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बैठक में हुआ तीन जिलों की सिंचाई व्यवस्था पर मंथन
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:32 AM IST
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बैठक में हुआ तीन जिलों की सिंचाई व्यवस्था पर मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में शनिवार को आयोजित सिंचाई विभाग की सलाहकार एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य के नहरी प्रणाली के सुधारीकरण के अलावा महेंद्रगढ़, भिवानी और रेवाड़ी की सिंचाई व्यवस्था पर भी मंथन हुआ।
नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एसके यादव अधीक्षक अभियंता, जेएलएनए वीएस मंडल नारनौल ने बताया कि जिले में 1200 क्यूसिक चल रहा है। जिले के जलघर और जोहड़ों को भरने को प्राथमिकता दी जा रही है। अधीक्षक अभियंता ने बताया कि नहर चलने के दौरान अधिकतम चैनलों की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान अटेली, दोचाना, हसनपुर, नोलपुर डिस्ट्रिब्यूटरी और सतनाली फीडर पर पानी की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सभी पंप हाउस का नवीनीकरण होने के बाद स्थिति और बेहतर होगी। अधीक्षक अभियंता ने बताया कि बरसात के मौसम में डेरोली अहीर में फालतू पानी को जमीन के अंदर डालने का सिस्टम शुरू किया गया है। इससे पंप हाउस बंद होने की सूरत में अतिरिक्त रहे पानी को जमीन के अंदर ले जाया जा सके। तोताहेड़ी और नांगल कालिया बांध पर भी जल्द ही दो नए एस्केप चैनल बनाए जा रहे हैं।
साहबी नदी के बैराज में भरा जा सकता है 11 फुट पानी
रेवाड़ी के विधायक रणधीर कापड़ीवास ने बताया कि रेवाड़ी में साहबी नदी पर 1100 एकड़ में बने मसानी बैराज में 11 फुट तक पानी भरा जा सकता है। इसमें बारिश के दौरान अधिक से अधिक पानी छोड़ा जाए। जेएलएन पर पंपों के बदले जाने के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि नारनौल सर्कल में 101 पंप अभी तक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 54 पंप स्थापित किए जा चुके हैं। पंपों की स्थापना का शेष काम अगस्त में पूरा करने का लक्ष्य है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में शनिवार को आयोजित सिंचाई विभाग की सलाहकार एवं निगरानी समिति की बैठक में राज्य के नहरी प्रणाली के सुधारीकरण के अलावा महेंद्रगढ़, भिवानी और रेवाड़ी की सिंचाई व्यवस्था पर भी मंथन हुआ।
नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एसके यादव अधीक्षक अभियंता, जेएलएनए वीएस मंडल नारनौल ने बताया कि जिले में 1200 क्यूसिक चल रहा है। जिले के जलघर और जोहड़ों को भरने को प्राथमिकता दी जा रही है। अधीक्षक अभियंता ने बताया कि नहर चलने के दौरान अधिकतम चैनलों की टेल तक पानी पहुंचाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान अटेली, दोचाना, हसनपुर, नोलपुर डिस्ट्रिब्यूटरी और सतनाली फीडर पर पानी की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सभी पंप हाउस का नवीनीकरण होने के बाद स्थिति और बेहतर होगी। अधीक्षक अभियंता ने बताया कि बरसात के मौसम में डेरोली अहीर में फालतू पानी को जमीन के अंदर डालने का सिस्टम शुरू किया गया है। इससे पंप हाउस बंद होने की सूरत में अतिरिक्त रहे पानी को जमीन के अंदर ले जाया जा सके। तोताहेड़ी और नांगल कालिया बांध पर भी जल्द ही दो नए एस्केप चैनल बनाए जा रहे हैं।
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साहबी नदी के बैराज में भरा जा सकता है 11 फुट पानी
रेवाड़ी के विधायक रणधीर कापड़ीवास ने बताया कि रेवाड़ी में साहबी नदी पर 1100 एकड़ में बने मसानी बैराज में 11 फुट तक पानी भरा जा सकता है। इसमें बारिश के दौरान अधिक से अधिक पानी छोड़ा जाए। जेएलएन पर पंपों के बदले जाने के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि नारनौल सर्कल में 101 पंप अभी तक प्राप्त हुए हैं। इनमें से 54 पंप स्थापित किए जा चुके हैं। पंपों की स्थापना का शेष काम अगस्त में पूरा करने का लक्ष्य है।
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