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नहीं किया महिलाओं का अल्ट्रासाउंड, हुई परेशानी
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन नारनौल के आह्वान पर रविवार को किसी भी निजी अस्पताल में महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया। जिसके कारण अनेक गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताली चिकित्सकों का कहना है कि पीएनटीडी एक्ट की आड़ में चिकित्सकों को झूठा फंसाया जा रहा है।
शनिवार को मक्कड़ अस्पताल में हुई बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत चिकित्सकों को झूठा फंसाने तथा उन पर केस बनाने की निंदा की गई। वहीं रविवार को एक दिन के लिए किसी भी निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न करने का निर्णय लिया गया। जिसके कारण रविवार को शहर में कहीं भी महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। बैठक में आईएमए के प्रधान डॉ. एमआर मक्कड़ ने कहा कि ये देखने में आया है कि लिंग जांच का दलालों द्वारा किया जाता है। जिन्होंने इसे पैसा कमाने का धंधा बना लिया है। इसमें डाक्टरों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। पीएनडीटी की टीम ऐसी कोई रिकार्डिंग नहीं करती, जिससे की चिकित्सक को लिंग जांच में पैसा लेते दिखाया गया हो। वहीं ऐसी रिकार्डिंग भी नहीं होती की चिकित्सक ने लिंग जांच की हो। उन्होंने कहा कि दलाल किसी भी चिकित्सक से साधारण अल्ट्रासाउंड करा लेता है तथा बाहर आकर गर्भवती महिला या उनके परिजनों को अपने आप ही लड़का या लड़की होने के बारे में बता देता है। वहीं टीम द्वारा चिकित्सक पर केस बना दिया जाता है। डाक्टर की अल्ट्रासाउंड मशीन भी सील कर दी जाती है। चिकित्सक को जेल भेज दिया जाता है। इस मौके पर डॉ. दीपक सिंहल, डॉ. जीडी राठी, डॉ. विनीत यादव, डॉ. गौरव जैन, डॉ. ओपी यादव, डॉ. मंजीत यादव व डॉ. एसएस यादव आदि चिकित्सक उपस्थित थे।
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नारनौल। आल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन नारनौल के आह्वान पर रविवार को किसी भी निजी अस्पताल में महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया। जिसके कारण अनेक गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताली चिकित्सकों का कहना है कि पीएनटीडी एक्ट की आड़ में चिकित्सकों को झूठा फंसाया जा रहा है।
शनिवार को मक्कड़ अस्पताल में हुई बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत चिकित्सकों को झूठा फंसाने तथा उन पर केस बनाने की निंदा की गई। वहीं रविवार को एक दिन के लिए किसी भी निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न करने का निर्णय लिया गया। जिसके कारण रविवार को शहर में कहीं भी महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। बैठक में आईएमए के प्रधान डॉ. एमआर मक्कड़ ने कहा कि ये देखने में आया है कि लिंग जांच का दलालों द्वारा किया जाता है। जिन्होंने इसे पैसा कमाने का धंधा बना लिया है। इसमें डाक्टरों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। पीएनडीटी की टीम ऐसी कोई रिकार्डिंग नहीं करती, जिससे की चिकित्सक को लिंग जांच में पैसा लेते दिखाया गया हो। वहीं ऐसी रिकार्डिंग भी नहीं होती की चिकित्सक ने लिंग जांच की हो। उन्होंने कहा कि दलाल किसी भी चिकित्सक से साधारण अल्ट्रासाउंड करा लेता है तथा बाहर आकर गर्भवती महिला या उनके परिजनों को अपने आप ही लड़का या लड़की होने के बारे में बता देता है। वहीं टीम द्वारा चिकित्सक पर केस बना दिया जाता है। डाक्टर की अल्ट्रासाउंड मशीन भी सील कर दी जाती है। चिकित्सक को जेल भेज दिया जाता है। इस मौके पर डॉ. दीपक सिंहल, डॉ. जीडी राठी, डॉ. विनीत यादव, डॉ. गौरव जैन, डॉ. ओपी यादव, डॉ. मंजीत यादव व डॉ. एसएस यादव आदि चिकित्सक उपस्थित थे।
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