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पानी बचाने की मुहिम चलाने वाले स्वयं कर रहे हैं पेयजल का दुरुपयोग
Updated Thu, 17 May 2018 12:28 AM IST
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पानी बचाने की मुहिम चलाने वाले ही कर रहे पानी का दुरुपयोग
महेंद्रगढ़। लोगों को पानी बचाने एवं सदुपयोग करने की सलाह देने वाले वाला विभाग स्वयं पानी की बर्बाद कर रहा है। एक तरफ जहां गर्मी में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय के अंदर बने पार्कों एवं निर्माण कार्यों में पेयजल का प्रयोग कर रहा है। बुधवार को अमर उजाला का छाया कार फोटो खींचने के लिए पहुंचा तो मौके पर खड़े जेई जियाराम ने कर्मचारियों से पानी बंद करवा दिया।
आपको बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी विभाग जल बचाने, पेयजल का सदुपयोग करने तथा वेस्ट पानी का पेड़ पौधो में डालने का आह्वान करते हैं। कई बार जल बचाने के लिए दीवारों पर भी लिखवाया जाता है। किंतु हकीकत यह है स्वयं विभाग पेयजल का प्रयोग पेड़ पौधों, पार्कों एवं निर्माण कार्यों में करता है।
मुख्य लाइन से जोड़ा पार्कों के नल का कनेक्शन
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में बैठने के लिए चार छोटे -छोटे पार्क बनाए हुए हैं। इन पार्कों में पानी देने के लिए स्पेशल नल लगाए हुए हैं जिनका कनेक्शन सीधा मुख्य लाइन से किया गया है। इस लाइन में 24 घंटे पानी रहता है। जैसे ही टूटी खोली जाएगी तो पानी आना शुरू हो जाएगा। पार्क में पानी देने के लिए मोटर की भी आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा कार्यालय के अंदर तीन चार कमरे बनाए जा रहे हैं। इस निर्माण कार्य में भी पेयजल का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए साफ पानी के टैंक पर मोटर लगाई हुई।
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शहर में छा सकता है पेयजल संकट
शहर में आने वाले कुछ दिनों में जल संकट छा सकता है। क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग के पास शहर को सप्लाई देने के लिए चार दिन का पानी शेष बचा है। जबकि नहर 23 मई को आने की संभावना है। वैसे जनस्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दी जाने वाले पेयजल सप्लाई को आधी कर दी है ताकि वह 23 मई तक चल सके। इस समय घरों में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाता है। साथ ही पानी का समय एक घंटे की बजाय 50 मिनट कर दिया गया है।
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महेंद्रगढ़। लोगों को पानी बचाने एवं सदुपयोग करने की सलाह देने वाले वाला विभाग स्वयं पानी की बर्बाद कर रहा है। एक तरफ जहां गर्मी में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी कार्यालय के अंदर बने पार्कों एवं निर्माण कार्यों में पेयजल का प्रयोग कर रहा है। बुधवार को अमर उजाला का छाया कार फोटो खींचने के लिए पहुंचा तो मौके पर खड़े जेई जियाराम ने कर्मचारियों से पानी बंद करवा दिया।
आपको बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग अभियांत्रिकी विभाग जल बचाने, पेयजल का सदुपयोग करने तथा वेस्ट पानी का पेड़ पौधो में डालने का आह्वान करते हैं। कई बार जल बचाने के लिए दीवारों पर भी लिखवाया जाता है। किंतु हकीकत यह है स्वयं विभाग पेयजल का प्रयोग पेड़ पौधों, पार्कों एवं निर्माण कार्यों में करता है।
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मुख्य लाइन से जोड़ा पार्कों के नल का कनेक्शन
जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में बैठने के लिए चार छोटे -छोटे पार्क बनाए हुए हैं। इन पार्कों में पानी देने के लिए स्पेशल नल लगाए हुए हैं जिनका कनेक्शन सीधा मुख्य लाइन से किया गया है। इस लाइन में 24 घंटे पानी रहता है। जैसे ही टूटी खोली जाएगी तो पानी आना शुरू हो जाएगा। पार्क में पानी देने के लिए मोटर की भी आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा कार्यालय के अंदर तीन चार कमरे बनाए जा रहे हैं। इस निर्माण कार्य में भी पेयजल का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए साफ पानी के टैंक पर मोटर लगाई हुई।
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शहर में छा सकता है पेयजल संकट
शहर में आने वाले कुछ दिनों में जल संकट छा सकता है। क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग के पास शहर को सप्लाई देने के लिए चार दिन का पानी शेष बचा है। जबकि नहर 23 मई को आने की संभावना है। वैसे जनस्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दी जाने वाले पेयजल सप्लाई को आधी कर दी है ताकि वह 23 मई तक चल सके। इस समय घरों में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाता है। साथ ही पानी का समय एक घंटे की बजाय 50 मिनट कर दिया गया है।