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अटाली में 35 साल बाद हुआ रोड बनाने का काम शुरू
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मंडी अटेली। क्षेत्र के गांव अटाली की 35 साल पहले अनुसूचित जाति व जरूरतमंद लोगों के लिए रिहायशी प्लाटों के लिए आबाद की गई कालोनी में अब रोड बनाने का कार्य शुरू हुआ है। गांव में एससी, पिछड़ा, व जरूरतमंद लोगों को छत का आश्रय देने के लिए 35 साल पहले सरकार द्वारा प्लाट काट कर कालोनी आबाद की गई थी। कालोनी में पिछले 20 साल से लोगों ने घर बना कर रहना भी शुरू कर दिया था। लेकिन ग्राम पंचायतों के उदासीन रवैये के चलते इनमें जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया था।
सरपंच अमर सिंह ने बताया कि तत्कालीन सरपंच स्व. सुखदेव के कार्यकाल में 1983 में यह जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत ने प्लाट आवंटन किये थे। अब स्थानीय विधायक के प्रयासों से गांव की इस कालोनी में 9 लाख 53 हजार रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स से गलियों का निर्माण किया जा रहा है। कालोनी में इससे पहले पेयजल व बिजली की व्यवस्था पहले ही कर दी थी। गांव में 5 साल पहले जरूरतमंद लोगों को दिये गये 100 वर्ग गज के प्लाटों के लिए आबाद की गई कालोनी को विकसित करने के लिए डिप्टी स्पीकर संतोष यादव को प्रस्ताव भेजा हुआ है। जल्द ही इस कालोनी में भी मूल भूत जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
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मंडी अटेली। क्षेत्र के गांव अटाली की 35 साल पहले अनुसूचित जाति व जरूरतमंद लोगों के लिए रिहायशी प्लाटों के लिए आबाद की गई कालोनी में अब रोड बनाने का कार्य शुरू हुआ है। गांव में एससी, पिछड़ा, व जरूरतमंद लोगों को छत का आश्रय देने के लिए 35 साल पहले सरकार द्वारा प्लाट काट कर कालोनी आबाद की गई थी। कालोनी में पिछले 20 साल से लोगों ने घर बना कर रहना भी शुरू कर दिया था। लेकिन ग्राम पंचायतों के उदासीन रवैये के चलते इनमें जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया था।
सरपंच अमर सिंह ने बताया कि तत्कालीन सरपंच स्व. सुखदेव के कार्यकाल में 1983 में यह जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत ने प्लाट आवंटन किये थे। अब स्थानीय विधायक के प्रयासों से गांव की इस कालोनी में 9 लाख 53 हजार रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स से गलियों का निर्माण किया जा रहा है। कालोनी में इससे पहले पेयजल व बिजली की व्यवस्था पहले ही कर दी थी। गांव में 5 साल पहले जरूरतमंद लोगों को दिये गये 100 वर्ग गज के प्लाटों के लिए आबाद की गई कालोनी को विकसित करने के लिए डिप्टी स्पीकर संतोष यादव को प्रस्ताव भेजा हुआ है। जल्द ही इस कालोनी में भी मूल भूत जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
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