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घरों के आसपास जलभराव नहीं होने दें: ललित मोहन
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:39 AM IST
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कूलरों और घरों के आसपास जलभराव नहीं होने दें ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी नायन में शुक्रवार को मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता कैंप लगाया गया। इस दौरान चिकित्सक ललित मोहन जोशी ने ग्रामीणों को जल जनित बीमारियों से अवगत और उनसे बचाव के तरीके बताए
उन्होंने कहा कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गांवों के रास्तों पर गंदगी का आलम रहता है। वहीं गंदगी में मच्छर पनपने के कारण मलेरिया, डेंगू व हैजा आदि संक्रमित बीमारी फैलने का डर भी बना रहता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे कूलरों की नियमित सफाई करें और अपने घरों के आसपास जलभराव नहीं रहने दें। एडिज मच्छर हमेशा साफ पानी में जन्म लेता है। इसके काटने से डेंगू बुखार हो सकता है और रक्त की प्लेट घटने से डेंगू पीड़ित मरीज को जानलेवा संकट बना रहता है। उन्होंने कहा कि 5-7 दिन लगातार बुखार रहने पर मरीज के खून की जांच करवानी चाहिए। मोहल्ले में जलभराव की जगह नीम के पत्तों की धुआं करें और शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। रात को सोते समय कमरे में मच्छर नाशक स्प्रे करें। उन्होंने कहा कि विभागीय अस्पतालों में मलेरिया की जांच एवं इलाज की सुविधा निशुल्क मिलती है। इस मौके विभागीय कर्मचारी व ग्रामीण मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी नायन में शुक्रवार को मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता कैंप लगाया गया। इस दौरान चिकित्सक ललित मोहन जोशी ने ग्रामीणों को जल जनित बीमारियों से अवगत और उनसे बचाव के तरीके बताए
उन्होंने कहा कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से गांवों के रास्तों पर गंदगी का आलम रहता है। वहीं गंदगी में मच्छर पनपने के कारण मलेरिया, डेंगू व हैजा आदि संक्रमित बीमारी फैलने का डर भी बना रहता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे कूलरों की नियमित सफाई करें और अपने घरों के आसपास जलभराव नहीं रहने दें। एडिज मच्छर हमेशा साफ पानी में जन्म लेता है। इसके काटने से डेंगू बुखार हो सकता है और रक्त की प्लेट घटने से डेंगू पीड़ित मरीज को जानलेवा संकट बना रहता है। उन्होंने कहा कि 5-7 दिन लगातार बुखार रहने पर मरीज के खून की जांच करवानी चाहिए। मोहल्ले में जलभराव की जगह नीम के पत्तों की धुआं करें और शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें। रात को सोते समय कमरे में मच्छर नाशक स्प्रे करें। उन्होंने कहा कि विभागीय अस्पतालों में मलेरिया की जांच एवं इलाज की सुविधा निशुल्क मिलती है। इस मौके विभागीय कर्मचारी व ग्रामीण मौजूद थे।
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