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ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में प्रशासन विफल, प्रतिदिन हो रहे हादसे
Updated Tue, 20 Feb 2018 12:44 AM IST
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ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में प्रशासन विफल, प्रतिदिन हो रहे हादसे
नारनौल। ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है। ओवरलोड वाहनों की टक्कर से जिले में प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसे होने के बाद प्रशासन सिर्फ चालान कर अपनी कार्रवाई पूर्ण कर लेती है। जबकि ओवरलोड वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो जाते हैं। पिछले एक महीने में ओवरलोड डंपर की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। डंपर की चपेट में आने से तीन दिन पूर्व निजामपुर रोड पर एक टैपों पलट गया था जिससे सवार पांच लोग घायल हो गए थे। वहीं, नांगल चौधरी, निजामपुर, महेंद्रगढ़, अटेली व कनीना में इनसे अनेक हादसे हो चुके हैं।
जिले में खनन का कार्य ज्यादा होने के कारण दिन रात डंपर चलते हैं। शहरी सीमा में ये रात को नौ से सुबह आठ बजे तक जबकि ग्रामीण क्षेत्रों, बाईपास व अप्रोच रोड पर दिन रात हजारों की संख्या में डंपर चलते हैं।
चालकों की मनमानी जारी
पुलिस व प्रशासन ने एक सप्ताह में जिले में करीब 100 चालान भी काटे हैं। इनसे करीब 50 लाख रुपये का राजस्व भी वसूला गया है। बावजूद डंपर चालक ओवरलोड वाहन चला रहे हैं।
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एक महीने में ये हुए हादसे
- महेंद्रगढ़-दादरी मार्ग पर जनवरी में डंपर की टक्कर से कार सवार पति पत्नी की मौत, बेटी गंभीर
- फरवरी में अटेली-महेंद्रगढ़ मार्ग पर बाइक सवार दो युवाओं की मौत
- नारनौल के निजामपुर में नांगल चौधरी रोड पर जनवरी माह बाइक सवार दो युवाओं की मौत
- महेंद्रगढ़ में फरवरी में डंपर की टक्कर से बाइक सवार की मौत-धौलेड़ा गांव में जनवरी में बाइक सवार युवक की मौत
ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। एक सप्ताह में करीब सौ ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए हैं। आगे भी ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा। जिले में किसी भी सूरत में ओवरलोड वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। -डा. सुनील कुमार, सीटीएम नारनौल।
प्रशासन की नींद खुली
कई हादसे होने के बाद प्रशासन ने डीसी ने अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने सोमवार को स्थानीय पंचायत भवन में ओवर लोड के संबंध में बुलाई अधिकारियों की बैठक ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
डीसी ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे सबसे पहले बाईपास पर गलत साइड चलने वाले ट्रकों पर पूरी तरह से अंकुश लगाए। इसके लिए 24 घंटे पुलिस की जिप्सी खड़ी रहे। ट्रक चालकों द्वारा जानबूझकर जाम लगाने की कोशिश को हर हाल में नाकाम करें। अगर कोई ट्रक चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो पुलिस उसका चालान यातायात नियमों के अनुसार करें। यातायात नियमों की अवहेलना किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी। उपायुक्त ने दो दिन पहले ईओ नगर परिषद की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नाके पर ट्रक चढ़ाने या फिर अन्य घटनाओं से बचने के लिए बैठक में पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों व कर्मचारियों को कहा कि वे नाके पर ड्यूटी के दौरान रिफ्लेक्टर जैकेट जरूर पहनें।
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नारनौल। ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है। ओवरलोड वाहनों की टक्कर से जिले में प्रतिदिन सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसे होने के बाद प्रशासन सिर्फ चालान कर अपनी कार्रवाई पूर्ण कर लेती है। जबकि ओवरलोड वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो जाते हैं। पिछले एक महीने में ओवरलोड डंपर की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। डंपर की चपेट में आने से तीन दिन पूर्व निजामपुर रोड पर एक टैपों पलट गया था जिससे सवार पांच लोग घायल हो गए थे। वहीं, नांगल चौधरी, निजामपुर, महेंद्रगढ़, अटेली व कनीना में इनसे अनेक हादसे हो चुके हैं।
जिले में खनन का कार्य ज्यादा होने के कारण दिन रात डंपर चलते हैं। शहरी सीमा में ये रात को नौ से सुबह आठ बजे तक जबकि ग्रामीण क्षेत्रों, बाईपास व अप्रोच रोड पर दिन रात हजारों की संख्या में डंपर चलते हैं।
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चालकों की मनमानी जारी
पुलिस व प्रशासन ने एक सप्ताह में जिले में करीब 100 चालान भी काटे हैं। इनसे करीब 50 लाख रुपये का राजस्व भी वसूला गया है। बावजूद डंपर चालक ओवरलोड वाहन चला रहे हैं।
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एक महीने में ये हुए हादसे
- महेंद्रगढ़-दादरी मार्ग पर जनवरी में डंपर की टक्कर से कार सवार पति पत्नी की मौत, बेटी गंभीर
- फरवरी में अटेली-महेंद्रगढ़ मार्ग पर बाइक सवार दो युवाओं की मौत
- नारनौल के निजामपुर में नांगल चौधरी रोड पर जनवरी माह बाइक सवार दो युवाओं की मौत
- महेंद्रगढ़ में फरवरी में डंपर की टक्कर से बाइक सवार की मौत-धौलेड़ा गांव में जनवरी में बाइक सवार युवक की मौत
ओवरलोड वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। एक सप्ताह में करीब सौ ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए हैं। आगे भी ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा। जिले में किसी भी सूरत में ओवरलोड वाहनों का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। -डा. सुनील कुमार, सीटीएम नारनौल।
प्रशासन की नींद खुली
कई हादसे होने के बाद प्रशासन ने डीसी ने अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा निर्देश दिए हैं। उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल ने सोमवार को स्थानीय पंचायत भवन में ओवर लोड के संबंध में बुलाई अधिकारियों की बैठक ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
डीसी ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे सबसे पहले बाईपास पर गलत साइड चलने वाले ट्रकों पर पूरी तरह से अंकुश लगाए। इसके लिए 24 घंटे पुलिस की जिप्सी खड़ी रहे। ट्रक चालकों द्वारा जानबूझकर जाम लगाने की कोशिश को हर हाल में नाकाम करें। अगर कोई ट्रक चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है तो पुलिस उसका चालान यातायात नियमों के अनुसार करें। यातायात नियमों की अवहेलना किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी। उपायुक्त ने दो दिन पहले ईओ नगर परिषद की गाड़ी को टक्कर मारने के मामले सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नाके पर ट्रक चढ़ाने या फिर अन्य घटनाओं से बचने के लिए बैठक में पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों व कर्मचारियों को कहा कि वे नाके पर ड्यूटी के दौरान रिफ्लेक्टर जैकेट जरूर पहनें।