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ट्रेन से दूसरे दिन 1601 मजदूरों को भेजा मध्य प्रदेश के मेघनगर
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=श्रमिक ट्रेन को रवाना करते डीसी, एसपी व एडीसी समेत अन्य अधिकारी।
- फोटो : Narnol
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जिला प्रशासन ने 1440 मजदूूरों और 161 बच्चों को श्रमिक एक्सप्रेस से दूसरे दिन भी मध्य प्रदेश भेजा। ट्रेन नारनौल स्टेशन से मध्य प्रदेश के मेघनगर जाएगी। इससे पहले मजदूरों की शेल्टर होम पर जांच की गई और इसके बाद ट्रेन में बैठने से पहले भी थर्मल स्कैनिंग की गई। ट्रेन में बैठने से पहले मजदूूूरों को सैनिटाइज किया गया। इस दौरान एडीसी, एसपी और एसडीएम समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
कोविड-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन से जिले में काफी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के मजदूर फंसे हैं। ऐसे मजदूरों को उचित साधनों से पहुंचाने का काम चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को श्रमिक एक्सप्रेस से 1628 यात्रियों को नारनौल रेलवे स्टेशन से छतरपुर (मध्य प्रदेश) भेजा गया था। दूसरे दिन बुधवार को भी गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों की जांच की। जिला प्रशासन द्वारा मुफ्त रेल टिकट के अलावा सभी यात्रियों को खाने के पैकेट पानी की बोतल सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध करवाएं गए।
सोशल डिस्टेंस के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दोपहर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी थी। रेलवे स्टेशन के बाहर तथा प्लेटफार्म पर विशेष चिन्ह लगाए गए थे जिससे एक दूसरे यात्री से कम से कम 6 फीट की दूरी रहे। विभिन्न शेल्टर होम में ठहरे सभी यात्रियों को रोडवेज की बसों से रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। जहां पर पहले उन्हें मुफ्त टिकट दिया गया।
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एसडीएम नारनौल मनीष फोगाट ने बताया कि दूसरे दिन 1601 मजूदरों को भेजा गया। इसमें 1440 बड़े व 161 बच्चे शामिल हैं। इस मौके पर एडीसी मुनीष कुमार, एसपी सुलोचना गजराज व स्टेशन मास्टर मुनेेश भार्गव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुनेश ने बताया कि ट्रेन नारनौल से मेघनगर मध्य प्रदेश जाएगी। ट्रेन सुबह ही प्लेटफार्म पर आ गई थी। इसके बाद उसे सैनिटाइज किया गया।
हर बस को अलग-अलग नंबर दिया गया था
नारनौल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाल में 433 एमपी के श्रमिक ठहरे थे। दोपहर में उनकी थर्मल जांच हुई। इसके बाद 11 बसों से रेलवे स्टेशन नारनौल पहुंचाया गया। इससे पहले बीडीपीओ, डीएसपी, स्कूल के प्रधानाचार्य समेत अन्य ने मजदूरों को रेलवे स्टेशन पर जाने से पहली सभी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद सभी को बसों से स्टेशन पर भेजा गया। ट्रेन में कोच की संख्या के आधार पर बसों को नंबर दिया गया था। जैसे 12 नंबर की बस के मजदूर 12 नंबर कोच में बैठें। इससे मजदूरों के साथ प्रशासन को भी राहत मिली। दोपहर तीन बजे के बाद मजदूर रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शहर से काफी मजदूर अन्य राज्यों के हैं। सभी अपने प्रदेश जाना चाहते हैं और मौका पाते ही पैदल जाने को तैयार है। ऐसे में नारनौल से ट्रेन चलने को लेकर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। इसके लिए महावीर चौक से लेकर रेलवे स्टेशन, गंदे नाले के पास, पटीकरा गांव, अस्पताल समेत सभी प्रमुख जगहों पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। जिससे कोई भी मजदूर स्टेशन तक पहुंचने न पाए। दोपहर बाद ही पुलिस प्रशासन ने शहर के सभी चौक-चौराहों पुलिस तैनात कर दिया था।
आज बिहार जाएगी ट्रेन
स्टेशन मास्टर ने बताया कि वीरवार को एक ट्रेन पूर्णिया बिहार जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग शेल्टर होम में ठहरे बिहार के मजदूरों की डाटा लिया गया है। वीरवार को यह ट्रेन दोपहर बाद नारनौल से बिहार के लिए रवाना होगी।
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कोविड-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन से जिले में काफी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के मजदूर फंसे हैं। ऐसे मजदूरों को उचित साधनों से पहुंचाने का काम चल रहा है। इसके तहत मंगलवार को श्रमिक एक्सप्रेस से 1628 यात्रियों को नारनौल रेलवे स्टेशन से छतरपुर (मध्य प्रदेश) भेजा गया था। दूसरे दिन बुधवार को भी गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों की जांच की। जिला प्रशासन द्वारा मुफ्त रेल टिकट के अलावा सभी यात्रियों को खाने के पैकेट पानी की बोतल सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध करवाएं गए।
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सोशल डिस्टेंस के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दोपहर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी थी। रेलवे स्टेशन के बाहर तथा प्लेटफार्म पर विशेष चिन्ह लगाए गए थे जिससे एक दूसरे यात्री से कम से कम 6 फीट की दूरी रहे। विभिन्न शेल्टर होम में ठहरे सभी यात्रियों को रोडवेज की बसों से रेलवे स्टेशन पर पहुंचाया गया। जहां पर पहले उन्हें मुफ्त टिकट दिया गया।
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एसडीएम नारनौल मनीष फोगाट ने बताया कि दूसरे दिन 1601 मजूदरों को भेजा गया। इसमें 1440 बड़े व 161 बच्चे शामिल हैं। इस मौके पर एडीसी मुनीष कुमार, एसपी सुलोचना गजराज व स्टेशन मास्टर मुनेेश भार्गव समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुनेश ने बताया कि ट्रेन नारनौल से मेघनगर मध्य प्रदेश जाएगी। ट्रेन सुबह ही प्लेटफार्म पर आ गई थी। इसके बाद उसे सैनिटाइज किया गया।
हर बस को अलग-अलग नंबर दिया गया था
नारनौल के सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाल में 433 एमपी के श्रमिक ठहरे थे। दोपहर में उनकी थर्मल जांच हुई। इसके बाद 11 बसों से रेलवे स्टेशन नारनौल पहुंचाया गया। इससे पहले बीडीपीओ, डीएसपी, स्कूल के प्रधानाचार्य समेत अन्य ने मजदूरों को रेलवे स्टेशन पर जाने से पहली सभी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद सभी को बसों से स्टेशन पर भेजा गया। ट्रेन में कोच की संख्या के आधार पर बसों को नंबर दिया गया था। जैसे 12 नंबर की बस के मजदूर 12 नंबर कोच में बैठें। इससे मजदूरों के साथ प्रशासन को भी राहत मिली। दोपहर तीन बजे के बाद मजदूर रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शहर से काफी मजदूर अन्य राज्यों के हैं। सभी अपने प्रदेश जाना चाहते हैं और मौका पाते ही पैदल जाने को तैयार है। ऐसे में नारनौल से ट्रेन चलने को लेकर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। इसके लिए महावीर चौक से लेकर रेलवे स्टेशन, गंदे नाले के पास, पटीकरा गांव, अस्पताल समेत सभी प्रमुख जगहों पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। जिससे कोई भी मजदूर स्टेशन तक पहुंचने न पाए। दोपहर बाद ही पुलिस प्रशासन ने शहर के सभी चौक-चौराहों पुलिस तैनात कर दिया था।
आज बिहार जाएगी ट्रेन
स्टेशन मास्टर ने बताया कि वीरवार को एक ट्रेन पूर्णिया बिहार जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग शेल्टर होम में ठहरे बिहार के मजदूरों की डाटा लिया गया है। वीरवार को यह ट्रेन दोपहर बाद नारनौल से बिहार के लिए रवाना होगी।