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Mahendragarh-Narnaul News: प्रतिदिन 15 से 20 लोगों को प्लेटलेट्स की जरूरत, अस्पताल में कोई सुविधा नहीं
Thu, 24 Aug 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 24 Aug 2023 11:54 PM IST
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लैब के बाहर रिपोर्ट लेने के लिए खड़े लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। मौसम में बदलाव होने से इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इससे मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने की वजह से निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। अगर प्रतिदिन की बात करते तो सरकारी अस्पताल में 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें चिकित्सक प्लेटलेट्स कम होने की बात कह रहे हैं।
मरीजों को करना पड़ रहा रेवाड़ी, रोहतक पीजीआई व राजस्थान का रुख
इस समय डेंगू व वायरल बुखार का प्रकोप ज्यादा रहता है, लेकिन नारनौल के नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन को लाइसेंस नहीं मिलने से मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए रेवाड़ी, रोहतक पीजीआई या फिर राजस्थान के बहरोड़, नीमराणा जाना पड़ रहा है।
डेंगू मरीजों को सबसे ज्यादा प्लेटलेट्स की जरूरत होती है, लेकिन प्लेटलेट्स की सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को निजी ब्लड बैंक से महंगी दर पर खरीदनी पड़ रही है। ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगने से जरूरतमंदों को सरकारी दर पर प्लेटलेट्स मिलने की आस जगी थी, लेकिन अब तक लाइसेंस नही मिलने से मशीन शुरू नहीं की जा सकी है।
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केंद्र व राज्य की टीम के दौरे का इंतजार
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस अब तक नहीं मिल पाया है। अब केंद्र व राज्य की टीम के दौरे का इंतजार है। इसके बाद ही यह मशीन शुरू हो सकेगी। पहले टीम जुलाई में आने की संभावना थी, लेकिन निरीक्षण के लिए नहीं आई है। बीते वर्ष जब टीम निरीक्षण के लिए आई थी, जब मशीन वाले कमरे में काफी अनियमितता मिली थी, जिससे टीम ने लाइसेंस देने से इन्कार कर दिया था। अब ब्लड बैंक की तरफ से सभी कमियों को पूरा कर लिया गया है, लेकिन निरीक्षण के लिए टीम नहीं आ रही है।
केंद्र व राज्य की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। इसके बाद ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस मिल सकेगा। इसके बाद मरीजों को नागरिक अस्पताल में ही सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
- संगीता यादव, रक्त कोष अधिकारी, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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नारनौल। मौसम में बदलाव होने से इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इससे मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने की वजह से निजी अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। अगर प्रतिदिन की बात करते तो सरकारी अस्पताल में 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें चिकित्सक प्लेटलेट्स कम होने की बात कह रहे हैं।
मरीजों को करना पड़ रहा रेवाड़ी, रोहतक पीजीआई व राजस्थान का रुख
इस समय डेंगू व वायरल बुखार का प्रकोप ज्यादा रहता है, लेकिन नारनौल के नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट मशीन को लाइसेंस नहीं मिलने से मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए रेवाड़ी, रोहतक पीजीआई या फिर राजस्थान के बहरोड़, नीमराणा जाना पड़ रहा है।
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डेंगू मरीजों को सबसे ज्यादा प्लेटलेट्स की जरूरत होती है, लेकिन प्लेटलेट्स की सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को निजी ब्लड बैंक से महंगी दर पर खरीदनी पड़ रही है। ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन लगने से जरूरतमंदों को सरकारी दर पर प्लेटलेट्स मिलने की आस जगी थी, लेकिन अब तक लाइसेंस नही मिलने से मशीन शुरू नहीं की जा सकी है।
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केंद्र व राज्य की टीम के दौरे का इंतजार
ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस अब तक नहीं मिल पाया है। अब केंद्र व राज्य की टीम के दौरे का इंतजार है। इसके बाद ही यह मशीन शुरू हो सकेगी। पहले टीम जुलाई में आने की संभावना थी, लेकिन निरीक्षण के लिए नहीं आई है। बीते वर्ष जब टीम निरीक्षण के लिए आई थी, जब मशीन वाले कमरे में काफी अनियमितता मिली थी, जिससे टीम ने लाइसेंस देने से इन्कार कर दिया था। अब ब्लड बैंक की तरफ से सभी कमियों को पूरा कर लिया गया है, लेकिन निरीक्षण के लिए टीम नहीं आ रही है।
केंद्र व राज्य की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। इसके बाद ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन का लाइसेंस मिल सकेगा। इसके बाद मरीजों को नागरिक अस्पताल में ही सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
- संगीता यादव, रक्त कोष अधिकारी, नागरिक अस्पताल नारनौल।