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रास्ता बन सकता है आईएमटी के लिए बाधाक
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। खुडाना में बनने वाली आईएमटी के लिए उसका रास्ता बाधक बन गया है। बुधवार को हेड क्वार्टर एचएसआईआईडीसी ने रास्ते की जमीन के लिए सहमति पत्र मांगे हैं। 43 सहमति पत्रों पर लगभग एक हजार लोगों के हस्ताक्षर होने हैं। ये शपथ पत्र शुक्रवार को ही जमा करवाने हैं। इसके बाद ही एचएसआईआईडीसी रास्ते के लिए एनओसी जारी करेगा। शपथ पत्र को लेकर पूरा प्रशासन मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त ने शपथ पत्रों के लिए वीरवार को गांव खुडाना में कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को बैठा दिया, ताकि लोगों को शपथ पत्र के लिए महेंद्रगढ़ न जाना पड़े।
वहीं, गांव आदलपुर के किसानों ने डीसी रेट पर जमीन देने के लिए मना कर दिया है। इन सब बातों को लेकर आईएमटी के रास्ते के लिए अड़चन बन गई है। एनओसी के लिए कम से कम 80 प्रतिशत लोगों के साइन होने जरूरी हैं। इसी आईएमटी की आधारशिला 24 फरवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के द्वारा रखी जानी हैं।
43 खेवट में हैं एक हजार लोग हिस्सेदार
आईएमटी का मुख्य रास्ता गांव खुडाना एवं आदलपुर की सीमा से लगता हुआ है। आईएमटी के लिए 200 फुट चौड़ा रास्ता बनाया जाना है। इस रास्ते पर दोनों गांवों के किसानों की 58 एकड़ जमीन लगती है। इसमें 15 एकड़ जमीन आदलपुर के किसानों की है। जबकि 43 एकड़ जमीन खुडाना गांव के किसानों की है। दोनों गांव की 43 खेवट में एक हजार लोग हिस्सेदार हैं।
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प्रशासन जुटा कार्रवाई में
ग्रामीणों ने पहले सहमति पत्र दे दिए थे लेकिन वो सहमति पत्र कुछ लोगों ने ही दिए थे। अब एचएसआईआईडीसी ने सभी के सहमति पत्र मांग लिए हैं। इसको लेकर पूरा प्रशासन कार्रवाई में जुट गया है। उपायुक्त गरिमा मित्तल सुबह गांव खुडाना पहुंची और वो सबसे पहले इसी कार्रवाई में जुटी। उपायुक्त ने ग्रामीणों को रिश्तेदारी में जाकर सहमति पत्र पर साइन करवा कर लाने के लिए कहा। आज रात तक सभी यह काम पूरा कर दें। इसके बाद उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने रास्ते का जायजा लिया।
गांव में ही बैठाए कर्मचारी
शपथ पत्र बनाने के लिए प्रशासन ने गांव में ही शपथ पत्र बनाने वाले बैठा दिए थेे। उपायुक्त ने नायब तहसीलदार और सीनियर टाउन प्लानर को आदेश कर दिए थे कि शपथ पत्र के लिए वहीं पर स्टांप मशीन तथा कंप्यूटर ऑपरेटर को बैठाया जाए। उपायुक्त के आदेश पर स्टांप मशीन लगा दी गई। इसके बाद 43 शपथ पत्र भी तैयार किए गए।
विकल्प के तौर पर मिला दूसरा रास्ता
एचएसआईआईडीसी को एक दूसरा रास्ता विकल्प के रूप में मिला है। उस रास्ते पर आकोद पंचायत की 80 प्रतिशत जमीन लगती है। लेकिन इस रास्ते पर तीन चार बीपीएल प्लाट तथा एक दो मकान बीच में आ रहे हैं। इस रास्ते के बारे में भी उपायुक्त को अवगत करवा दिया है। उपायुक्त ने दोनों ही रास्ते पर समांतर काम करने के लिए कहा। ऐसा भी बताया जा रहा है कि गांव आकोदा की पंचायत जमीन देने को तैयार है।
पंचायत की जमीन का दोबारा दिया प्रस्ताव
गांव खुडाना की 962 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाली आईएमटी के लिए गांव की पंचायत ने दोबारा से प्रस्ताव पास कर एचएसआईआईडीसी को सौंपा है। एचएसआईआईडीसी ने गांव से दोबारा डीसी रेट पर जमीन के लिए प्रस्ताव मांगा था जो गांव के सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल ने सौंप दिया है।
वर्जन
अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं। ग्रामीण शपथ पत्र पर रिश्तेदारों के साइन करवाने के लिए निकल गए हैं। उम्मीद है कि यह काम शुक्रवार को पूरा कर लिया जाएगा। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
- डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त, महेंद्रगढ़।
वर्जन
एचएसआईआईडीसी ने पहले सहमति पत्र कम भेजे थे। अब हेड क्वार्टर ने सहमति पत्र पर सभी के साइन मांग लिए हैं। इसको लेकर प्रशासन जुटा हुआ है। ग्रामीण भी इसमें लगे हुए हैं। दूसरे विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। उस पर भी हमारी टीम लगी हुई है।
- राजकुमार, सीनियर टाउन प्लानर, महेंद्रगढ़।
वर्जन
पहले सात आठ लोगों ने सहमति पत्र दे दिए थे। अब प्रशासन डीसी रेट पर जमीन मांग रहा है। बुुधवार की शाम को पटवारी सहमति पत्र लेने के लिए आया था। तब ग्रामीणों ने सहमति पत्र देने से मना कर दिया था। ग्रामीण बाजार रेट लेने पर जमीन देने को तैयार हैं। ग्रामीणों का मनाने का प्रयास किया जा रहा है। शाम को गांव की पंचायत होगी, उस पंचायत में ग्रामीणों को रास्ते के लिए मना लिया जाएगा।
- अतर सिंह, सरपंच, आदलपुर।
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महेंद्रगढ़। खुडाना में बनने वाली आईएमटी के लिए उसका रास्ता बाधक बन गया है। बुधवार को हेड क्वार्टर एचएसआईआईडीसी ने रास्ते की जमीन के लिए सहमति पत्र मांगे हैं। 43 सहमति पत्रों पर लगभग एक हजार लोगों के हस्ताक्षर होने हैं। ये शपथ पत्र शुक्रवार को ही जमा करवाने हैं। इसके बाद ही एचएसआईआईडीसी रास्ते के लिए एनओसी जारी करेगा। शपथ पत्र को लेकर पूरा प्रशासन मुस्तैद हो गया है। उपायुक्त ने शपथ पत्रों के लिए वीरवार को गांव खुडाना में कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को बैठा दिया, ताकि लोगों को शपथ पत्र के लिए महेंद्रगढ़ न जाना पड़े।
वहीं, गांव आदलपुर के किसानों ने डीसी रेट पर जमीन देने के लिए मना कर दिया है। इन सब बातों को लेकर आईएमटी के रास्ते के लिए अड़चन बन गई है। एनओसी के लिए कम से कम 80 प्रतिशत लोगों के साइन होने जरूरी हैं। इसी आईएमटी की आधारशिला 24 फरवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के द्वारा रखी जानी हैं।
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43 खेवट में हैं एक हजार लोग हिस्सेदार
आईएमटी का मुख्य रास्ता गांव खुडाना एवं आदलपुर की सीमा से लगता हुआ है। आईएमटी के लिए 200 फुट चौड़ा रास्ता बनाया जाना है। इस रास्ते पर दोनों गांवों के किसानों की 58 एकड़ जमीन लगती है। इसमें 15 एकड़ जमीन आदलपुर के किसानों की है। जबकि 43 एकड़ जमीन खुडाना गांव के किसानों की है। दोनों गांव की 43 खेवट में एक हजार लोग हिस्सेदार हैं।
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प्रशासन जुटा कार्रवाई में
ग्रामीणों ने पहले सहमति पत्र दे दिए थे लेकिन वो सहमति पत्र कुछ लोगों ने ही दिए थे। अब एचएसआईआईडीसी ने सभी के सहमति पत्र मांग लिए हैं। इसको लेकर पूरा प्रशासन कार्रवाई में जुट गया है। उपायुक्त गरिमा मित्तल सुबह गांव खुडाना पहुंची और वो सबसे पहले इसी कार्रवाई में जुटी। उपायुक्त ने ग्रामीणों को रिश्तेदारी में जाकर सहमति पत्र पर साइन करवा कर लाने के लिए कहा। आज रात तक सभी यह काम पूरा कर दें। इसके बाद उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने रास्ते का जायजा लिया।
गांव में ही बैठाए कर्मचारी
शपथ पत्र बनाने के लिए प्रशासन ने गांव में ही शपथ पत्र बनाने वाले बैठा दिए थेे। उपायुक्त ने नायब तहसीलदार और सीनियर टाउन प्लानर को आदेश कर दिए थे कि शपथ पत्र के लिए वहीं पर स्टांप मशीन तथा कंप्यूटर ऑपरेटर को बैठाया जाए। उपायुक्त के आदेश पर स्टांप मशीन लगा दी गई। इसके बाद 43 शपथ पत्र भी तैयार किए गए।
विकल्प के तौर पर मिला दूसरा रास्ता
एचएसआईआईडीसी को एक दूसरा रास्ता विकल्प के रूप में मिला है। उस रास्ते पर आकोद पंचायत की 80 प्रतिशत जमीन लगती है। लेकिन इस रास्ते पर तीन चार बीपीएल प्लाट तथा एक दो मकान बीच में आ रहे हैं। इस रास्ते के बारे में भी उपायुक्त को अवगत करवा दिया है। उपायुक्त ने दोनों ही रास्ते पर समांतर काम करने के लिए कहा। ऐसा भी बताया जा रहा है कि गांव आकोदा की पंचायत जमीन देने को तैयार है।
पंचायत की जमीन का दोबारा दिया प्रस्ताव
गांव खुडाना की 962 एकड़ भूमि पर स्थापित होने वाली आईएमटी के लिए गांव की पंचायत ने दोबारा से प्रस्ताव पास कर एचएसआईआईडीसी को सौंपा है। एचएसआईआईडीसी ने गांव से दोबारा डीसी रेट पर जमीन के लिए प्रस्ताव मांगा था जो गांव के सरपंच प्रतिनिधि ओमपाल ने सौंप दिया है।
वर्जन
अधिकारी इस पर काम कर रहे हैं। ग्रामीण शपथ पत्र पर रिश्तेदारों के साइन करवाने के लिए निकल गए हैं। उम्मीद है कि यह काम शुक्रवार को पूरा कर लिया जाएगा। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी।
- डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त, महेंद्रगढ़।
वर्जन
एचएसआईआईडीसी ने पहले सहमति पत्र कम भेजे थे। अब हेड क्वार्टर ने सहमति पत्र पर सभी के साइन मांग लिए हैं। इसको लेकर प्रशासन जुटा हुआ है। ग्रामीण भी इसमें लगे हुए हैं। दूसरे विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। उस पर भी हमारी टीम लगी हुई है।
- राजकुमार, सीनियर टाउन प्लानर, महेंद्रगढ़।
वर्जन
पहले सात आठ लोगों ने सहमति पत्र दे दिए थे। अब प्रशासन डीसी रेट पर जमीन मांग रहा है। बुुधवार की शाम को पटवारी सहमति पत्र लेने के लिए आया था। तब ग्रामीणों ने सहमति पत्र देने से मना कर दिया था। ग्रामीण बाजार रेट लेने पर जमीन देने को तैयार हैं। ग्रामीणों का मनाने का प्रयास किया जा रहा है। शाम को गांव की पंचायत होगी, उस पंचायत में ग्रामीणों को रास्ते के लिए मना लिया जाएगा।
- अतर सिंह, सरपंच, आदलपुर।