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माया बटोरने के चक्कर में भटके अभिभावक : स्वामी रामप्रपन्नाचार्य
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:32 AM IST
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माया बटोरने के चक्कर में भटके अभिभावक : स्वामी रामप्रपन्नाचार्य
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। श्री सतगुरु सेवा समिति महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में आयोजित साप्ताहिक भागवत कथा में वृंदावन से पधारे स्वामी श्रीरामप्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि आज के इस आपा-धापी के युग में मनुष्य के लिए शायद केवल पैसा कमाना ही मुख्य उद्देश्य रह गया है। माता-पिता दोनों माया बटोरने के चक्कर में बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भूल गए हैं।
बाबा जयरामदास धर्मशाला में शनिवार को कथा के वृतांत को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने कहा कि मैया यशोदा की गोद में लला और कारावास में कैद मैया देवकी की गोद में बालिका का चला जाना यह प्रभु की लीला नहीं तो और क्या है? लला का तेज देख माता यशोदा के नेत्र सजल हो उठे, खुशी और दुख: दोनों में नेत्रों का सजल हो जाना भी भारतीय संस्कृति है। उन्होंने कहा कि आज के अभिभावक अपने बच्चों को अंग्रेजी भाषा पढ़ाने के पीछे पड़े हुए हैं, बेहतर होता यदि वे आने वाली पीढ़ी को अपनी राष्ट्रीभाषा हिंदी-संस्कृत के लिए भी प्रेरित करें। इस मौके पर पर पूर्व जिला प्रमुख सुरेंद्र कौशिक, पार्षद देवेंद्र सैनी, किशनचंद बोहरा, ओमप्रकाश बोहरा, हनुमान प्रसाद, विष्णु दत्त शर्मा, धर्मबीर चिकना, अमित गोयल, रामनिवास सरपंच, कुसुम अहरोदिया, सुमन शर्मा, राजेश देवी आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। श्री सतगुरु सेवा समिति महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में आयोजित साप्ताहिक भागवत कथा में वृंदावन से पधारे स्वामी श्रीरामप्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि आज के इस आपा-धापी के युग में मनुष्य के लिए शायद केवल पैसा कमाना ही मुख्य उद्देश्य रह गया है। माता-पिता दोनों माया बटोरने के चक्कर में बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भूल गए हैं।
बाबा जयरामदास धर्मशाला में शनिवार को कथा के वृतांत को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने कहा कि मैया यशोदा की गोद में लला और कारावास में कैद मैया देवकी की गोद में बालिका का चला जाना यह प्रभु की लीला नहीं तो और क्या है? लला का तेज देख माता यशोदा के नेत्र सजल हो उठे, खुशी और दुख: दोनों में नेत्रों का सजल हो जाना भी भारतीय संस्कृति है। उन्होंने कहा कि आज के अभिभावक अपने बच्चों को अंग्रेजी भाषा पढ़ाने के पीछे पड़े हुए हैं, बेहतर होता यदि वे आने वाली पीढ़ी को अपनी राष्ट्रीभाषा हिंदी-संस्कृत के लिए भी प्रेरित करें। इस मौके पर पर पूर्व जिला प्रमुख सुरेंद्र कौशिक, पार्षद देवेंद्र सैनी, किशनचंद बोहरा, ओमप्रकाश बोहरा, हनुमान प्रसाद, विष्णु दत्त शर्मा, धर्मबीर चिकना, अमित गोयल, रामनिवास सरपंच, कुसुम अहरोदिया, सुमन शर्मा, राजेश देवी आदि मौजूद रहे।
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