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गांव आकोदा ग्रामीण बेठे धरने पर, एक व्यक्ति भूख हड़ताल पर
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। बसई डिस्ट्रीब्यूटरी में निर्माण के बाद 40 वर्षों से पानी नहीं आने को लेकर आकोदा गांव के ग्रामीणों का दूसरे दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने नहरी विभाग तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही सरकार टेल तक पानी पहुंचाने का दावा कर रही हो किंतु हकीकत यह है कि पिछले 40 वर्षों में इस नहर में पानी नहीं आया। इसके लिए वो तीन वर्षों में लिखित एवं मौखिक शिकायत दे चुके हैं किंतु अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं की तो वो 6 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। पिछले दो दिन से राजेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
इस मौके पर राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे तीन वर्ष से नहरी पानी की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। तीन वर्ष पहले उन्होंने नहरी पानी लाने, नहरी पानी को गांव को तालाब से जोड़ने तथा पानी के डैम की सफाई करने के लिए शिकायत दी थी। उसके बाद कई बार सीएम विंडों में भी भी शिकायत लगा चुके हैं। किंतु नहरी विभाग के अधिकारी झूठी कार्रवाई कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंप रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि झूठी रिपोर्ट देने वाले नहरी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा नहर में पानी छोड़ा जाए।
40 वर्ष पूर्व बनाई गई थी नहर:
ग्रामीणों ने बताया कि 1979 में बनाई गई थी। नहर छितरौली से आकोदा तक बनाई गई थी। जिसके नीचे लगभग एक दर्जन गांव आते हैं। किंतु नहर में नाम मात्र का ही पानी आया है। सिंचाई विभाग इस नहर पर सफाई तथा रिपयेरिंग का खर्च भी करती रहती है। अगर यह नहर आती है तो इसे ग्रामीणों को काफी फायदा मिलेगा।
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महेंद्रगढ़। बसई डिस्ट्रीब्यूटरी में निर्माण के बाद 40 वर्षों से पानी नहीं आने को लेकर आकोदा गांव के ग्रामीणों का दूसरे दिन अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे लोगों ने नहरी विभाग तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही सरकार टेल तक पानी पहुंचाने का दावा कर रही हो किंतु हकीकत यह है कि पिछले 40 वर्षों में इस नहर में पानी नहीं आया। इसके लिए वो तीन वर्षों में लिखित एवं मौखिक शिकायत दे चुके हैं किंतु अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं की तो वो 6 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। पिछले दो दिन से राजेंद्र सिंह भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
इस मौके पर राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे तीन वर्ष से नहरी पानी की कार्रवाई में जुटे हुए हैं। तीन वर्ष पहले उन्होंने नहरी पानी लाने, नहरी पानी को गांव को तालाब से जोड़ने तथा पानी के डैम की सफाई करने के लिए शिकायत दी थी। उसके बाद कई बार सीएम विंडों में भी भी शिकायत लगा चुके हैं। किंतु नहरी विभाग के अधिकारी झूठी कार्रवाई कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंप रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि झूठी रिपोर्ट देने वाले नहरी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा नहर में पानी छोड़ा जाए।
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40 वर्ष पूर्व बनाई गई थी नहर:
ग्रामीणों ने बताया कि 1979 में बनाई गई थी। नहर छितरौली से आकोदा तक बनाई गई थी। जिसके नीचे लगभग एक दर्जन गांव आते हैं। किंतु नहर में नाम मात्र का ही पानी आया है। सिंचाई विभाग इस नहर पर सफाई तथा रिपयेरिंग का खर्च भी करती रहती है। अगर यह नहर आती है तो इसे ग्रामीणों को काफी फायदा मिलेगा।
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