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पुलवामा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद श्योराम को दी अंतिम सलामी
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अमर उजाला ब्यूरो
निजामपुर (नारनौल)। हरियाणा की सीमा से सटे राजस्थान के तहसील खेतड़ी के गांव टीबा में मंगलवार को पुलवामा में शहीद हवलदार श्योराम गुज्जर का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही पार्थिव शरीर हरियाणा की सीमा में पहुंचा तो हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़े। दिन में करीब 12:30 बजे शहीद का टीबा में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को सेना और पुलिस की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। शहीद के पांच वर्षीय बेटे खुशांक ने मुखाग्नि दी। शहीद को हरियाणा के सीमावर्ती गांवों से हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
हरियाणा की सीमा से काफिले के साथ शहीद श्योराम अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारों से आसमान गूंज उठा। इसके बाद राजस्थान के कई गांवों से होकर काफिला टीबा पहुंचा। इससे पहले हजारों की संख्या में लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने जगह-जगह खड़े थे। शहीद के परिवार में पत्नी सुनीता, बेटा खुशांक, माता सारली देवी और दो छोटे भाई रूपचंद व रघुवीर हैं। श्योराम के पिता बालाराम का बचपन में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद श्योराम ही घर के मुखिया थे।
शहीद हवलदार श्योराम के बचपन के साथी फौजी मायाराम आवाना ने बताया कि श्योराम को बचपन से ही फौजी बनने का जुनून था। श्योराम 1999 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। फिलहाल राष्ट्रीय राइफल पुलवामा जम्मूूूू कश्मीर में तैनात था। राष्ट्रीय राइफल के हवलदार महेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को पुलवामा में आतंकियों के छिपने की खबर मिली थी। इस पर रविवार को रात करीब नौ बजे सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें अलग-अलग टीमें बनाई गई। मौसम खराब होने के कारण रात को ही घरों के अंदर घुसकर आतंकवादियों की तलाशी शुरू कर दी। ऑपरेशन के दौरान एक घर में सर्च करते समय रात करीब 12 बजे सामने से आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में सेना के चार जवान शहीद हो गए। इसमें गांव टीबा का हवलदार श्योराम गुज्जर भी शामिल था। अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, इंकलाब जिंदाबाद, वीर शहीद अमर रहे, देश के गद्दारों को गोली मारों आदि नारे लगाए। हलका खेतड़ी विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शहीद की पत्नी को शिक्षा के आधार पर राजस्थान सरकार की तरफ से नौकरी दी जाएगी।
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पापा मुझे भी फौजी बनना है
शहीद श्योराम के भाई ने बताया कि पांच साल का बेटा खुशांक अपने पापा के छुट्टी आने का इंतजार कर रहा था। वह अपने पापा से कहता था कि मुझे भी आपकी तरह फौजी बनना है मुझे भी एक बंदूक लाकर देना। शहीद के साथी मायाराम फौजी ने बताया कि गांव टीबा से लेकर बसई तक युवा साथी अपने गांव के वीर शहीद हवलदार श्योराम की श्रद्धांजलि के लिए कैंडल मार्च निकालेंगे।
शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेता
शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मंत्री प्रताप सिंह, मंत्री रघु शर्मा, विधायक खेतड़ी डॉ. जितेंद्र सिंह, सुभाष पूनिया विधायक सूरजगढ़, धर्मपाल खेतड़ी, जिला पार्षद लक्की, पूर्व विधायक दाताराम गुर्जर, पंचायत समिति प्रधान खेतड़ी मनीषा, सांसद संतोष अहलावत, प्रधान जोगेंद्र छिल्लर, जिला झुंझुनू के बीजेपी अध्यक्ष पवन, प्रधान अमर सिंह, महावीर चंदेला, सरपंच बाबूलाल, पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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निजामपुर (नारनौल)। हरियाणा की सीमा से सटे राजस्थान के तहसील खेतड़ी के गांव टीबा में मंगलवार को पुलवामा में शहीद हवलदार श्योराम गुज्जर का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार सुबह जैसे ही पार्थिव शरीर हरियाणा की सीमा में पहुंचा तो हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़े। दिन में करीब 12:30 बजे शहीद का टीबा में अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को सेना और पुलिस की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। शहीद के पांच वर्षीय बेटे खुशांक ने मुखाग्नि दी। शहीद को हरियाणा के सीमावर्ती गांवों से हजारों की संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
हरियाणा की सीमा से काफिले के साथ शहीद श्योराम अमर रहे, पाकिस्तान मुर्दाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारों से आसमान गूंज उठा। इसके बाद राजस्थान के कई गांवों से होकर काफिला टीबा पहुंचा। इससे पहले हजारों की संख्या में लोग शहीद को श्रद्धांजलि देने जगह-जगह खड़े थे। शहीद के परिवार में पत्नी सुनीता, बेटा खुशांक, माता सारली देवी और दो छोटे भाई रूपचंद व रघुवीर हैं। श्योराम के पिता बालाराम का बचपन में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद श्योराम ही घर के मुखिया थे।
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शहीद हवलदार श्योराम के बचपन के साथी फौजी मायाराम आवाना ने बताया कि श्योराम को बचपन से ही फौजी बनने का जुनून था। श्योराम 1999 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। फिलहाल राष्ट्रीय राइफल पुलवामा जम्मूूूू कश्मीर में तैनात था। राष्ट्रीय राइफल के हवलदार महेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को पुलवामा में आतंकियों के छिपने की खबर मिली थी। इस पर रविवार को रात करीब नौ बजे सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसमें अलग-अलग टीमें बनाई गई। मौसम खराब होने के कारण रात को ही घरों के अंदर घुसकर आतंकवादियों की तलाशी शुरू कर दी। ऑपरेशन के दौरान एक घर में सर्च करते समय रात करीब 12 बजे सामने से आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में सेना के चार जवान शहीद हो गए। इसमें गांव टीबा का हवलदार श्योराम गुज्जर भी शामिल था। अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, इंकलाब जिंदाबाद, वीर शहीद अमर रहे, देश के गद्दारों को गोली मारों आदि नारे लगाए। हलका खेतड़ी विधायक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शहीद की पत्नी को शिक्षा के आधार पर राजस्थान सरकार की तरफ से नौकरी दी जाएगी।
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पापा मुझे भी फौजी बनना है
शहीद श्योराम के भाई ने बताया कि पांच साल का बेटा खुशांक अपने पापा के छुट्टी आने का इंतजार कर रहा था। वह अपने पापा से कहता था कि मुझे भी आपकी तरह फौजी बनना है मुझे भी एक बंदूक लाकर देना। शहीद के साथी मायाराम फौजी ने बताया कि गांव टीबा से लेकर बसई तक युवा साथी अपने गांव के वीर शहीद हवलदार श्योराम की श्रद्धांजलि के लिए कैंडल मार्च निकालेंगे।
शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेता
शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मंत्री प्रताप सिंह, मंत्री रघु शर्मा, विधायक खेतड़ी डॉ. जितेंद्र सिंह, सुभाष पूनिया विधायक सूरजगढ़, धर्मपाल खेतड़ी, जिला पार्षद लक्की, पूर्व विधायक दाताराम गुर्जर, पंचायत समिति प्रधान खेतड़ी मनीषा, सांसद संतोष अहलावत, प्रधान जोगेंद्र छिल्लर, जिला झुंझुनू के बीजेपी अध्यक्ष पवन, प्रधान अमर सिंह, महावीर चंदेला, सरपंच बाबूलाल, पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।