारण क्षेत्र के नया गांव स्थित अनुसूचित जाति बस्ती में पानी घरों में घुस गया। वहीं गांव वासी सुरेश व मोहर सिंह के मकानों में दरारें आ गई। इसके अलावा मोहनपुर में सरजीत का मकान गिर गया, जबकी चिमनलाल के मकान में दरार पड़ गई। वहीं, नसीबपुर के राजकीय स्कूल में भी बारिश के बाद काफी मात्रा में पानी भर गया।
नप प्रशासन के पानी निकासी के दावों की निकली हवा
नगर परिषद प्रशासन द्वारा मानसून के दौरान बरसाती पानी की निकासी के लिए की गई तैयारी की पोल सीजन की पहली झमाझम बारिश ने खोल कर रख दी है। बुधवार को हुई करीब 5-6 घंटे की बारिश के दौरान शहर के निचले सेन चौक, जमालपुर, पुलिस लाइन, पार्क गली, अनाज मंडी सहित डीसी निवास, नागरिक अस्पताल, रेस्ट हाउस में भी एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया। इस प्रकार नगर परिषद से मानसून से पूर्व बरसाती पानी की निकासी के लिए की गई तैयारी धरी ही रह गई।
अंडरपास में पानी जमा होने से लोगों का आपस में टूटा संपर्क, जताया विरोध
बारिश के बाद बहरोड चौक पर बनाए गए अंडरपास में पानी जमा होने के लोगों का आपस में संपर्क टूट गया। वहीं पानी की निकासी नहीं होने पर लोग रोषित हो गए और उन्होंने जिला प्रशासन व रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। इसकी सूचना जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची। उन्होंने तुरंत पानी निकासी के लिए रेलवे विभाग के कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। वहीं उपायुक्त ने एसडीएम जगदीश शर्मा को भी मौके पर भेजा।
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नारनौल।
शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार देर सायं से बुधवार सुबह नौ बजे तक हुई झमाझम बारिश लोगों के लिए आफत बनके बरसी। यह बारिश इस सीजन में सबसे अधिक 107 एमएम रिकॉर्ड की गई। सीजन की इस बारिश ने नगर परिषद के बरसाती पानी निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी।
बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों सहित कई मोहल्लों में काफी मात्रा में पानी जमा हो गया। वहीं, कई जगह मकानों में दरारें आ गई तो कई जगह सड़क मार्ग व जमीन धंस गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बरसाती पानी को रोकने के लिए बनाए गए कई बांध भी टूट गए। जिनका पानी खेतों व ग्रामीणों क्षेत्रों में कई फीट तक भर गया। शहरी क्षेत्र में रेलवे द्वारा बनाए गए अंडरपासों में भी पानी जमा हो गया। अंडरपास में पानी जमा होने से स्कूल बसें भी संस्थान तक नहीं पहुंच पाई। इस कारण बच्चों को पैदल चलकर ही स्कूलों तक पहुंचना पड़ा। कई स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी।
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कृष्णावती नदी में सात साल बाद आया पानी
झमाझम बारिश के बाद निजामपुर क्षेत्र से गुजरने वाली कृष्णावती नदी में भी पानी बहने लगा। इससे पूर्व नदी में 2010 वर्ष में पानी बहता हुआ दिखाई दिया था। भारी बारिश के कारण टूटे बांधों व कृष्णावती नदी में पानी आने से ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए है।
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इन गांवों में घुसा बारिश का पानी
बारिश के चलते कृष्णावती नदी में पानी बहने तथा कई बांध टूट जाने से छिलरो, निजामपुर, इस्लामपुरा, नियाजलीपुर, नारेहडी, मौखुता, दनचौली, आजमाबाद मौखुता, बसई व कोजिंदा आदि गांवों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए। वहीं, गांवों में भी धीरे-धीरे पानी का स्तर बढ़ने लगा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने की संभावना है।
कई मकानों में आई दरारें, कई जगह धंसी जमी व सड़के। बारिश के कारण क्षेत्र के नया गांव स्थित अनुसूचित जाति बस्ती में पानी घरों में घुस गया। वहीं गांव वासी सुरेश व मोहर सिंह के मकानों में दरारें आ गई। इसके अलावा मोहनपुर में सरजीत का मकान गिर गया, जबकी चिमनलाल के मकान में दरार पड़ गई। वहीं, नसीबपुर के राजकीय स्कूल में भी बारिश के बाद काफी मात्रा में पानी भर गया।
नप प्रशासन के पानी निकासी के दावों की निकली हवा
नगर परिषद प्रशासन द्वारा मानसून के दौरान बरसाती पानी की निकासी के लिए की गई तैयारी की पोल सीजन की पहली झमाझम बारिश ने खोल कर रख दी है। बुधवार को हुई करीब 5-6 घंटे की बारिश के दौरान शहर के निचले सेन चौक, जमालपुर, पुलिस लाइन, पार्क गली, अनाज मंडी सहित डीसी निवास, नागरिक अस्पताल, रेस्ट हाउस में भी एक से दो फीट तक पानी जमा हो गया। इस प्रकार नगर परिषद से मानसून से पूर्व बरसाती पानी की निकासी के लिए की गई तैयारी धरी ही रह गई।
अंडरपास में पानी जमा होने से लोगों का आपस में टूटा संपर्क, जताया विरोध
बारिश के बाद बहरोड चौक पर बनाए गए अंडरपास में पानी जमा होने के लोगों का आपस में संपर्क टूट गया। वहीं पानी की निकासी नहीं होने पर लोग रोषित हो गए और उन्होंने जिला प्रशासन व रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। इसकी सूचना जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची। उन्होंने तुरंत पानी निकासी के लिए रेलवे विभाग के कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। वहीं उपायुक्त ने एसडीएम जगदीश शर्मा को भी मौके पर भेजा।