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मांगों को लेकर बहुउद्देशीय कर्मचारी आज काले कपड़े पहन निकालेंगे जुलूस

Tue, 04 Sep 2018 12:07 AM IST
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:07 AM IST
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मांगों को लेकर बहुउद्देशीय कर्मचारी आज काले कपड़े पहन निकालेंगे जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा अपनी मांगों का नोटिफिकेशन जारी करवाने की मांग को लेकर चल रही हड़ताल के क्रम को जारी रखते हुए कर्मचारियों ने सोमवार का आठवें दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरने दिया। इस धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान धर्मवीर ने की।
जिला प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि जन्माष्टमी के त्यौहार की वजह से केवल जिला कार्यकारिणी सदस्यों ने ही सिविल सर्जन कार्यालय के सामने सांकेतिक धरने दिया। मंगलवार को चितवन वाटिका से महावीर चौक से पुल बजार होते हुए विधायक ओमप्रकाश यादव के निवास का घेराव करेंगे और मांगों की अधिसूचना जल्द करवाने का मांग पत्र सौंपेंगे। वहीं, सरकार की दमनकारी और तानाशाही नीतियों के विरोध काले कपड़े पहन शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन करेंगे। इसमें सभी महिला सदस्य काली चुनरी और पुरुष काले कपड़े पहन सरकार के खिलाफ रोष जतायेंगे। एसोसिएशन के राज्य वरिष्ठ उप प्रधान मुकेश चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा मांगों को माने जाने का झूठा और बेबुनियाद बयान जारी कर हड़ताल को समाप्त करवाना चाह रहे है। वहीं कर्मचारियों को बर्खास्तगी का डर दिखा आंदोलन को एस्मा जैसे काले कानून लगाकर रोकना चाहते हैं। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को बर्खास्तगी करे या गिरफ्तार करें वे पीछे नहीं हटेंगे बल्कि आंदोलन को और ज्यादा उग्र करेंगे। एसोसिएशन सदैव ही वार्ता के पक्ष में रही है परंतु आज हड़ताल के आठवें दिन भी सरकार द्वारा मांगों को लागू करने की दिशा में कोई कार्यवाही न कर स्वास्थ्य मंत्री अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं।
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आवश्यक सेवाएं हो रही प्रभावित
जिला प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि सरकारी हठधर्मिता के चलते मलेरिया, डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं किंतु सरकार कर्मचारियों की मांगों को दबाने की नाकाम चेष्टा कर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम शिशुओं और गर्भवतियों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं का चेकअप, जन्म-मृत्यु पंजीकरण सेवाएं, प्रसव पूर्व व उपरांत देखभाल, टीबी व मच्छर जनित बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया के इलाज, रोकथाम और जागरूकता अभियान, पानी की शुद्धता की जांच, एंटी-लारवा की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी वर्ग को तकनीकी घोषित किया जाए।
- महिला और पुरुष कर्मियों को वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4200 सातवें वेतनमान आयोग में लेवल 6 लागू करने की अधिसूचना जारी की जाए।
- आरसीएच परियोजना में कार्यरत अनुबंधित महिला कर्मियों को 2 साल की सेवा उपरांत नियमित किया जाए। नियमित होने तक सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार समान काम समान वेतनमान लागू किया जाए।
- एमपीएचडब्ल्यू पुरुष कर्मियों का वर्दी भत्ता व एफटीए बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की जाए।
- आरसीएच परियोजना में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू महिला कर्मियों को एफटीए और वर्दी भत्ता दिया जाए।
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