{"_id":"5a0886c34f1c1b97678baf68","slug":"161510508227-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महेंद्रगढ मांगे मेडिकल कॉलेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महेंद्रगढ मांगे मेडिकल कॉलेज
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
5 जिलों के 450 गांवों के 13 लाख ग्रामीणों को होगा फायदा
-इलाज के लिए जाना पड़ता है 150 से 200 किलोमीटर दूर
-आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली के लोगों का फायदा
फोटो संख्या:31
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। सीएम साहब! राजस्थान के लोगों को नहीं महेंद्रगढ़ के लोगों को मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। सबसे ज्यादा परेशानी महेंद्रगढ़ के मरीजों को उठानी पड़ती है। उन्हें इलाज के लिए 40 से 50 नहीं बल्कि 150 से 200 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे घायल तो रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं। अगर कोरियावास या मिर्जापुर बाछोद मेें मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया तो उससे महेंद्रगढ़ जिले के लोगों को कम राजस्थान के लोगों को अधिक फायदा होगा। कोरियावास राजस्थान के झुंझुनू की सीमा से लगता है जबकि मिर्जापुर बाछोद जिला अलवर के साथ लगता हुआ है। महेंद्रगढ़ की सीमा चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी और राजस्थान के जिले झुंझुनू के साथ लगती है। अगर मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ स्थापित होता है तो इससे न केवल महेंद्रगढ़ बल्कि साथ लगते जिलों के गांवों को भी फायदा होगा। वैसे भी सोमवार को नारनौल में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हो जाएगा। इससे नांगल चौधरी, नारनौल और अटेली के लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त हो जाएंगी। किंतु अगर मेडिकल कॉलेज भी नारनौल के पास स्थापित कर दिया गया तो महेंद्रगढ़ विकास के नाम पर तो पिछड़ेगा, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमी कभी दूर नहीं हो पाएंगी।
5 जिलों के 450 गांवों के 13 लाख ग्रामीणों को होगा फायदा
महेंद्रगढ़ जिले का केंद्र है। अगर मेडिकल कॉलेज यहां स्थापित किया जाता है तो इस विधानसभा क्षेत्र की सीमा से लगते चारों जिले और महेंद्रगढ़ जिले के लगभग 450 गांवों के 13 लाख लोगों को फायदा होगा। विधानसभा क्षेत्र से लगते भिवानी जिले के लगभग 18 गांव पड़ते हैं। बारड़ा के 18, दादरी 12, रेवाड़ी 10 और महेंद्रगढ़ के 344 गांव हैं।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली के लोगों का फायदा
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त हो जाएंगी। किंतु इस खुलने पर महेंद्रगढ़ की उप तहसील सतनाली और आकोदा की ओर पड़ने वाले गांवों को पूरा फायदा नहीं मिलेगा। नारनौल की जितनी दूरी पड़ेगी लगभग उतना ही दूर रोहतक पीजीआई पड़ेगा। यानी इस आयुर्वेदिक मेडिकक कॉलेज से भी महेंद्रगढ़ जिले के बहुत से गांवों को अधिक फायदा मिलने वाला नहीं है। इसी प्रकार अगर मेडिकल कॉलेज नारनौल एवं नांगल चौधरी के आसपास स्थापित किया गया तो महेंद्रगढ़ के लोगों को कम राजस्थान के लोगों को अधिक फायदा होगा।
विज्ञापन
सतनाली क्षेत्र से जुड़े गांव की कोरियावास से दूरी
कुम्हारों की ढाणी 70 किलोमीटर, श्यामपुरा 60, सोहड़ी 60, डिगरोता 64, ढाणा 60, नौताना 53, बाघोत 59
---------
महेंद्रगढ़ से दूर पड़ने वाले मेडिकल कॉलेज
महेंद्रगढ़ से रोहतक 110 किलोमीटर
महेंद्रगढ़ से गुरुग्राम 120 किलोमीटर
दिल्ली 140 किलोमीटर
जयपुर 200 किलोमीटर
हर दूसरे दिन होती है एक मौत
आपको बता दें कि महेंद्रगढ़ के नजदीक कोई मेडिकल कॉलेज नहीं होने के कारण हर दूसरे दिन इलाज के अभाव में घायल दम तोड़ जाता है। उप नागरिक अस्पताल में महीने में 20 पोस्टमार्टम होते हैं जिनमें से अधिकतर सड़क हादसे के होते हैं। घायलों और जहरीला पदार्थ खाने वालों को अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज 110 से 200 किलोमीटर दूर होने पर व्यक्ति की रास्ते में ही मौत हो जाती है। अगर समय पर उनको इलाज मिल जाए तो मृत्युदर का अनुपात कम हो सकता है।
नारनौल में हैं पहले से ये सुविधाएं
बता दें महेंद्रगढ़ से अधिक सुविधाएं नारनौल में हैं। राजनीति उपेक्षाओं के चलते सभी मुख्यालय नारनौल में पहले ही चले गए थे। यही कारण है कि महेंद्रगढ़ विकास के मामले में पिछड़ रहा है। अन्य सरकारों ने पॉलीटेक्निक कॉलेज , केंद्रीय विद्यालय, हवाई पट्टी भी नारनौल और उसके आसपास क्षेत्रों में स्थापित करवा दिए थे। इसके अलावा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं 200 बेड का अस्पताल भी नारनौल स्थापित हैं। महेंद्रगढ़ में मात्र एक हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। इसके अलावा कोई सुविधा यहां नहीं है। इसके अलावा नारनौल क्षेत्र के पर्यटन स्थल का जीर्णोद्धार किया जा चुका है जबकि प्रदेश सरकार को आए हुए तीन वर्ष का समय हो चुका है किंतु अभी तक माधोगढ़ किला और महेंद्रगढ़ किले के जीर्णोद्धार के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
विज्ञापन
-इलाज के लिए जाना पड़ता है 150 से 200 किलोमीटर दूर
-आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली के लोगों का फायदा
फोटो संख्या:31
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। सीएम साहब! राजस्थान के लोगों को नहीं महेंद्रगढ़ के लोगों को मेडिकल कॉलेज की जरूरत है। सबसे ज्यादा परेशानी महेंद्रगढ़ के मरीजों को उठानी पड़ती है। उन्हें इलाज के लिए 40 से 50 नहीं बल्कि 150 से 200 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इससे घायल तो रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं। अगर कोरियावास या मिर्जापुर बाछोद मेें मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया तो उससे महेंद्रगढ़ जिले के लोगों को कम राजस्थान के लोगों को अधिक फायदा होगा। कोरियावास राजस्थान के झुंझुनू की सीमा से लगता है जबकि मिर्जापुर बाछोद जिला अलवर के साथ लगता हुआ है। महेंद्रगढ़ की सीमा चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी और राजस्थान के जिले झुंझुनू के साथ लगती है। अगर मेडिकल कॉलेज महेंद्रगढ़ स्थापित होता है तो इससे न केवल महेंद्रगढ़ बल्कि साथ लगते जिलों के गांवों को भी फायदा होगा। वैसे भी सोमवार को नारनौल में आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन हो जाएगा। इससे नांगल चौधरी, नारनौल और अटेली के लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त हो जाएंगी। किंतु अगर मेडिकल कॉलेज भी नारनौल के पास स्थापित कर दिया गया तो महेंद्रगढ़ विकास के नाम पर तो पिछड़ेगा, साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की कमी कभी दूर नहीं हो पाएंगी।
5 जिलों के 450 गांवों के 13 लाख ग्रामीणों को होगा फायदा
महेंद्रगढ़ जिले का केंद्र है। अगर मेडिकल कॉलेज यहां स्थापित किया जाता है तो इस विधानसभा क्षेत्र की सीमा से लगते चारों जिले और महेंद्रगढ़ जिले के लगभग 450 गांवों के 13 लाख लोगों को फायदा होगा। विधानसभा क्षेत्र से लगते भिवानी जिले के लगभग 18 गांव पड़ते हैं। बारड़ा के 18, दादरी 12, रेवाड़ी 10 और महेंद्रगढ़ के 344 गांव हैं।
विज्ञापन
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली के लोगों का फायदा
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद नारनौल, नांगल चौधरी और अटेली की स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त हो जाएंगी। किंतु इस खुलने पर महेंद्रगढ़ की उप तहसील सतनाली और आकोदा की ओर पड़ने वाले गांवों को पूरा फायदा नहीं मिलेगा। नारनौल की जितनी दूरी पड़ेगी लगभग उतना ही दूर रोहतक पीजीआई पड़ेगा। यानी इस आयुर्वेदिक मेडिकक कॉलेज से भी महेंद्रगढ़ जिले के बहुत से गांवों को अधिक फायदा मिलने वाला नहीं है। इसी प्रकार अगर मेडिकल कॉलेज नारनौल एवं नांगल चौधरी के आसपास स्थापित किया गया तो महेंद्रगढ़ के लोगों को कम राजस्थान के लोगों को अधिक फायदा होगा।
विज्ञापन
सतनाली क्षेत्र से जुड़े गांव की कोरियावास से दूरी
कुम्हारों की ढाणी 70 किलोमीटर, श्यामपुरा 60, सोहड़ी 60, डिगरोता 64, ढाणा 60, नौताना 53, बाघोत 59
---------
महेंद्रगढ़ से दूर पड़ने वाले मेडिकल कॉलेज
महेंद्रगढ़ से रोहतक 110 किलोमीटर
महेंद्रगढ़ से गुरुग्राम 120 किलोमीटर
दिल्ली 140 किलोमीटर
जयपुर 200 किलोमीटर
हर दूसरे दिन होती है एक मौत
आपको बता दें कि महेंद्रगढ़ के नजदीक कोई मेडिकल कॉलेज नहीं होने के कारण हर दूसरे दिन इलाज के अभाव में घायल दम तोड़ जाता है। उप नागरिक अस्पताल में महीने में 20 पोस्टमार्टम होते हैं जिनमें से अधिकतर सड़क हादसे के होते हैं। घायलों और जहरीला पदार्थ खाने वालों को अस्पताल से रेफर कर दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज 110 से 200 किलोमीटर दूर होने पर व्यक्ति की रास्ते में ही मौत हो जाती है। अगर समय पर उनको इलाज मिल जाए तो मृत्युदर का अनुपात कम हो सकता है।
नारनौल में हैं पहले से ये सुविधाएं
बता दें महेंद्रगढ़ से अधिक सुविधाएं नारनौल में हैं। राजनीति उपेक्षाओं के चलते सभी मुख्यालय नारनौल में पहले ही चले गए थे। यही कारण है कि महेंद्रगढ़ विकास के मामले में पिछड़ रहा है। अन्य सरकारों ने पॉलीटेक्निक कॉलेज , केंद्रीय विद्यालय, हवाई पट्टी भी नारनौल और उसके आसपास क्षेत्रों में स्थापित करवा दिए थे। इसके अलावा आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं 200 बेड का अस्पताल भी नारनौल स्थापित हैं। महेंद्रगढ़ में मात्र एक हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। इसके अलावा कोई सुविधा यहां नहीं है। इसके अलावा नारनौल क्षेत्र के पर्यटन स्थल का जीर्णोद्धार किया जा चुका है जबकि प्रदेश सरकार को आए हुए तीन वर्ष का समय हो चुका है किंतु अभी तक माधोगढ़ किला और महेंद्रगढ़ किले के जीर्णोद्धार के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।