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Mahendragarh-Narnaul News: 17 बसें दस साल से अधिक पुरानी व फिटनेस से बाहर, जीएल शिक्षा समिति के खाते किए फ्रीज
Tue, 16 Apr 2024 03:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 16 Apr 2024 03:50 AM IST
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कनीना (महेंद्रगढ़)। कनीना बस हादसे के मामले में डीएमसी व जीएल स्कूल के प्रशासक महावीर प्रसाद की देखरेख में स्कूल को लगातार खोला जा रहा है। प्रशासक महावीर प्रसाद एचसीएस ने कहा कि स्कूल स्टाफ प्रतिदिन आएगा। जो छात्र स्कूल में शिक्षा ग्रहण करेंगे, उनकी कक्षाएं लगाई जाएंगी, लेकिन फिलहाल स्कूल के पास परिवहन के लिए एक ही बस है, उसके भी कागजात पूरे नहीं है। 17 बसें 10 साल से ज्यादा पुरानी होने के कारण फिटनेस से बाहर हो चुकी हैं। ट्रांसपोर्ट के लिए रोडवेज व आरटीओ विभाग से बात चल रही है। जीएल शिक्षा समिति के अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं।
प्रशासक ने बताया कि शिक्षा समिति के बैंक खातों की डिटेल्स निकलवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पता लगेगा कि फंड है तो उसके हिसाब से सबसे पहले शिक्षकों का वेतन डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्कूल में करीब 750 बच्चों की संख्या है। रोडवेज के अधिकारियों से भी बात चल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उचित परिवहन व्यवस्था नहीं होगी, तब तक नए दाखिले नहीं किए जाएंगे। सुबह सभी शिक्षकों के साथ एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें सभी से पूछा गया था कि कोई अभिभावक आपसे जुड़ा हुआ है और आना चाहता है तो वह आ सकता है। उन्होंने बताया कि अभी तक एक भी अभिभावक व एक भी बच्चा विद्यालय में नहीं आया है। वर्तमान में जीएल स्कूल में 30 का स्टाफ है। वर्तमान में स्कूल में 60 प्रतिशत के आसपास विद्यार्थी स्कूल वाहन से आते थे।
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प्रशासक ने बताया कि शिक्षा समिति के बैंक खातों की डिटेल्स निकलवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही पता लगेगा कि फंड है तो उसके हिसाब से सबसे पहले शिक्षकों का वेतन डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्कूल में करीब 750 बच्चों की संख्या है। रोडवेज के अधिकारियों से भी बात चल रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उचित परिवहन व्यवस्था नहीं होगी, तब तक नए दाखिले नहीं किए जाएंगे। सुबह सभी शिक्षकों के साथ एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें सभी से पूछा गया था कि कोई अभिभावक आपसे जुड़ा हुआ है और आना चाहता है तो वह आ सकता है। उन्होंने बताया कि अभी तक एक भी अभिभावक व एक भी बच्चा विद्यालय में नहीं आया है। वर्तमान में जीएल स्कूल में 30 का स्टाफ है। वर्तमान में स्कूल में 60 प्रतिशत के आसपास विद्यार्थी स्कूल वाहन से आते थे।
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