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निबंध प्रतियोगिता में आरती सहरावत ने मारी बाजी
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:31 AM IST
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निबंध प्रतियोगिता में आरती ने मारी बाजी
फोटो नंबर छह
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से आयोजित विश्व पुरातत्व सप्ताह के दौरान वीरवार को जलमहल पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में एमएएसडी स्कूल की छात्रा आरती सहरावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में इसी स्कूल की दिव्या सचदेवा ने द्वितीय और यूरेका स्कूल की रीतु ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके साथ ही एमएएसडी स्कूल की पीयूष शर्मा और यूरेका स्कूल की नैना दिवाड़ को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप से रिटायर्ड शिक्षक सुरेश यादव थे और अध्यक्षता पुरातत्व विभाग के सीए प्रवीण कुमार थे। इस मौके पर यादव ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वे सृजनशीलता और अपनी कल्पनाशीलता को पूरा करने के लिए कोई भी अवसर नहीं चूकना चाहिए। हमें किताबी ज्ञान को ही सब कुछ नहीं समझकर अन्य जीवन उपयोगी अनुभवों को भी संजोकर रखना चाहिए। किसी भी अनुभव को आगे ही आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी सीमा तक की ही सोच में बंधे हुए नहीं रहना चाहिए बल्कि अपनी सोच को पूरा आसमान देना चाहिए। इस अवसर पर यहां लगी प्रदर्शनी का भी सैकड़ों लोगों ने अवलोकन किया। इस मौके पर पुरातत्व विभाग के सीए प्रवीण कुमार, सुरेंद्र यादव, पुनीत यादव, राजकुमार, नामदेव निमजी, सत्यपाल, विक्रम सिंह, भगवान सहाय और जगमान सिंह आदि रहे।
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नारनौल। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की ओर से आयोजित विश्व पुरातत्व सप्ताह के दौरान वीरवार को जलमहल पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में एमएएसडी स्कूल की छात्रा आरती सहरावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में इसी स्कूल की दिव्या सचदेवा ने द्वितीय और यूरेका स्कूल की रीतु ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके साथ ही एमएएसडी स्कूल की पीयूष शर्मा और यूरेका स्कूल की नैना दिवाड़ को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप से रिटायर्ड शिक्षक सुरेश यादव थे और अध्यक्षता पुरातत्व विभाग के सीए प्रवीण कुमार थे। इस मौके पर यादव ने कहा कि बच्चों को चाहिए कि वे सृजनशीलता और अपनी कल्पनाशीलता को पूरा करने के लिए कोई भी अवसर नहीं चूकना चाहिए। हमें किताबी ज्ञान को ही सब कुछ नहीं समझकर अन्य जीवन उपयोगी अनुभवों को भी संजोकर रखना चाहिए। किसी भी अनुभव को आगे ही आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी सीमा तक की ही सोच में बंधे हुए नहीं रहना चाहिए बल्कि अपनी सोच को पूरा आसमान देना चाहिए। इस अवसर पर यहां लगी प्रदर्शनी का भी सैकड़ों लोगों ने अवलोकन किया। इस मौके पर पुरातत्व विभाग के सीए प्रवीण कुमार, सुरेंद्र यादव, पुनीत यादव, राजकुमार, नामदेव निमजी, सत्यपाल, विक्रम सिंह, भगवान सहाय और जगमान सिंह आदि रहे।
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