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जन परिवेदना समिति की बैठक में रखे 14 मामले,
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जन परिवेदना समिति की बैठक में शिकायत सुनते कृषि मंत्री जेपी दलाल।
- फोटो : Narnol
कृषि एवं किसान कल्याण व पशुपालन मंत्री जयप्रकाश दलाल की अध्यक्षता में स्थानीय पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक हुई। बैठक में सुनवाई के लिए कुल 14 मामले रखे गए। इनमें सात मामले पिछली बैठक से लंबित थे। उन्होंने कई मामलों में दोबारा से जांच करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर मंत्री दलाल ने कहा कि हम सब जनता की सेवा के लिए है इसलिए पूरी गंभीरता के साथ अपने कार्य करने चाहिए। परिवेदना समिति के समक्ष आजमाबाद मौखुता की अंजू पत्नी पवन ने शिकायत रखी कि एचडीएफसी बैंक निजामपुर द्वारा चार लाख 20 हजार रुपये के लोन के लिए कागज लिए गए थे। इसके लिए बैंक ने 100-100 रुपये के स्टांप पेपर भी लिए। एक साल बाद बैंक ने केवल 50 हजार रुपये लोन देने के लिए सहमति दी। यह लोन पशुपालन के लिए लिया था लेकिन अभी तक बैंक ने नहीं दिया और उसके स्टांप पेपर भी लगवा दिए। इस पर एचडीएफसी बैंक से आए प्रतिनिधि ने बताया कि जो भी लोन पास होते हैं, दिल्ली में लोन विभाग द्वारा होता है। इसमें ब्रांच का कोई रोल नहीं होता। इस पर कृषि मंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि अगली बैठक में मुख्यालय से अधिकारी खुद यहां शामिल होंगे। अगर वे नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। साथ ही उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि पीड़ित को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएं। गांव पथरवा के मुरारी लाल शर्मा द्वारा शिकायत की गई कि उसके खाते से फर्जी तौर पर एक लाख 41 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसकी शिकायत थाना सतनाली में दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। अब प्रबंधक कह रहा है कि इंश्योरेंस कंपनी हेड ऑफिस चंडीगढ़ से 15 मार्च तक खाते में पैसे डलवा देगा। मंत्री ने कहा कि 15 मार्च तक पैसा नहीं डालता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार गांव शहबाजपुर के धर्मेंद्र की भूमि पर कब्जे की शिकायत के संबंध में कार्यकारी अभियंता पंचायती राज ने बताया कि नारनौल की अदालत में सात वीसीएल का केस दायर किया हुआ है। जैसे ही इस मामले में फैसला आएगा कब्जा हटवा दिया जाएगा। नारनौल के मोहल्ला बड़का कुआं निवासी रामनिवास की ऐतिहासिक स्थलों व कुआं बावड़ी पर अवैध कब्जे की शिकायत के संबंध में नगर परिषद के ईओ अभय सिंह यादव ने बताया कि इस जमीन को वक्फ बोर्ड ने संबंधित पार्टी को लीज पर दिया हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि किसी भी नदी नाले व बावड़ी को लीज पर कैसे दिया जा सकता है। एसडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर परिषद की मलकीयत की जमीन को कोई और अपनी जमीन बताकर कैसे लीज पर दे सकता है। अगली बैठक में वक्फ बोर्ड के अधिकारियों को भी बुलाया जाए। गांव में मेघनवास के लक्ष्मण की शिकायत पर कृषि मंत्री ने एसडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए। प्रार्थी ने शिकायत की थी कि जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामले नियंत्रक द्वारा गांव में गलत व्यक्ति को डिपो दिया है जिसका दुकान का नक्शा गलत बना हुआ है और गांव के बीच में स्थित है। गांव मुकुंदपुरा के प्रकाश चंद ने शिकायत रखी कि उसके पास गैर मुमकिन पहाड़ है जो उसके पूर्वजों ने खरीदा था। जमीन पर सतीश गर्ग ने अवैध रूप से सरकार से फर्जी लीज डीड का सहारा लेकर 20 साल से अवैध खनन कर रहा है। यह लीज भी गैर पंजीकृत है। इस संबंध में जमीन मालिकों से किसी प्रकार की भी सहमति भी नहीं ली गई। इसके लिए आरोपियों ने जमाबंदी 2018-19 में हेरा फेरी की है। उन्होंने कहा कि आज भी अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्हें उनकी जमीन व पहाड़ दिलाया जाए और जो आज तक लगभग 400 करोड़ रुपये का खनन हुआ है, उसे दिलाया जाए। इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में एडीसी डॉ. मनीष नागपाल जांच करेंगे व पैमाइश कराने के बाद मालिक की सहमति नहीं है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अटेली के प्यारे लाल ने व्यायामशाला के बारे शिकायत दी थी। जिस पर अधिकारी ने बताया कि इस पर काम चल रहा है। सभाराम ने एटीएम से पैसे निकालने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर सुनवाई हुई। मंत्री ने मामले की दोबारा से जांच कराने को कहा। कनीना निवासी सुभाष मामले में दोबारा डीएसपी से जांच कराने को मंत्री ने कहा। पूर्व सैनिक दयानंद ने कैंटिग की समस्या रखी। इस पर मंत्री ने डीसी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। एजेंडे में शामिल तीन शिकायतकर्ता नहीं पहुंचे। इस मौके पर विधायक सीताराम यादव, डीसी जगदीश शर्मा,एसपी सुलोचना देवी, जिला प्रमुख राजेश देवी, नगर परिषद की चेयरपर्सन भारतीय सैनी, गोविंद भारद्वाज, मनीष मित्तल, संजय सैनी व समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे। बता दें कि बीजेपी-जजपा की सरकार बनने के बाद मंत्री जेपी दलाल दूसरी बार जन परिवेदना समिति की बैठक में शामिल हुए। इस बार उनके तेवर पहले से अलग थे। कई बार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कहीं। इससे पहले 10 जनवरी को मंत्री ने बैठक ली थी।
30 अन्य शिकायतें भी सुनी : बैठक का कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से तय था लेकिन मंत्री दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर बैठक में पहुंचेे। इसके बाद करीब शाम सवा चार बजे सुनवाई पूरी कर ली। इसके अन्य करीब 30 लोगों की शिकायतें सुनी। इसमें शहर में मैरिज प्लेस संचालकों के नियमित करने का भी मामला रखा गया। इस पर मंत्री ने डीसी से कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा बिजली कनेक्शन, एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई न करने, नहर का मामला, पंचायती जमीन का मामला, जमीन का मुआवजा दिलाने, गांव में बसों के चलाने, डिपो धारक द्वार राशन न देने व धोबी घाट जैसे अन्य मामले शामिल थे। इसमें कई मामलों को अगली बैठक में रखने के लिए मंत्री ने कहा। बैठक में एक ओर अधिकारी व दूसरी ओर अन्य लोगों के बैठने का इंतजाम था। लेकिन, शनिवार को बीजेपी के जिला प्रधान के लिए रायशुमारी के लिए दो बजे से बैठक हो रही थी। इस कारण कई बीजेपी नेता बैठक में देर में पहुंचे। ऐसे में दूसरी ओर की कुर्सियां खाली रही। इस पर मंत्री ने अन्य को बैठने के लिए कहा।
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इस मौके पर मंत्री दलाल ने कहा कि हम सब जनता की सेवा के लिए है इसलिए पूरी गंभीरता के साथ अपने कार्य करने चाहिए। परिवेदना समिति के समक्ष आजमाबाद मौखुता की अंजू पत्नी पवन ने शिकायत रखी कि एचडीएफसी बैंक निजामपुर द्वारा चार लाख 20 हजार रुपये के लोन के लिए कागज लिए गए थे। इसके लिए बैंक ने 100-100 रुपये के स्टांप पेपर भी लिए। एक साल बाद बैंक ने केवल 50 हजार रुपये लोन देने के लिए सहमति दी। यह लोन पशुपालन के लिए लिया था लेकिन अभी तक बैंक ने नहीं दिया और उसके स्टांप पेपर भी लगवा दिए। इस पर एचडीएफसी बैंक से आए प्रतिनिधि ने बताया कि जो भी लोन पास होते हैं, दिल्ली में लोन विभाग द्वारा होता है। इसमें ब्रांच का कोई रोल नहीं होता। इस पर कृषि मंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि अगली बैठक में मुख्यालय से अधिकारी खुद यहां शामिल होंगे। अगर वे नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। साथ ही उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि पीड़ित को किसान क्रेडिट कार्ड बनवाएं। गांव पथरवा के मुरारी लाल शर्मा द्वारा शिकायत की गई कि उसके खाते से फर्जी तौर पर एक लाख 41 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसकी शिकायत थाना सतनाली में दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। अब प्रबंधक कह रहा है कि इंश्योरेंस कंपनी हेड ऑफिस चंडीगढ़ से 15 मार्च तक खाते में पैसे डलवा देगा। मंत्री ने कहा कि 15 मार्च तक पैसा नहीं डालता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार गांव शहबाजपुर के धर्मेंद्र की भूमि पर कब्जे की शिकायत के संबंध में कार्यकारी अभियंता पंचायती राज ने बताया कि नारनौल की अदालत में सात वीसीएल का केस दायर किया हुआ है। जैसे ही इस मामले में फैसला आएगा कब्जा हटवा दिया जाएगा। नारनौल के मोहल्ला बड़का कुआं निवासी रामनिवास की ऐतिहासिक स्थलों व कुआं बावड़ी पर अवैध कब्जे की शिकायत के संबंध में नगर परिषद के ईओ अभय सिंह यादव ने बताया कि इस जमीन को वक्फ बोर्ड ने संबंधित पार्टी को लीज पर दिया हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि किसी भी नदी नाले व बावड़ी को लीज पर कैसे दिया जा सकता है। एसडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर परिषद की मलकीयत की जमीन को कोई और अपनी जमीन बताकर कैसे लीज पर दे सकता है। अगली बैठक में वक्फ बोर्ड के अधिकारियों को भी बुलाया जाए। गांव में मेघनवास के लक्ष्मण की शिकायत पर कृषि मंत्री ने एसडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए। प्रार्थी ने शिकायत की थी कि जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामले नियंत्रक द्वारा गांव में गलत व्यक्ति को डिपो दिया है जिसका दुकान का नक्शा गलत बना हुआ है और गांव के बीच में स्थित है। गांव मुकुंदपुरा के प्रकाश चंद ने शिकायत रखी कि उसके पास गैर मुमकिन पहाड़ है जो उसके पूर्वजों ने खरीदा था। जमीन पर सतीश गर्ग ने अवैध रूप से सरकार से फर्जी लीज डीड का सहारा लेकर 20 साल से अवैध खनन कर रहा है। यह लीज भी गैर पंजीकृत है। इस संबंध में जमीन मालिकों से किसी प्रकार की भी सहमति भी नहीं ली गई। इसके लिए आरोपियों ने जमाबंदी 2018-19 में हेरा फेरी की है। उन्होंने कहा कि आज भी अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्हें उनकी जमीन व पहाड़ दिलाया जाए और जो आज तक लगभग 400 करोड़ रुपये का खनन हुआ है, उसे दिलाया जाए। इस पर मंत्री ने निर्देश दिए कि इस मामले में एडीसी डॉ. मनीष नागपाल जांच करेंगे व पैमाइश कराने के बाद मालिक की सहमति नहीं है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अटेली के प्यारे लाल ने व्यायामशाला के बारे शिकायत दी थी। जिस पर अधिकारी ने बताया कि इस पर काम चल रहा है। सभाराम ने एटीएम से पैसे निकालने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर सुनवाई हुई। मंत्री ने मामले की दोबारा से जांच कराने को कहा। कनीना निवासी सुभाष मामले में दोबारा डीएसपी से जांच कराने को मंत्री ने कहा। पूर्व सैनिक दयानंद ने कैंटिग की समस्या रखी। इस पर मंत्री ने डीसी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। एजेंडे में शामिल तीन शिकायतकर्ता नहीं पहुंचे। इस मौके पर विधायक सीताराम यादव, डीसी जगदीश शर्मा,एसपी सुलोचना देवी, जिला प्रमुख राजेश देवी, नगर परिषद की चेयरपर्सन भारतीय सैनी, गोविंद भारद्वाज, मनीष मित्तल, संजय सैनी व समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे। बता दें कि बीजेपी-जजपा की सरकार बनने के बाद मंत्री जेपी दलाल दूसरी बार जन परिवेदना समिति की बैठक में शामिल हुए। इस बार उनके तेवर पहले से अलग थे। कई बार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कहीं। इससे पहले 10 जनवरी को मंत्री ने बैठक ली थी।
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30 अन्य शिकायतें भी सुनी : बैठक का कार्यक्रम दोपहर तीन बजे से तय था लेकिन मंत्री दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर बैठक में पहुंचेे। इसके बाद करीब शाम सवा चार बजे सुनवाई पूरी कर ली। इसके अन्य करीब 30 लोगों की शिकायतें सुनी। इसमें शहर में मैरिज प्लेस संचालकों के नियमित करने का भी मामला रखा गया। इस पर मंत्री ने डीसी से कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा बिजली कनेक्शन, एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई न करने, नहर का मामला, पंचायती जमीन का मामला, जमीन का मुआवजा दिलाने, गांव में बसों के चलाने, डिपो धारक द्वार राशन न देने व धोबी घाट जैसे अन्य मामले शामिल थे। इसमें कई मामलों को अगली बैठक में रखने के लिए मंत्री ने कहा। बैठक में एक ओर अधिकारी व दूसरी ओर अन्य लोगों के बैठने का इंतजाम था। लेकिन, शनिवार को बीजेपी के जिला प्रधान के लिए रायशुमारी के लिए दो बजे से बैठक हो रही थी। इस कारण कई बीजेपी नेता बैठक में देर में पहुंचे। ऐसे में दूसरी ओर की कुर्सियां खाली रही। इस पर मंत्री ने अन्य को बैठने के लिए कहा।
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