{"_id":"5a64d8c84f1c1b8d268b5a8b","slug":"191516558536-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों को लेकर चौथे दिन भी धरने पर रही आशा वर्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों को लेकर चौथे दिन भी धरने पर रही आशा वर्कर
Updated Sun, 21 Jan 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आशा वर्कर्स यूनियन का धरना चौथे दिन रविवार को भी स्थानीय नागरिक अस्पताल प्रांगण में कमलेश स्याणा की अध्यक्षता में जारी रहा। इस मौके पर यूनियन की जिला प्रधान कांता देवी ने कहा कि आज उन्हें चार दिन धरना देते हुए हो गए है, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों के बारे में कोई भी सूचना जारी किया है। इससे वर्करों में सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि वे सरकार से भीख नहीं मांग रहे बल्कि अपना हक मांग रही है। सरकार सभी परियोजना कर्मियों का आर्थिक शोषण कर रही है। आशा वर्कर से दिन-रात काम लिया जाता है जबकि सरकार उन्हें अपना कर्मचारी तक नहीं मानती है। वहीं वेतन के नाम पर मात्र 1000 रुपये दिए जाते हैं वह भी उन्हें समय पर नहीं मिलते हैं। ऐसे में वर्कर अपने घर का पालन पोषण कैसे चला पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो आने वाली 30 जनवरी को जेल भरो आंदोलन होगा। जिसमें जिले भर की आशा वर्कर बढ़-चढ़कर भाग लेंगी। इस मौके पर सीटू के जिला सचिव कामरेड रोहताश गोठवाल, हरीराम, सरला, सुनीता, कमलेश, राजबाला, सुमन, पूनम, बिमला, लाली, पूनम, सुनहेरी, शकुंतला, कमलेश, ममता, सुमन, मीरा, रेणु, रीना, मुनेश, उषा, मंजू, परमजीत सहित अनेक वर्कर मौजूद थी।
विज्ञापन
नारनौल। आशा वर्कर्स यूनियन का धरना चौथे दिन रविवार को भी स्थानीय नागरिक अस्पताल प्रांगण में कमलेश स्याणा की अध्यक्षता में जारी रहा। इस मौके पर यूनियन की जिला प्रधान कांता देवी ने कहा कि आज उन्हें चार दिन धरना देते हुए हो गए है, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों के बारे में कोई भी सूचना जारी किया है। इससे वर्करों में सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि वे सरकार से भीख नहीं मांग रहे बल्कि अपना हक मांग रही है। सरकार सभी परियोजना कर्मियों का आर्थिक शोषण कर रही है। आशा वर्कर से दिन-रात काम लिया जाता है जबकि सरकार उन्हें अपना कर्मचारी तक नहीं मानती है। वहीं वेतन के नाम पर मात्र 1000 रुपये दिए जाते हैं वह भी उन्हें समय पर नहीं मिलते हैं। ऐसे में वर्कर अपने घर का पालन पोषण कैसे चला पाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो आने वाली 30 जनवरी को जेल भरो आंदोलन होगा। जिसमें जिले भर की आशा वर्कर बढ़-चढ़कर भाग लेंगी। इस मौके पर सीटू के जिला सचिव कामरेड रोहताश गोठवाल, हरीराम, सरला, सुनीता, कमलेश, राजबाला, सुमन, पूनम, बिमला, लाली, पूनम, सुनहेरी, शकुंतला, कमलेश, ममता, सुमन, मीरा, रेणु, रीना, मुनेश, उषा, मंजू, परमजीत सहित अनेक वर्कर मौजूद थी।
विज्ञापन