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नाबालिगों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:31 AM IST
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नांगल दुर्गू में छह नाबालिग की शादियां रुकवाईं
जिला प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से बच गईं बच्चियां
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नांगल दुर्गू में 31 अक्तूबर को एक ही मंडप में छह नाबालिग लड़कियों की होने वाली शादियां जिला प्रशासन की सतर्कता से बच गई। इस प्रकार इन 2 से 16 वर्ष की छह नाबालिग लड़कियों का भविष्य बर्बाद होने से बच गया। अब बालिग होने तक इन लड़कियों की शादी नहीं होगी। इस बात के लिए उनके परिजनों ने वादा किया है।
सीएमजीजीए आशीष विक्रम ने बताया कि सोमवार को उन्हें सूत्रों से सूचना लगी कि गांव नांगल दुर्गू में एक साथ छह नाबालिग लड़कियों की शादी होने जा रही है। इसके बाद वे स्वयं जिला बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा व बाल संरक्षण इकाई से संदीप कुमार नांगल चौधरी खंड के साथ गांव नागलदुर्गु में पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि नांगल दुर्गू निवासी महेंद्र व रामनिवास के परिवार में 6 लड़कियों की शादी की तैयारियां हो रही थीं। लड़कियों की शादी में दिया जाने वाला वाला सामान भी इसी अनुपात में रखा हुआ था। टीम ने मौके पर पाया कि लड़कियां 2 से 16 वर्ष की आयु वर्ग की हैं। उन्होंने पुलिस की सहायता से शादी को न केवल रुकवाया बल्कि पुलिस के समक्ष परिवार से यह शादी न करने का आश्वासन लिया। इस दौरान बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि बाल विवाह करने पर एक साल की कैद व 2 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अब नए कानून के तहत शादी में शिरकत करने व्यक्तियों को भी सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शिविर लगरा कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता के लिए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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जिला प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से बच गईं बच्चियां
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नांगल दुर्गू में 31 अक्तूबर को एक ही मंडप में छह नाबालिग लड़कियों की होने वाली शादियां जिला प्रशासन की सतर्कता से बच गई। इस प्रकार इन 2 से 16 वर्ष की छह नाबालिग लड़कियों का भविष्य बर्बाद होने से बच गया। अब बालिग होने तक इन लड़कियों की शादी नहीं होगी। इस बात के लिए उनके परिजनों ने वादा किया है।
सीएमजीजीए आशीष विक्रम ने बताया कि सोमवार को उन्हें सूत्रों से सूचना लगी कि गांव नांगल दुर्गू में एक साथ छह नाबालिग लड़कियों की शादी होने जा रही है। इसके बाद वे स्वयं जिला बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा व बाल संरक्षण इकाई से संदीप कुमार नांगल चौधरी खंड के साथ गांव नागलदुर्गु में पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि नांगल दुर्गू निवासी महेंद्र व रामनिवास के परिवार में 6 लड़कियों की शादी की तैयारियां हो रही थीं। लड़कियों की शादी में दिया जाने वाला वाला सामान भी इसी अनुपात में रखा हुआ था। टीम ने मौके पर पाया कि लड़कियां 2 से 16 वर्ष की आयु वर्ग की हैं। उन्होंने पुलिस की सहायता से शादी को न केवल रुकवाया बल्कि पुलिस के समक्ष परिवार से यह शादी न करने का आश्वासन लिया। इस दौरान बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शर्मा ने बताया कि बाल विवाह करने पर एक साल की कैद व 2 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अब नए कानून के तहत शादी में शिरकत करने व्यक्तियों को भी सजा हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शिविर लगरा कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता के लिए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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