{"_id":"5cb8c5c2bdec22140559ca00","slug":"111555613122-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरसों बेचने आए किसानों को अनाजमंडी में बितानी पड़ी रात, 29 घंटे बाद हुई खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरसों बेचने आए किसानों को अनाजमंडी में बितानी पड़ी रात, 29 घंटे बाद हुई खरीद
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नारनौल। नई अनाज मंडी में नारनौल में किसानों को सरसों बेचने के लिए करीब 29 घंटे का इंतजार करना पड़ा। उन्हें रात मंडी में ही रात गुजारनी पड़ी। किसान बुधवार की सुबह छह बजे सरसों लेकर मंडी में आ गए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। वीरवार को सुबह 11 बजे से सरसों की खरीद कार्य शुरू हुआ। इस दौरान करीब आठ हजार बैग सरसों की खरीद हुई।
नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद चल रही है। तय शेड्यूल के अनुसार नीरपुर समेत अन्य चार गांवों के किसान सरसों लेकर बुधवार को मंडी पहुंचे। मंडी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर किसान सुबह छह बजे पहुंच गए थे। गेट पास बनाने के बाद ट्रैक्टर लेकर सरसों की खरीद का इंतजार करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि दोपहर में सरसों की खरीद हो जाएगी। लेकिन जगह न होने के कारण सरसों की ढेरी नहीं लग सकी। इसके बाद बारिश होने लगी। जिसके बाद शाम चार बजे एजेंसी ने सरसों खरीद करने से मना कर दिया। इससे सुबह से मंडी में बैठे किसानों का धैर्य जवाब दे गया और नारनौल-नांगल चौधरी रोड को जाम कर दिया था। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें वीरवार की सुबह सरसों की खरीद करने की बात कहीं थी। इससे 100 से अधिक किसानों को मंडी में रात गुजारनी पड़ी। एजेंसी ने वीरवार को आठ हजार बैग सरसों की खरीद की। प्रशासन की योजना है कि इस बार रविवार को भी मंडी में सरसों की खरीद की जाए। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला अभी नहीं हुआ है।
किसानों की परेशानी की जिम्मेदार एजेंसी और कमेटी
पूरी रात मंडी में मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ी। एजेंसी और कमेटी के कारण यह परेशानी उन्हें उठानी पड़ी। गेट पास बनने के करीब 30 घंटे बाद सरसों की खरीद हुई। सरकार किसानों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। अव्यवस्था के कारण किसान परेशान है।
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- लालचंद्र, किसान
बुधवार की सुबह छह बजे गेट पास के लिए लाइन में लग गया था। दस बजे गेट पास मिलने के बाद वीरवार को 11 बजे सरसों की खरीद हुई। पूरी रात मंडी में बितानी पड़ी। इसके लिए दो हजार रुपये ट्रैक्टर मालिक को अलग किराया देना पड़ा। किसानों के परेशानी की जिम्मेदार मार्केट कमेटी है।
- बनवारी लाल यादव, किसान
पहले पता होता तो मंडी में सरसों लेकर नहीं आता। बुधवार 11 बजे से सरसों लेकर मंडी में बेचने का इंतजार कर रहे हैं। शाम को कमेटी व एजेंसी ने वीरवार को लेने को कहा था। पूरी रात मंडी में परेशानी में गुजारनी पड़ी। मौसम खराब होने के कारण सरसों को मंडी में छोड़कर नहीं जा सकते थे।
- जगदीश, किसान
चार गांवों को सरसों बेचना भारी पड़ गया। किसानों को 29 से लेकर 35 घंटे तक सरसों को बेचने के लिए मंडी में रुकना पड़ा। इससे बड़ी लापरवाही एजेंसी व कमेटी की क्या हो सकती है। किसान बुधवार की सुबह गेट पास लेने के बाद मंडी में खरीददारी होने की इंतजार में रहे। वीरवार दोपहर बाद में सरसों की खरीद हुई।
- मूलचंद्र, किसान
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नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद चल रही है। तय शेड्यूल के अनुसार नीरपुर समेत अन्य चार गांवों के किसान सरसों लेकर बुधवार को मंडी पहुंचे। मंडी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर किसान सुबह छह बजे पहुंच गए थे। गेट पास बनाने के बाद ट्रैक्टर लेकर सरसों की खरीद का इंतजार करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि दोपहर में सरसों की खरीद हो जाएगी। लेकिन जगह न होने के कारण सरसों की ढेरी नहीं लग सकी। इसके बाद बारिश होने लगी। जिसके बाद शाम चार बजे एजेंसी ने सरसों खरीद करने से मना कर दिया। इससे सुबह से मंडी में बैठे किसानों का धैर्य जवाब दे गया और नारनौल-नांगल चौधरी रोड को जाम कर दिया था। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें वीरवार की सुबह सरसों की खरीद करने की बात कहीं थी। इससे 100 से अधिक किसानों को मंडी में रात गुजारनी पड़ी। एजेंसी ने वीरवार को आठ हजार बैग सरसों की खरीद की। प्रशासन की योजना है कि इस बार रविवार को भी मंडी में सरसों की खरीद की जाए। हालांकि अभी इस पर कोई फैसला अभी नहीं हुआ है।
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किसानों की परेशानी की जिम्मेदार एजेंसी और कमेटी
पूरी रात मंडी में मच्छरों के बीच गुजारनी पड़ी। एजेंसी और कमेटी के कारण यह परेशानी उन्हें उठानी पड़ी। गेट पास बनने के करीब 30 घंटे बाद सरसों की खरीद हुई। सरकार किसानों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। अव्यवस्था के कारण किसान परेशान है।
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- लालचंद्र, किसान
बुधवार की सुबह छह बजे गेट पास के लिए लाइन में लग गया था। दस बजे गेट पास मिलने के बाद वीरवार को 11 बजे सरसों की खरीद हुई। पूरी रात मंडी में बितानी पड़ी। इसके लिए दो हजार रुपये ट्रैक्टर मालिक को अलग किराया देना पड़ा। किसानों के परेशानी की जिम्मेदार मार्केट कमेटी है।
- बनवारी लाल यादव, किसान
पहले पता होता तो मंडी में सरसों लेकर नहीं आता। बुधवार 11 बजे से सरसों लेकर मंडी में बेचने का इंतजार कर रहे हैं। शाम को कमेटी व एजेंसी ने वीरवार को लेने को कहा था। पूरी रात मंडी में परेशानी में गुजारनी पड़ी। मौसम खराब होने के कारण सरसों को मंडी में छोड़कर नहीं जा सकते थे।
- जगदीश, किसान
चार गांवों को सरसों बेचना भारी पड़ गया। किसानों को 29 से लेकर 35 घंटे तक सरसों को बेचने के लिए मंडी में रुकना पड़ा। इससे बड़ी लापरवाही एजेंसी व कमेटी की क्या हो सकती है। किसान बुधवार की सुबह गेट पास लेने के बाद मंडी में खरीददारी होने की इंतजार में रहे। वीरवार दोपहर बाद में सरसों की खरीद हुई।
- मूलचंद्र, किसान