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देव उठनी एकादशी आज, बजेंगी शहनाईयां
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:03 PM IST
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देव उठनी एकादशी आज, बजेंगी शहनाइयां
-देव उठनी के लिए तैयार होने लगे मैरेज पैलेस
फोटो नंबर 11 व 12
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। देव उठनी एकादशी से मंगलवार को सावों की शुरुआत होगी। देव उठनी एकादशी पर शहर में सैकड़ों शादियां होंगी। इसके लिए मैरिज पैलेस सजकर तैयार हो गए हैं। वहीं देव उठनी को लेकर गाड़ी, बैंड बाजा, हलवाई आदि ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पंडित आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि 31 अक्तूबर मंगलवार को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादश को देव उठनी ग्यारस या हरि प्रबोधिनी एकादशी के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन चतुर्मास की समाप्ति होती है। आषाढ़ सुदी एकादशी को देव शमन होता है। देव उठनी के बारे में मान्यता है कि राजा के यहां से इस दिन भगवान पाताल लोक से यहां पृथ्वी पर आते हैं। आज ही के दिन भगवान शालिग्राम एवं तुलसी जी का विवाह धूमधाम से करवाया जाता है। इस दिन से विवाह आदि मुहूर्त प्रारंभ हो जाते हैं। इसे लोक प्रसिद्ध मुहूर्त भी माना जाता है। देव उठनी एकादशी पर गाड़ियां व मैरिज पैलेस सजने लगे हैं। मैरिज पैलेस में रौनक दिखाई देने लगी है। वहीं फूलों की दुकान, बैंड बाजा व हलवाई आदि ने भी देव उठनी की पूरी तैयारी की हुई है।
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-देव उठनी के लिए तैयार होने लगे मैरेज पैलेस
फोटो नंबर 11 व 12
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। देव उठनी एकादशी से मंगलवार को सावों की शुरुआत होगी। देव उठनी एकादशी पर शहर में सैकड़ों शादियां होंगी। इसके लिए मैरिज पैलेस सजकर तैयार हो गए हैं। वहीं देव उठनी को लेकर गाड़ी, बैंड बाजा, हलवाई आदि ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पंडित आचार्य क्रांति निर्मल ने बताया कि 31 अक्तूबर मंगलवार को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादश को देव उठनी ग्यारस या हरि प्रबोधिनी एकादशी के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन चतुर्मास की समाप्ति होती है। आषाढ़ सुदी एकादशी को देव शमन होता है। देव उठनी के बारे में मान्यता है कि राजा के यहां से इस दिन भगवान पाताल लोक से यहां पृथ्वी पर आते हैं। आज ही के दिन भगवान शालिग्राम एवं तुलसी जी का विवाह धूमधाम से करवाया जाता है। इस दिन से विवाह आदि मुहूर्त प्रारंभ हो जाते हैं। इसे लोक प्रसिद्ध मुहूर्त भी माना जाता है। देव उठनी एकादशी पर गाड़ियां व मैरिज पैलेस सजने लगे हैं। मैरिज पैलेस में रौनक दिखाई देने लगी है। वहीं फूलों की दुकान, बैंड बाजा व हलवाई आदि ने भी देव उठनी की पूरी तैयारी की हुई है।
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