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हादसों को निमंत्रण दे रहे शहर के खुले कुएं
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:51 PM IST
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हादसों को निमंत्रण दे रहे शहर के खुले कुएं
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कोर्ट और सरकार पे बंजर कुओं को बंद कराने के आदेश दिए हुए हैं। इसके बाद भी स्थानीय अधिकारी इन पर ध्यान नहीं दे रहे। ये हाल तब है, जबकि सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर और आसपास के क्षेत्र में आज भी दर्जनों खुले और बंजर कुएं हैं। वीरवार को भी खुले कुएं में एक सांड़ गिर गया। उसे निकालने में लोगों को तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने क्षेत्र के खुले कुओं को शीघ्र ढकने की मांग की है।
गुड़गांव के चर्चित प्रिंस की बोरवेल में गिरने की घटना के बाद कुएं और बोरवेल में गिरने की अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। कई में बच्चों की जान जा चुकी है। इसके बाद कोर्ट और सरकार ने सभी खुले हुए बोरवेलों और कुओं को ढकने के आदेश दिए थे। साथ ही बंजर कुओं को बंद करने के आदेश भी दे रखे हैं। इसके बावजूद शहर में आज भी अनेक कुएं खुले हुए हैं। कई बंजर कुएं भी हादसों का के सबब बन रहे हैं।
शहर में इन जगहों पर हैं खुले कुएं
नारनौल शहर प्राचीन शहर है। यहां पर कुएं और बाबड़ियों की संख्या बहुत है। ऐसे में सैकड़ों कुएं यहां के पुराने मोहल्लों जैसे पीरआगा, बावड़ीपुर, नई सराय, पुरानी सराय, छोटा-बड़ा तालाब के पास, पुरानी मंडी, आदर्श नगर, रेवाड़ी रोड, मिया की सराय और जमालपुर में हैं। इन कुओं में से कई कुएं बंजर हो चुके हैं। किसी भी कुएं के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
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रविदास मंदिर के पास हैं कई खुले कुएं
रविदास मंदिर के पास और माता मसानी पर करीब छह कुएं खुले है। बाबा पीर की मजार के पास वाला कुआं तो बिल्कुल खुला है। यह रोड के बिल्कुल पास है। इसमें एक बार गाय और एक बार सुअर गिर चुका है। इसके आसपास बच्चे खेलते रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। हैं। ऐसे ही रेवाड़ी रोड पर भी कैलाश नगर और आदर्श नगर की ओर कई कुएं खुले हैं।
शहर में कई जगह कुएं खुले हैं। मुख्य मार्गों और चौराहों के पास भी कई कुएं खुले हुए हैं। उनके आसपास बच्चे खेलते हैं। ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है।
-गजेंद्र कुमार
खुले हुए कुओं और बोरवेलों से कई हादसे हो चुके हैं। कई जगह बच्चों की जान जा चुकी हैं। इस ओर ध्यान देना चाहिए। शहर में कुओं में कई बार गोवंश गिर चुके हैं।
-कैलाश सैन
शहर के कई क्षेत्रों में खुले हुए कुओं और बोरवेलों को ढकना बहुत जरूरी है। इनको बंद नहीं किया गया तो कोई भी गंभीर हादसा कभी भी हो सकता है।
-बाबूलाल
बोरवेल और कुओं में गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर इन खुले और बंजर पड़े कुओं को शीघ्र ढकवाना चाहिए।
सचिन कुमार
महता चौक के पास कुएं में गिरा सांड़, तीन घंटे लगे निकालने में
नारनौल। शहर के व्यस्त महता चौक के पास बाजार की ओर जाने वाले रास्ते के किनारे कुएं में वीरवार सुबह एक सांड़ गिर गया। वह सांड़ दो दूसरे सांड़ से लड़ते हुए कुएं में गिरा था। सांड़ के कुएं में गिरने के बाद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और नगर परिषद के अधिकारियों को दी तो वे मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों और गो भक्तों को करीब पचास फुट गहरे कुएं से साड़ को निकालने में करीब तीन घंटे लग गए।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे महता चौक के पास दो सांड़ आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान एक सांड़ पास स्थित खुले कुएं में गिर गया। दुकानदारों ने इसकी सूचना पुलिस और नगर परिषद के अधिकारियों को दी तो वे मौके पर पहुंच गए। तब तक मौके पर भीड़ लग चुकी थी। सूचना पाकर नगर परिषद के एसआई आनंद मलिक के साथ ही अस्पताल चौकी से राकेश और ओल्ड चौकी से जयपाल पहुंच गए। साथ ही गो उपचारशाला और गो भक्त भी वहां पहुंच गए। गो उपचारशाला की एंबुलेंस भी बुला ली गई। इसके बाद गो भक्तों ने सांड़ को निकालने के लिए क्रेन मंगवाई। कुएं में सांड़ सुबह करीब साढ़े आठ बजे गिरा था। करीब नौ बजे क्रेन मंगाई गई। क्रेन की सहायता से लोगों ने कड़ी मशक्कत कर करीब तीन घंटे में दोपहर साढ़े ग्यारह बजे सांड़ को बाहर निकाला।
जहां गिरा सांड़, वहां करना था विधायक को रोड का उद्घाटन
साड़ जिस जगह गिरा, उसके आगे ही विधायक ओमप्रकाश को सुबह दस बजे महता चौक से बाजारी की ओर जाने वाली सड़क का उद्घाटन करना था। इसके लिए नप ने तैयारी कर ली थी। सांड़ गिरने के बाद सड़क का उद्घाटन विधायक ने दोपहर बाद किया।
दो योजनाओं के पूरा न होने की पोल खुली
कुएं में सांड़ गिरने से शहर में सरकार की दो योजनाओं पर भी सवाल खड़े हो गए। पहली 15 अगस्त तक सभी बेसहारा पशुओं को बाड़े या गोशाला में पहुंचाने की योजना और दूसरी उजड़ कुएं को ढकने की योजना। इन दोनों योजनाओं की पोल एक ही हादसे ने खोल दी।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
शहर में जगह-जगह खुले हुए उजड़ कुएं में सांड़, गाय औश्र अन्य जानवरों के गिरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। पिछले वर्ष नई मंडी के पास कुएं में एक सांड़ गिर गया था। तत्कालीन एसपी रहे हामिद अख्तर ने भी सांड़ को कुएं से निकालने में लोगों की मदद की थी।
मुकेश डायमंड गया कुएं के अंदर, बांधा सांड़ को
कुएं में सांड़ को निकलाने के लिए क्रेन तो मंगवा ली गई, मगर कुएं में जाकर सांड़ को बांधने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद गो भक्त मुकेश डायमंड ने कुएं में जाने की हिम्मत दिखाई। उसने कुएं में उतरकर सांड़ को रस्सी से बांधा।
जल्द ही शहर के सभी खुले और बंजर कुओं की लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इन कुओं को या तो बंद करा दिया जाएगा या इनको ढक दिया जाएगा।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। कोर्ट और सरकार पे बंजर कुओं को बंद कराने के आदेश दिए हुए हैं। इसके बाद भी स्थानीय अधिकारी इन पर ध्यान नहीं दे रहे। ये हाल तब है, जबकि सरकार ने इसके लिए अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर और आसपास के क्षेत्र में आज भी दर्जनों खुले और बंजर कुएं हैं। वीरवार को भी खुले कुएं में एक सांड़ गिर गया। उसे निकालने में लोगों को तीन घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। लोगों ने क्षेत्र के खुले कुओं को शीघ्र ढकने की मांग की है।
गुड़गांव के चर्चित प्रिंस की बोरवेल में गिरने की घटना के बाद कुएं और बोरवेल में गिरने की अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। कई में बच्चों की जान जा चुकी है। इसके बाद कोर्ट और सरकार ने सभी खुले हुए बोरवेलों और कुओं को ढकने के आदेश दिए थे। साथ ही बंजर कुओं को बंद करने के आदेश भी दे रखे हैं। इसके बावजूद शहर में आज भी अनेक कुएं खुले हुए हैं। कई बंजर कुएं भी हादसों का के सबब बन रहे हैं।
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शहर में इन जगहों पर हैं खुले कुएं
नारनौल शहर प्राचीन शहर है। यहां पर कुएं और बाबड़ियों की संख्या बहुत है। ऐसे में सैकड़ों कुएं यहां के पुराने मोहल्लों जैसे पीरआगा, बावड़ीपुर, नई सराय, पुरानी सराय, छोटा-बड़ा तालाब के पास, पुरानी मंडी, आदर्श नगर, रेवाड़ी रोड, मिया की सराय और जमालपुर में हैं। इन कुओं में से कई कुएं बंजर हो चुके हैं। किसी भी कुएं के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
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रविदास मंदिर के पास हैं कई खुले कुएं
रविदास मंदिर के पास और माता मसानी पर करीब छह कुएं खुले है। बाबा पीर की मजार के पास वाला कुआं तो बिल्कुल खुला है। यह रोड के बिल्कुल पास है। इसमें एक बार गाय और एक बार सुअर गिर चुका है। इसके आसपास बच्चे खेलते रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। हैं। ऐसे ही रेवाड़ी रोड पर भी कैलाश नगर और आदर्श नगर की ओर कई कुएं खुले हैं।
शहर में कई जगह कुएं खुले हैं। मुख्य मार्गों और चौराहों के पास भी कई कुएं खुले हुए हैं। उनके आसपास बच्चे खेलते हैं। ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है।
-गजेंद्र कुमार
खुले हुए कुओं और बोरवेलों से कई हादसे हो चुके हैं। कई जगह बच्चों की जान जा चुकी हैं। इस ओर ध्यान देना चाहिए। शहर में कुओं में कई बार गोवंश गिर चुके हैं।
-कैलाश सैन
शहर के कई क्षेत्रों में खुले हुए कुओं और बोरवेलों को ढकना बहुत जरूरी है। इनको बंद नहीं किया गया तो कोई भी गंभीर हादसा कभी भी हो सकता है।
-बाबूलाल
बोरवेल और कुओं में गिरने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर इन खुले और बंजर पड़े कुओं को शीघ्र ढकवाना चाहिए।
सचिन कुमार
महता चौक के पास कुएं में गिरा सांड़, तीन घंटे लगे निकालने में
नारनौल। शहर के व्यस्त महता चौक के पास बाजार की ओर जाने वाले रास्ते के किनारे कुएं में वीरवार सुबह एक सांड़ गिर गया। वह सांड़ दो दूसरे सांड़ से लड़ते हुए कुएं में गिरा था। सांड़ के कुएं में गिरने के बाद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस और नगर परिषद के अधिकारियों को दी तो वे मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों और गो भक्तों को करीब पचास फुट गहरे कुएं से साड़ को निकालने में करीब तीन घंटे लग गए।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे महता चौक के पास दो सांड़ आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान एक सांड़ पास स्थित खुले कुएं में गिर गया। दुकानदारों ने इसकी सूचना पुलिस और नगर परिषद के अधिकारियों को दी तो वे मौके पर पहुंच गए। तब तक मौके पर भीड़ लग चुकी थी। सूचना पाकर नगर परिषद के एसआई आनंद मलिक के साथ ही अस्पताल चौकी से राकेश और ओल्ड चौकी से जयपाल पहुंच गए। साथ ही गो उपचारशाला और गो भक्त भी वहां पहुंच गए। गो उपचारशाला की एंबुलेंस भी बुला ली गई। इसके बाद गो भक्तों ने सांड़ को निकालने के लिए क्रेन मंगवाई। कुएं में सांड़ सुबह करीब साढ़े आठ बजे गिरा था। करीब नौ बजे क्रेन मंगाई गई। क्रेन की सहायता से लोगों ने कड़ी मशक्कत कर करीब तीन घंटे में दोपहर साढ़े ग्यारह बजे सांड़ को बाहर निकाला।
जहां गिरा सांड़, वहां करना था विधायक को रोड का उद्घाटन
साड़ जिस जगह गिरा, उसके आगे ही विधायक ओमप्रकाश को सुबह दस बजे महता चौक से बाजारी की ओर जाने वाली सड़क का उद्घाटन करना था। इसके लिए नप ने तैयारी कर ली थी। सांड़ गिरने के बाद सड़क का उद्घाटन विधायक ने दोपहर बाद किया।
दो योजनाओं के पूरा न होने की पोल खुली
कुएं में सांड़ गिरने से शहर में सरकार की दो योजनाओं पर भी सवाल खड़े हो गए। पहली 15 अगस्त तक सभी बेसहारा पशुओं को बाड़े या गोशाला में पहुंचाने की योजना और दूसरी उजड़ कुएं को ढकने की योजना। इन दोनों योजनाओं की पोल एक ही हादसे ने खोल दी।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
शहर में जगह-जगह खुले हुए उजड़ कुएं में सांड़, गाय औश्र अन्य जानवरों के गिरने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। पिछले वर्ष नई मंडी के पास कुएं में एक सांड़ गिर गया था। तत्कालीन एसपी रहे हामिद अख्तर ने भी सांड़ को कुएं से निकालने में लोगों की मदद की थी।
मुकेश डायमंड गया कुएं के अंदर, बांधा सांड़ को
कुएं में सांड़ को निकलाने के लिए क्रेन तो मंगवा ली गई, मगर कुएं में जाकर सांड़ को बांधने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद गो भक्त मुकेश डायमंड ने कुएं में जाने की हिम्मत दिखाई। उसने कुएं में उतरकर सांड़ को रस्सी से बांधा।
जल्द ही शहर के सभी खुले और बंजर कुओं की लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद इन कुओं को या तो बंद करा दिया जाएगा या इनको ढक दिया जाएगा।
-भारती सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।