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Mahendragarh-Narnaul News: राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में जिले से 1500 पशु होंगे शामिल
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फोटो 01 रेवाड़ी रोड पर स्थित पशुपालन विभाग का कार्यालय। संवाद
नारनौल। 41वीं राज्यस्तरीय तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी 6 से 8 फरवरी तक कुरूक्षेत्र में आयोजित की जाएगी। इसमें अलग-अलग किस्म के लगभग 1500 पशु भाग लेंगे व प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 50,000 पशुपालक शामिल होगें।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. चन्द्रभान सोनी ने बताया कि जिले से छह, सात और आठ फरवरी को रोजाना 3 बसें विभिन्न स्थानों से चलकर कुरुक्षेत्र जाएंगी।
बसों का रूट इस तरह से बनाया जाएगा कि जिले के ज्यादा से ज्यादा एरिया से इच्छुक पशुपालक प्रदर्शनी को देखने के लिए जा सकें। पशुपालकों को प्रदर्शनी में उत्तम नस्ल के विभिन्न श्रेणी के पशुओं को देखने का अवसर मिलेगा। इससे उत्तम नस्ल के उत्तम पशु पालने की प्रेरणा लेकर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त मेले में पशुपालन, बागवानी, कृषि व मछली पालन से संबंधित आधुनिक तकनीक, उत्पादों व यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेले में पशुपालकों के भोजन एवं पानी की व्यवस्था एकदम मुफ्त होगी। विजेता पशुओं के मालिकों को लाखों रुपये के इनाम भी वितरित किए जाएंगे।
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इन पशुपालकों को अपने उत्तम नस्ल के पशुओं को मेले में भाग लेने के लिए ले जाना है, उसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। जिसके लिए वे निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। मेले में भाग लेने वाले पशुओं के कान में 12 डिजिट का बिल्ला पहचान के लिए लगवाना अनिवार्य है व इसके लिए पशुओं का बीमा भी विभाग द्वारा स्कीम अनुसार किया जाएगा।
मेले में जाने वाले पशुओं के लिए दूरी के हिसाब से किराया भी दिया जाएगा व मेले में पशुओं के लिए चारा व पानी की व्यवस्था भी विभाग के द्वारा फ्री करवाई जाएगी।
प्रदर्शनी में जाने वाली कुल 53 कैटेगरी के पशुओं को शामिल किया जाएगा। इसमें 7 कैटेगरी की भैंस, 23 कैटेगरी की गाय और सांड, 7 कैटेगरी के घोड़े और गधे, 2 कैटेगरी के ऊंट, 8 कैटेगरी की भेड़ व 6 कैटेगरी की बकरी व सुअर शामिल होगें।
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पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डाॅ. चन्द्रभान सोनी ने बताया कि जिले से छह, सात और आठ फरवरी को रोजाना 3 बसें विभिन्न स्थानों से चलकर कुरुक्षेत्र जाएंगी।
बसों का रूट इस तरह से बनाया जाएगा कि जिले के ज्यादा से ज्यादा एरिया से इच्छुक पशुपालक प्रदर्शनी को देखने के लिए जा सकें। पशुपालकों को प्रदर्शनी में उत्तम नस्ल के विभिन्न श्रेणी के पशुओं को देखने का अवसर मिलेगा। इससे उत्तम नस्ल के उत्तम पशु पालने की प्रेरणा लेकर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।
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इसके अतिरिक्त मेले में पशुपालन, बागवानी, कृषि व मछली पालन से संबंधित आधुनिक तकनीक, उत्पादों व यंत्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेले में पशुपालकों के भोजन एवं पानी की व्यवस्था एकदम मुफ्त होगी। विजेता पशुओं के मालिकों को लाखों रुपये के इनाम भी वितरित किए जाएंगे।
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इन पशुपालकों को अपने उत्तम नस्ल के पशुओं को मेले में भाग लेने के लिए ले जाना है, उसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। जिसके लिए वे निकटतम पशु चिकित्सालय से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। मेले में भाग लेने वाले पशुओं के कान में 12 डिजिट का बिल्ला पहचान के लिए लगवाना अनिवार्य है व इसके लिए पशुओं का बीमा भी विभाग द्वारा स्कीम अनुसार किया जाएगा।
मेले में जाने वाले पशुओं के लिए दूरी के हिसाब से किराया भी दिया जाएगा व मेले में पशुओं के लिए चारा व पानी की व्यवस्था भी विभाग के द्वारा फ्री करवाई जाएगी।
प्रदर्शनी में जाने वाली कुल 53 कैटेगरी के पशुओं को शामिल किया जाएगा। इसमें 7 कैटेगरी की भैंस, 23 कैटेगरी की गाय और सांड, 7 कैटेगरी के घोड़े और गधे, 2 कैटेगरी के ऊंट, 8 कैटेगरी की भेड़ व 6 कैटेगरी की बकरी व सुअर शामिल होगें।