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शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों ने लगाया स्कूल गेट पर ताला

Thu, 02 Nov 2017 09:42 PM IST
Updated Thu, 02 Nov 2017 09:42 PM IST
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शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों ने लगाया स्कूल गेट पर ताला
शिक्षकों की कमी पर भड़के विद्यार्थी, स्कूल के गेट पर जड़ दिया ताला
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मुख्याध्यापक को भी स्कूल में नहीं दिया घुसने, कई बार ग्रामीण लगा चुके हैं ग्रामीण शिक्षकों को लगाने की मांग
फोटो नंबर 18 से 20
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। राजकीय उच्च विद्यालय भूषण कला में पिछले कई महीनों से शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है। इस बारे में ग्रामीण विभागीय अधिकारियों को बता चुके हैं, लेकिन स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया गया। इससे गुस्साए विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों व ग्रामीणों ने वीरवार को स्कूल के मुख्य गेट को बंद कर उस पर ताला जड़ दिया। इसके बाद ग्रामीण स्कूल के मुख्य गेट पर पर ही धरना देकर बैठ गए। तालाबंदी की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अटेली बीईईओ मदनलाल भाटिया ने धरने पर बैठे विद्यार्थियों व ग्रामीणों की पूरी बात सुनी। उन्होंने स्कूल में अध्यापकों की स्थायी नियुक्ति होने तक यहां डेपुटेशन पर अध्यापकों की व्यवस्था करवाने का आश्वासन देकर ताला खुलवाया। इसके बाद बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में जाकर बैठ गए।
शिक्षकों को कमी को लेकर स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठे ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने बताया कि राजकीय उच्च विद्यालय भूषण कलां में शिक्षा सत्र 2017-18 में भूषण कलां, भूषण खुर्द, कादीपुरी व शोभापुर आदि गांवों के करीब 180 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं, लेकिन स्कूल में नए शिक्षा सत्र से ही न तो अंग्रेजी, गणित और न ही सामाजिक विषय का कोई अध्यापक है। वहीं शारीरिक शिक्षक का पद भी खाली पड़ा है। इस प्रकार स्कूल में शिक्षकों का भारी टोटा है। जबकि स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा स्थानीय विधायक, जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों से अनेक मांग लिखित रूप से मांग कर चुका है, परंतु आज तक स्कूल में खाली शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। इस कारण अध्यापकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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शिक्षा सत्र के सात महीने बीत गए हैं, लेकिन बच्चों ने आज तक अंग्रेजी का पहला पाठ भी नहीं पढ़ा है। यही स्थिति गणित विषय में बनी हुई है। ऐसे में बच्चों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है, लेकिन शिक्षा विभाग व सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जबकि ग्रामीण बीईओ से लेकर डीईओ, विधायक व शिक्षा मंत्री तक को लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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मुख्याध्यापक को भी नहीं करने दिया स्कूल के अंदर प्रवेश
अध्यापकों की कमी से गुस्साए विद्यार्थियों व अभिभावकों ने सुबह करीब 7.30 बजे ही स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों व विद्यार्थी इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने स्कूल पहुंचे मुख्याध्यापक मुन्ना लाल व अन्य अध्यापकों को भी स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद मुख्याध्यापक मुन्नालाल ने बीईओ कार्यालय में फोन कर तालाबंदी की सूचना दी। सूचना पाकर अटेली से बीईईओ मदनलाल भाटिया करीब 9.30 बजे मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे विद्यार्थियों को अध्यापकों की स्थायी नियुक्ति होने तक डेपूटेशन पर अध्यापकों की नियुक्ति करने का आश्वासन देकर तालाबंदी खुलवाई।

ग्राम पंचायत ने कई बार लगाई गुहार
तालाबंदी कर धरने पर बैठे अभिभावकों व ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में नए शिक्षा सत्र से गणित, अंग्रेजी, सामाजिक व शारीरिक शिक्षक का पद खाली पड़े हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर ग्राम पंचायत व अभिभावक कई बार बीईओ, डीईओ, विधायक व शिक्षा मंत्री से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है। इस कारण मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।

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शिक्षकों की कमी के बारे में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, विधायक ओमप्रकाश यादव व डीईओ कार्यालय को भी कई बार बताया जा चुका है, लेकिन मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-पवन कुमार, सरपंच भूषण कला।
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