{"_id":"5b883eeb42c79246725bbac8","slug":"111535655659-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले वर्ष राजस्थान की सीमा तक पहुंचेगा नहरी पानी: डॉ. अभय सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले वर्ष राजस्थान की सीमा तक पहुंचेगा नहरी पानी: डॉ. अभय सिंह
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:30 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार ने नांगल चौधरी समेत महेंद्रगढ़ जिले की विभिन्न नहरों की मरम्मत हेतु अलग-अलग कार्यों के लिए बजट मंजूर किया है। इससे कई नहरों को ठीक कराया गया है। अगले साल तक राजस्थान सीमा तक नहरी पानी पहुंच जाएगा।
नांगल चौधरी के विधायक व सिंचाई विभाग की निगरानी कमेटी के चेयरमैन डॉ. अभय सिंह यादव ने बताया कि पिछले 35-40 सालों से नहरों के टेल पर पानी नहीं पहुंचने के कारण कई नहर बेकार हो गई थी। इसके अलावा कुछ में लेवल सही नहीं था। विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद योजना बनाई गई कि बरसात के मौसम में जब पानी की पूरी उपलब्धता हो तो सभी नहरों में पानी टेल तक ले जाया जा सके।
साथ ही दोहान, कृष्णावती एवं साहबी नदी के खाली पड़े तल को भी नहर से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। नोलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए 548.30 लाख रुपये, बूढवाल नहर के लिए 179.36 लाख रुपये, दताल नहर के लिए 62.41 लाख रुपये, बसई डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए 538.79 लाख रुपये की स्वीकृति सरकार द्वारा जारी की गई है।
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इसी तरह से नदियों के रिचार्ज के लिए डेरोली से महेंद्रगढ़ तक दोहान नदी के रिचार्ज मार्ग के लिए 290.36 लाख रुपये, बदोपुर व रामबास के पास दोहान नदी को नहर से जोड़ने के लिए 150.87 लाख रुपये की स्वीकृति भी सरकार से मिल चुकी है। डॉ. यादव ने बताया कि नांगल चौधरी क्षेत्र के राजस्थान सीमा पर स्थित नियामतपुर, मौरुंड, गोठड़ी, बूढवाल व रायमलिकपुर समेत अन्य गांवों तक बरसात में नहरी पानी ले जाकर जोहड़ों को भरने के अलावा बरसाती पानी का अन्य उपयोग भी खरीफ की फसल के लिए किया जाना संभव होगा। इन योजनाओं के पूरे होने के बाद कृष्णावती एवं दोहान नदियों के माध्यम से नहरी पानी द्वारा जिले में एक स्थायी एवं सुदृढ़ रिचार्ज योजना कारगर ढंग से काम करेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी नांगल कालिया, तोताहेड़ी, कांवी व कोजिंदा जैसे स्थानों पर कृष्णावती नदी को नहर से जोड़ा जा चुका है। नारनौल से आगे सिलारपुर तक नदी के रास्ते पानी पहुंच रहा है। इसी दोहन नदी पर स्थित हमींदपुर बांध, महरमपुर एवं डेरोली तक पानी पहुंच रहा है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में स्थित छोटे-छोटे बांधों की लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत करवा दी है। इससे छोटे-बड़े लगभग 150 ऐसे बांधों से नांगल चौधरी के पहाड़ी क्षेत्र के लगभग सभी गांवों की भूजल व्यवस्था में सुधार होगा। डॉ. यादव ने बताया कि मई 2015 में ही मुख्यमंत्री से बांधों की मरम्मत के लिए मांग स्वीकृत करवा ली गई थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की जल व्यवस्था अब पटरी पर आ गई है।
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नारनौल। सरकार ने नांगल चौधरी समेत महेंद्रगढ़ जिले की विभिन्न नहरों की मरम्मत हेतु अलग-अलग कार्यों के लिए बजट मंजूर किया है। इससे कई नहरों को ठीक कराया गया है। अगले साल तक राजस्थान सीमा तक नहरी पानी पहुंच जाएगा।
नांगल चौधरी के विधायक व सिंचाई विभाग की निगरानी कमेटी के चेयरमैन डॉ. अभय सिंह यादव ने बताया कि पिछले 35-40 सालों से नहरों के टेल पर पानी नहीं पहुंचने के कारण कई नहर बेकार हो गई थी। इसके अलावा कुछ में लेवल सही नहीं था। विभागीय अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद योजना बनाई गई कि बरसात के मौसम में जब पानी की पूरी उपलब्धता हो तो सभी नहरों में पानी टेल तक ले जाया जा सके।
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साथ ही दोहान, कृष्णावती एवं साहबी नदी के खाली पड़े तल को भी नहर से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। नोलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए 548.30 लाख रुपये, बूढवाल नहर के लिए 179.36 लाख रुपये, दताल नहर के लिए 62.41 लाख रुपये, बसई डिस्ट्रीब्यूटरी के लिए 538.79 लाख रुपये की स्वीकृति सरकार द्वारा जारी की गई है।
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इसी तरह से नदियों के रिचार्ज के लिए डेरोली से महेंद्रगढ़ तक दोहान नदी के रिचार्ज मार्ग के लिए 290.36 लाख रुपये, बदोपुर व रामबास के पास दोहान नदी को नहर से जोड़ने के लिए 150.87 लाख रुपये की स्वीकृति भी सरकार से मिल चुकी है। डॉ. यादव ने बताया कि नांगल चौधरी क्षेत्र के राजस्थान सीमा पर स्थित नियामतपुर, मौरुंड, गोठड़ी, बूढवाल व रायमलिकपुर समेत अन्य गांवों तक बरसात में नहरी पानी ले जाकर जोहड़ों को भरने के अलावा बरसाती पानी का अन्य उपयोग भी खरीफ की फसल के लिए किया जाना संभव होगा। इन योजनाओं के पूरे होने के बाद कृष्णावती एवं दोहान नदियों के माध्यम से नहरी पानी द्वारा जिले में एक स्थायी एवं सुदृढ़ रिचार्ज योजना कारगर ढंग से काम करेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भी नांगल कालिया, तोताहेड़ी, कांवी व कोजिंदा जैसे स्थानों पर कृष्णावती नदी को नहर से जोड़ा जा चुका है। नारनौल से आगे सिलारपुर तक नदी के रास्ते पानी पहुंच रहा है। इसी दोहन नदी पर स्थित हमींदपुर बांध, महरमपुर एवं डेरोली तक पानी पहुंच रहा है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में स्थित छोटे-छोटे बांधों की लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत करवा दी है। इससे छोटे-बड़े लगभग 150 ऐसे बांधों से नांगल चौधरी के पहाड़ी क्षेत्र के लगभग सभी गांवों की भूजल व्यवस्था में सुधार होगा। डॉ. यादव ने बताया कि मई 2015 में ही मुख्यमंत्री से बांधों की मरम्मत के लिए मांग स्वीकृत करवा ली गई थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की जल व्यवस्था अब पटरी पर आ गई है।