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जिले में वायरल बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। बदलते मौसम के चलते जिले में वायरल बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1100 मरीज पहुंच रहे हैं। वीरवार को करीब 250 मरीज वायरल बुखार, सर्दी व खांसी से ग्रस्त पहुंचे।
जिला सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वायरल बुखार के साथ-साथ एक-दो मरीज में डेंगू के लक्षण मिले रहे हैं, लेकिन अभी कंफर्म नहीं हुए हैं। अब हर बुखार में मरीज की प्लेटलेट्स कम पाया जाना सामान्य हो गया है। ऐसे में बुखार के सभी मरीजों को परहेज करने की जरूरत है। जिला सामान्य अस्पताल की बुधवार और वीरवार की ओपीडी 2133 रही। इसमें से मेडिसीन संबंधित 800 मरीज थे। इसमें 500 मरीज वायरल बुखार व खांसी-जुकाम से संबंधित थे। इसमें काफी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा शाम के समय आपातकालीन विभाग में भी बुखार के मरीज आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। वायरल बुखार एक बार होने के बाद पांच-छह दिन तक रहता है। मरीज बिना चिकित्सक की सलाह से दवा न लें। अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किया गया है।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों ने विशेष वार्ड तैयार
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने बताया कि डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। अभी तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। सर्दी में स्वाइन फ्लू फैलने की संभावना रहती है। इसके लिए पहले ही अलर्ट हो वार्ड तैयार कर लिया है। डॉ. सैनी ने बताया कि विभाग से टेमी फ्लू के अलावा अन्य दवाइयां मांगी गई हैं।
बचाव :
- मरीज पैरासिटामॉल गोली का प्रयोग करें।
- तेज बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टी रखें।
- अधिक तेज बुखार होने पर खून की जांच करवाएं और चिकित्सक की सलाह लें।
- बिना चिकित्सक की सलाह कोई दवा नहीं लें।
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नारनौल। बदलते मौसम के चलते जिले में वायरल बुखार, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1100 मरीज पहुंच रहे हैं। वीरवार को करीब 250 मरीज वायरल बुखार, सर्दी व खांसी से ग्रस्त पहुंचे।
जिला सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वायरल बुखार के साथ-साथ एक-दो मरीज में डेंगू के लक्षण मिले रहे हैं, लेकिन अभी कंफर्म नहीं हुए हैं। अब हर बुखार में मरीज की प्लेटलेट्स कम पाया जाना सामान्य हो गया है। ऐसे में बुखार के सभी मरीजों को परहेज करने की जरूरत है। जिला सामान्य अस्पताल की बुधवार और वीरवार की ओपीडी 2133 रही। इसमें से मेडिसीन संबंधित 800 मरीज थे। इसमें 500 मरीज वायरल बुखार व खांसी-जुकाम से संबंधित थे। इसमें काफी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा शाम के समय आपातकालीन विभाग में भी बुखार के मरीज आ रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। वायरल बुखार एक बार होने के बाद पांच-छह दिन तक रहता है। मरीज बिना चिकित्सक की सलाह से दवा न लें। अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किया गया है।
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डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों ने विशेष वार्ड तैयार
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. डीके सैनी ने बताया कि डेंगू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। अभी तक डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। सर्दी में स्वाइन फ्लू फैलने की संभावना रहती है। इसके लिए पहले ही अलर्ट हो वार्ड तैयार कर लिया है। डॉ. सैनी ने बताया कि विभाग से टेमी फ्लू के अलावा अन्य दवाइयां मांगी गई हैं।
बचाव :
- मरीज पैरासिटामॉल गोली का प्रयोग करें।
- तेज बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टी रखें।
- अधिक तेज बुखार होने पर खून की जांच करवाएं और चिकित्सक की सलाह लें।
- बिना चिकित्सक की सलाह कोई दवा नहीं लें।