फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   राम भरोसे नागरिक अस्पताल, भड़के मरीजों का हंगामा

राम भरोसे नागरिक अस्पताल, भड़के मरीजों का हंगामा

Sun, 13 Aug 2017 12:37 AM IST
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
राम भरोसे नागरिक अस्पताल, भड़के मरीजों का हंगामा
राम भरोसे नागरिक अस्पताल, भड़के मरीजों का हंगामा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नागरिक अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों का टोटा बना हुआ है। जो चिकित्सक अस्पताल में तैनात हैं, वे ड्यूटी सही से नहीं कर रहे। शनिवार को भी सुबह दस से 12 बजे तक लगभग सभी चिकित्सक अपने-अपने कमरों से नदारद थे। इसको लेकर वहां आये मरीजों व उनके तीमारदारों ने हंगामा कर दिया। बाद में जब मीडियाकर्मी वहां पहुंचे और खाली कमरों की फोटो ली तो 15 मिनट में ही चिकित्सक लौट आए और मरीजों को देखना शुरू किया।
नागरिक अस्पताल में कई सालों से चिकित्सकों का टोटा है। कुछ दिन पहले यहां दो नए सर्जन आए थे। इनमें आई सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। दोनों सर्जन आने से मरीजों को काफी राहत मिली है, मगर शनिवार को ये चिकित्सक भी अपने कमरे में नहीं थे। इस कारण मरीजों ने हंगामा कर दिया। मरीजों का कहना था कि वे दो घंटे से चिकित्सकों का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

किसी भी रूम में नहीं बैठे थे चिकित्सक
अमर उजाला की टीम ने शनिवार को वहां हंगामा होने की सूचना मिलने के बाद दौरा किया तो पाया कि कोई भी चिकित्सक अपने रूम में नहीं था। रूम नंबर पांच में बैठने वाले डॉ. रतनलाल, हड्डी सर्जन डॉ. विनोद कंबोज, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश, फिजिशियन डॉ. अनिल यादव और डीसी यादव के रूम खाली थे। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील इमरजेंसी केस आने पर उसे देखने चले गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

800 मरीज लगे रहे लाइन में
शनिवार को नागरिक अस्पताल में 800 मरीज की ओपीडी हुई। ये सुबह दस बजे से 12 बजे तक दो घंटे लाइन में लगे रहे।
कैंप में गए थे कुछ चिकित्सक
इस बारे में लोगों ने चिकित्सा अधिकारियों से बात की तो चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कुछ चिकित्सक एक कैंप में गए हैं। इस पर लोग कहने लगे कि पहले मरीजों को देखना चाहिए। इसके बाद ही कोई कैंप लगाना चाहिए।
चिकित्सक नहीं, फिर भी लाइन में ही लगे रहे लोग
अस्पताल में चिकित्सक नहीं थे। इसके बावजूद लोग लाइन में लगे रहे। लाइन में लगे मरीजों का कहना था कि क्या पता कब चिकित्सक आ जाए। लाइन में लगे रहने से कम से कम उनका नंबर तो नहीं कटेगा

फ्लैश चमके तो फोर्थ क्लास ने बुलाए चिकित्सक
जब खाली पड़ी कुर्सियों की फोटो ली तो वहां तैनात फोर्थ क्लास कर्मियों ने चिकित्सकों को फोन कर बुला लिया। इसके 15 मिनट बाद ही चिकित्सक आ गए। इससे मरीजों ने राहत की सांस ली।
मैं अपनी बेटी को दिखाने के लिए आया था। पता चला था कि कोई आंखों का डाक्टर आया हुआ है, मगर यहां आये तो देखा कि लाइन ही बहुत लंबी है। चिकित्सक है नहीं।
-दिनेश कुमार

मैं अपने भतीजे को लेकर आंखों के चिकित्सक के पास आई थी, मगर चिकित्सक नहीं मिला। इससे परेशानी हो रही है। अब दुबारा किराया लगाकर आना होगा।
-बरखा, पालड़ी

यहां पर वह चेकअप कराने के लिए आया था, मगर यहां बहुत भीड़ है। चिकित्सक भी दो घंटे से अपनी सीट पर नहीं है। इससे परेशानी हो रही है।
-प्रताप सिंह, अटेली

यहां पर हड्डी रोग चिकित्सक नए आए हैं। इसलिए मैं चिकित्सक के पास आई थी, दो घंटे से चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं हैं। अब और इंतजार करना होगा।
-सीमा, रघुनाथपुरा

कुछ चिकित्सकों की ड्यूटी कैंप में लगी है। इसलिए वे वहां गए हुए हैं। यदि मरीजों को परेशानी हो रही है तो मरीजों की समस्या को दूर कर दिया जाएगा।
-डा. राजेश कुमार, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed