{"_id":"5bd36538bdec22697879bbc5","slug":"11540580664-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सामूहिक अवकाश का एक-दो विभागों में ही दिखा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सामूहिक अवकाश का एक-दो विभागों में ही दिखा असर
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार द्वारा बसों को प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की पिछले दस दिनों से चल रही हड़ताल अब आमजन को अखरने लगी है, क्योंकि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आमजन को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। सरकार कर्मचारी नेताओं को दो टूक प्राइवेट परमिट रद्द नहीं करने का निर्णय सुना चुकी है। जबकि कर्मचारी सरकार के इस निर्णय को मानने के लिए तैयार नहीं है। यहीं कारण इन दस दिनों में यूनियन नेताओं की सरकार से दो बार वार्ता हुई, लेकिन दोनों ही बार वार्ता विफल रही। सरकार के अडिग रवैये के चलते अन्य विभागों के कर्मचारी भी उनके समर्थन में खड़े हो गए है। शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया। जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के 48 व बिजली निगम के 53 पक्के व 40 कच्चे कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। हालांकि यूनियन के इस फैसले के बाद सरकार ने जिला उपायुक्त को एक पत्र भेजकर ठेके पर लगे कर्मचारियों द्वारा अवकाश लेने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है।
सामूहिक अवकाश के कारण कार्यालयों में भटकते रहे लोग
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली विभाग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। इस प्रकार इन विभागों में कोई भी कार्य नहीं हो सका। हालांकि एक-दो कर्मचारियों को बैठाया गया था, लेकिन वे भी अवकाश का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं के कार्य करने मना करते रहे। इस कारण विभागों में आने वाले उपभोक्ताओं को अपने कार्य के लिए भटकना पड़ा।
भर्ती के लिए चालक व परिचालकों लगी भीड़
रोडवेज कर्मचारियों की लगातार हड़ताल चलने के कारण सरकार ने अनुबंध आधार पर चालक व परिचालक भर्ती करने का निर्णय लिया। इसके लिए 25 अक्तूबर तक जिला महेंद्रगढ़ के 6928 युवाओं ने आवेदन किया। इसमें 2914 चालक तथा 4014 परिचालक के आवेदन शामिल है। जिनकी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कारण शुक्रवार को नारनौल बस स्टैंड पर युवाओं की भारी भीड़ लगी रही।
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80 चालक व 80 परिचालकों की अनुबंध पर की भर्ती
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को 80 चालक व 80 परिचालकों को अनुबंध आधार पर भर्ती किया गया है। इस प्रकार शुक्रवार को 85 बसों को विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। जोकि रेवाड़ी, गुरुग्राम, दिल्ली, जयपुर, दादरी, महेंद्रगढ़ रूटों पर चलाई गई। लंबे रूटों पर बसों का संचालन होने से आमजन को राहत मिली। भर्ती किए गए चालक व परिचालकों को रोजाना के हिसाब से वेतनमान दिया जाएगा।
अनुभवहीन परिचालकों को दी रेट लिस्ट
सरकार के निर्देशानुसार विभाग द्वारा भर्ती किए गए परिचालक अनुभवहीन है। उन्हें विभिन्न रूट वाइज लगने वाले किराए के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है। इसलिए विभाग ने ऐसे अनुभवहीन परिचालकों को रूट वाइज किराया लिस्ट उपलब्ध करवाई है। ताकि परिचालक निर्धारित किराया अनुसार यात्री को टिकट काटकर दे सके।
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में अनशन पर बैठा संघ
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने चितवन वाटिका में अनशन शुरू किया। सूबे सिंह, वीरेंद्र सिंह, रणधीर, श्याम सुंदर को फूलमाला पहनाकर राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने कर्मिक अनशन पर बैठाया। किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि जब तक रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चलेगी तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
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नारनौल। सरकार द्वारा बसों को प्राइवेट परमिट जारी करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों की पिछले दस दिनों से चल रही हड़ताल अब आमजन को अखरने लगी है, क्योंकि कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आमजन को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। सरकार कर्मचारी नेताओं को दो टूक प्राइवेट परमिट रद्द नहीं करने का निर्णय सुना चुकी है। जबकि कर्मचारी सरकार के इस निर्णय को मानने के लिए तैयार नहीं है। यहीं कारण इन दस दिनों में यूनियन नेताओं की सरकार से दो बार वार्ता हुई, लेकिन दोनों ही बार वार्ता विफल रही। सरकार के अडिग रवैये के चलते अन्य विभागों के कर्मचारी भी उनके समर्थन में खड़े हो गए है। शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े विभिन्न विभागों के कर्मचारी एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहकर हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया। जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के 48 व बिजली निगम के 53 पक्के व 40 कच्चे कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। हालांकि यूनियन के इस फैसले के बाद सरकार ने जिला उपायुक्त को एक पत्र भेजकर ठेके पर लगे कर्मचारियों द्वारा अवकाश लेने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है।
सामूहिक अवकाश के कारण कार्यालयों में भटकते रहे लोग
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग व बिजली विभाग के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। इस प्रकार इन विभागों में कोई भी कार्य नहीं हो सका। हालांकि एक-दो कर्मचारियों को बैठाया गया था, लेकिन वे भी अवकाश का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं के कार्य करने मना करते रहे। इस कारण विभागों में आने वाले उपभोक्ताओं को अपने कार्य के लिए भटकना पड़ा।
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भर्ती के लिए चालक व परिचालकों लगी भीड़
रोडवेज कर्मचारियों की लगातार हड़ताल चलने के कारण सरकार ने अनुबंध आधार पर चालक व परिचालक भर्ती करने का निर्णय लिया। इसके लिए 25 अक्तूबर तक जिला महेंद्रगढ़ के 6928 युवाओं ने आवेदन किया। इसमें 2914 चालक तथा 4014 परिचालक के आवेदन शामिल है। जिनकी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस कारण शुक्रवार को नारनौल बस स्टैंड पर युवाओं की भारी भीड़ लगी रही।
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80 चालक व 80 परिचालकों की अनुबंध पर की भर्ती
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को 80 चालक व 80 परिचालकों को अनुबंध आधार पर भर्ती किया गया है। इस प्रकार शुक्रवार को 85 बसों को विभिन्न रूटों पर संचालन किया गया। जोकि रेवाड़ी, गुरुग्राम, दिल्ली, जयपुर, दादरी, महेंद्रगढ़ रूटों पर चलाई गई। लंबे रूटों पर बसों का संचालन होने से आमजन को राहत मिली। भर्ती किए गए चालक व परिचालकों को रोजाना के हिसाब से वेतनमान दिया जाएगा।
अनुभवहीन परिचालकों को दी रेट लिस्ट
सरकार के निर्देशानुसार विभाग द्वारा भर्ती किए गए परिचालक अनुभवहीन है। उन्हें विभिन्न रूट वाइज लगने वाले किराए के बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है। इसलिए विभाग ने ऐसे अनुभवहीन परिचालकों को रूट वाइज किराया लिस्ट उपलब्ध करवाई है। ताकि परिचालक निर्धारित किराया अनुसार यात्री को टिकट काटकर दे सके।
रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में अनशन पर बैठा संघ
रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने चितवन वाटिका में अनशन शुरू किया। सूबे सिंह, वीरेंद्र सिंह, रणधीर, श्याम सुंदर को फूलमाला पहनाकर राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने कर्मिक अनशन पर बैठाया। किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि जब तक रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल चलेगी तब तक क्रमिक अनशन जारी रहेगा।