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होली के रंगों से सराबोर हुए शहर के बाजार

Sun, 17 Mar 2019 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:39 AM IST
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होली के रंगों से सराबोर हुए शहर के बाजार
अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। रंग बरसे भीगे चुनर वाली रंग बरसे... जी हां, इस बार होली पर रंगों की बारिश में भीगने के लिए तैयार हो जाइए। क्योंकि रंगों का त्योहार होली एक बार फिर से अपनी दस्तक दे चूका है। हर कोई बांहें फैला कर होली के स्वागत के लिए तैयार है। लोगों पर चढ़े होली के बुखार को देखते हुए बाजार भी होली के रंग और पिचकारी से गुलजार हो गए हैं।

बाजारों में हर ओर अनेक वैराइटी के रंगों व अनेक आकृति वाली पिचकारियों की भरमार हैं। रंगों में जहां गुलाल, हर्बल व स्प्रे कलर में अलग-अलग दमों में अनेक वैराइटी मौजूद हैं। बाजार में डोरीमोन, मोटू पतलू, स्पाईडर मैन, छोटा भीम आदि अनेक चाइनिज पिचकारियों की भरमार है। उनमें 25 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारियां बाजार में उपलब्ध हैं। पिचकारी बाजार पर करीब 90 प्रतिशत कब्जा चीनी आइटमों हैं। जिनमें लाइट वाली, जानवरों की आकृति, सब्जी की आकृति वाली पिचकारियां बच्चों को अधिक लुभा रही हैं। इनके अलावा बाजार में साजसज्जा के रूप में अनेक तरह के मास्क भी मौजूद हैं। इनके अलावा लोगों द्वारा प्रेशर वाली पिचकारियां भी काफी पसंद की जा रही हैं। इस वर्ष करीब रंग व पिचकारी का कारोबार करीब 70 लाख तक रहने की संभावना हैं।
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हर्बल रंग कर रहे लोगों का ध्यान आकर्षित
बाजार में मिलावटी रंगों की भरमार के चलते लोगों द्वारा हर्बल रंग अधिक पसंद किए जा रहे हैं। हर्बल रंगों में तुलसी रंग, गुलाब रंग व चंदन टीका के अलाव अन्य प्राकृतिक रंग उपलब्ध हैं। जिनकी कीमत 200 से 500 रुपये प्रति किलो तक हैं। इनके अलावा गुलाल भी पांच से सात तरह के रंगों में उपलब्ध है। जिनमें लाल, पीला व हरा की मांग ज्यादा है। जो की 50 रुपये से लेकर 150 रुपये किलो तक की कीमत में उपलब्ध हैं। वहीं स्प्रे रंगों में भी अनेक वैराईटियां मौजूद हैं। जिनकी कीमत 40 से 200 रुपये तक हैं।
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केमिकल रंगों का इस्तेमाल खतरनाक
केमिकल रंगों का यूज आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में रंग लेते वक्त चेक जरूर करें। डॉ. दिनेश कुमार बताते हैं कि केमिकल युक्त रंग से शरीर में लाल निशान पड़ जाते हैं। ये रंग अगर आंख में पड़ जाए तो आंख का अल्सर हो सकता है. डॉ. गजेंद्र यादव ने बताया कि कान में ये खतरनाक रंग जाने से आदमी बहरा भी हो सकता है। इतना ही नहीं अगर रंग कान में चला जाए और सायं-सायं की आवाज आने लगे तो व्यक्ति का शारीरिक संतुलन भी बिगड़ सकता है।

ये है रंग और पिचकारी की कीमत
रंग गुलाल 50 से 150 रुपये किलो
बड़ी पिचकारी 50 रुपये प्रति नग
मीडियम पिचकारी 40 रुपये
छोटी पिचकारी 30 रुपये
छोटी रंग स्प्रे 30 रुपये
मीडियम रंग स्प्रे 40 रुपये
बड़ी स्प्रे 60 रुपये
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