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हिसार में होने वाली मजदूर रैली में लेंगे जिले से सैकड़ों मजदूर भाग
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:12 AM IST
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हिसार में होने वाली मजदूर रैली में लेंगे जिले से सैकड़ों मजदूर भाग
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अपनी मुख्य मांगों को लेकर तीन अक्टूबर को हिसार में होने वाली मजदूर किसान रैली में महेंद्रगढ़ जिले से सैकड़ों मजदूर और किसान भाग लेंगे। यह बात सीटू के जिला प्रधान शिव कुमार ने सोमवार को नारनौल, नागल चौधरी और अटेली ब्लॉक में कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। बैठक का संचालन सीटू जिला सचिव रोहताश गोठवाल ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कारपोरेट जगत के पक्ष में श्रम कानूनों को बदलकर मजदूरों को गुलाम बनाने की नीति अपना रही है। इसे मजदूर और किसान बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व अपने घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, ठेका प्रथा खत्म करने, श्रम कानूनों की कड़ाई से पालना करवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, परियोजना वर्करों को कर्मचारी का दर्जा देने, खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन, सत्ता में आने के बाद सरकार मजदूरों के पक्ष में बनाए गए संघर्षों के बल पर श्रम कानूनों को आज मालिकों के पक्ष में किया जा रहा है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। न्यूनतम वेतन में राज्य सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने समान काम समान वेतन लागू करने के निर्णय के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों और कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने के लिए तैयार नहीं है। सीटू नेताओं ने कहा कि आगामी तीन अक्टूबर को किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर हिसार में होने वाली प्रदेश स्तरीय किसान मजदूर रैली ऐतिहासिक रैली होगी। इसमें राज्य भर से एक लाख लोग शामिल होंगे। अपने हकों के लिए आंदोलन को तेज करेंगे। इस रैली को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री कामरेड माणिक सरकार संबोधित करेंगे। सीटू के जिला प्रधान शिवकुमार और जिला सचिव रोहताश गोठवाल ने कहा कि इस रैली की तैयारियों के लिए 22 से 27 सितंबर के बीच गांवों में अभियान चलाकर रैली का निमंत्रण दिया जाएगा। बैठक में वन विभाग मजदूर यूनियन के जिला प्रधान हरीराम, भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला प्रधान महाबीर और यूनियन नेता राधेश्याम, मनरेगा कामगार यूनियन की नेता निर्मला, सीटू के वरिष्ठ नेता कामरेड कैलाशचंद शर्मा आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अपनी मुख्य मांगों को लेकर तीन अक्टूबर को हिसार में होने वाली मजदूर किसान रैली में महेंद्रगढ़ जिले से सैकड़ों मजदूर और किसान भाग लेंगे। यह बात सीटू के जिला प्रधान शिव कुमार ने सोमवार को नारनौल, नागल चौधरी और अटेली ब्लॉक में कार्यकर्ताओं की बैठक में कही। बैठक का संचालन सीटू जिला सचिव रोहताश गोठवाल ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार कारपोरेट जगत के पक्ष में श्रम कानूनों को बदलकर मजदूरों को गुलाम बनाने की नीति अपना रही है। इसे मजदूर और किसान बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चुनाव से पूर्व अपने घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, ठेका प्रथा खत्म करने, श्रम कानूनों की कड़ाई से पालना करवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, परियोजना वर्करों को कर्मचारी का दर्जा देने, खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करने का वादा किया था। लेकिन, सत्ता में आने के बाद सरकार मजदूरों के पक्ष में बनाए गए संघर्षों के बल पर श्रम कानूनों को आज मालिकों के पक्ष में किया जा रहा है। ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है। न्यूनतम वेतन में राज्य सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने समान काम समान वेतन लागू करने के निर्णय के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार मजदूरों और कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन देने के लिए तैयार नहीं है। सीटू नेताओं ने कहा कि आगामी तीन अक्टूबर को किसान सभा के राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर हिसार में होने वाली प्रदेश स्तरीय किसान मजदूर रैली ऐतिहासिक रैली होगी। इसमें राज्य भर से एक लाख लोग शामिल होंगे। अपने हकों के लिए आंदोलन को तेज करेंगे। इस रैली को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री कामरेड माणिक सरकार संबोधित करेंगे। सीटू के जिला प्रधान शिवकुमार और जिला सचिव रोहताश गोठवाल ने कहा कि इस रैली की तैयारियों के लिए 22 से 27 सितंबर के बीच गांवों में अभियान चलाकर रैली का निमंत्रण दिया जाएगा। बैठक में वन विभाग मजदूर यूनियन के जिला प्रधान हरीराम, भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला प्रधान महाबीर और यूनियन नेता राधेश्याम, मनरेगा कामगार यूनियन की नेता निर्मला, सीटू के वरिष्ठ नेता कामरेड कैलाशचंद शर्मा आदि मौजूद थे।
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