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Mahendragarh-Narnaul News: नहरी पानी आने में 10 दिन शेष, दो दिन में एक घंटे ही मिलेगा पानी
Sun, 01 Jun 2025 12:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:17 AM IST
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फोटो संख्या:53- गोशाला रोड पर खड़ा पानी का टैंकर--संवाद
- फोटो : संवाद
महेंद्रगढ़। शहरवासियों को इस समय दो दिन में एक घंटे ही जलापूर्ति की जा रही है। आपूर्ति का समय निर्धारित नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अभी नहरी पानी आने में 10 दिन का समय शेष है। ऐसे में शहर में पेयजल संकट गहरा सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 21 मई से ही पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई थी। शहरवासियों को पानी के लिए निजी एजेंसियों के कैंपरों का ही सहारा है।
गांव देवास जल परियोजना के 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंकों में टैंक नंबर 1 खाली हो चुका है, जबकि टैंक नंबर दो में छह फिट और तीन व चार में महज तीन-तीन फिट पानी शेष है। शहर के लोग पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए निजी जलापूर्ति करने वालों से पानी खरीद रहे हैं। निजी जलापूर्ति कर्ता भी पानी की किल्लत का फायदा उठाते हुए दस दिनों में 100 रुपये बढ़ाकर 450 रुपये प्रति टैंकर कर दिया है। 50 से अधिक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
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दो दिन में एक घंटे ही पानी मिल पा रहा है। इसका भी समय निर्धारित नहीं होने के कारण पता भी नहीं चल पाता। इसके कारण पेयजल के लिए टंकी भी नहीं भर पाती है। शहर में नियमित आपूर्ति के लिए वर्षों से भी जिम्मेदार कोई व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। मांग के अनुसार एक चौथाई ही आपूर्ति हो रही है।- रोहताश तिवाड़ी, मोहल्ला तिवाड़ियान
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एक घंटे पानी छोड़ा जाता है वह भी ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचते-पहुंचते बंद हो जाता है। ऐसे में शहरवासियों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। निजी कैंपरों के सहारे ही पेयजल की व्यवस्था की जाती है। साथ ही जलापूर्ति का समय निधाZरित नहीं है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है।
- दीपक जांगड़ा, मोहल्ला बास
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देवास जलघर की तली में पानी पहुंच चुका है। ऐसे में तली से गाद और हल्का मटमैला पानी आ रहा है। दो दिन में एक बार आपूर्ति होती है। वह भी पीने के लायक नहीं है। ऐसे में मोहल्ले में आने वाले टैंकरों से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। - नरेश, मोहल्ला सैनीपुरा
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मोहल्ले में 15 से 20 मिनट ही दो दिन में एक बार पानी नसीब हो पाता है। बूस्टिंग स्टेशन पर इसका कारण पता किया जाता है तो कर्मचारी कभी मोटर खराब होने तो कभी बिजली नहीं होने की बात कहता है। हर बार गर्मी के मौसम में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। - नरेंद्र सैनी, मोहल्ला राठोड़ान
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- वर्जन
इस समय शहर में राशनिंग के आधार पर पानी की आपूर्ति की जा रही है। 10 जून को जेएलएन नहर में पानी आने की संभावना है। विभाग के देवास जलघर परियोजना के पांच तथा शहरी क्षेत्र के 15 ट्यूबवेलों का सहारा लिया जा रहा है। बिजली कट के कारण समय निर्धारित करने में परेशानी होती है। शहर को जोन में बांटकर आपूर्ति की जा रही है।-- जियाराम, उपमंडल अधिकारी, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।
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अभी नहरी पानी आने में 10 दिन का समय शेष है। ऐसे में शहर में पेयजल संकट गहरा सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 21 मई से ही पानी की राशनिंग शुरू कर दी गई थी। शहरवासियों को पानी के लिए निजी एजेंसियों के कैंपरों का ही सहारा है।
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गांव देवास जल परियोजना के 24 करोड़ लीटर पानी की क्षमता के चार टैंकों में टैंक नंबर 1 खाली हो चुका है, जबकि टैंक नंबर दो में छह फिट और तीन व चार में महज तीन-तीन फिट पानी शेष है। शहर के लोग पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए निजी जलापूर्ति करने वालों से पानी खरीद रहे हैं। निजी जलापूर्ति कर्ता भी पानी की किल्लत का फायदा उठाते हुए दस दिनों में 100 रुपये बढ़ाकर 450 रुपये प्रति टैंकर कर दिया है। 50 से अधिक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
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दो दिन में एक घंटे ही पानी मिल पा रहा है। इसका भी समय निर्धारित नहीं होने के कारण पता भी नहीं चल पाता। इसके कारण पेयजल के लिए टंकी भी नहीं भर पाती है। शहर में नियमित आपूर्ति के लिए वर्षों से भी जिम्मेदार कोई व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। मांग के अनुसार एक चौथाई ही आपूर्ति हो रही है।- रोहताश तिवाड़ी, मोहल्ला तिवाड़ियान
एक घंटे पानी छोड़ा जाता है वह भी ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचते-पहुंचते बंद हो जाता है। ऐसे में शहरवासियों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। निजी कैंपरों के सहारे ही पेयजल की व्यवस्था की जाती है। साथ ही जलापूर्ति का समय निधाZरित नहीं है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है।
- दीपक जांगड़ा, मोहल्ला बास
देवास जलघर की तली में पानी पहुंच चुका है। ऐसे में तली से गाद और हल्का मटमैला पानी आ रहा है। दो दिन में एक बार आपूर्ति होती है। वह भी पीने के लायक नहीं है। ऐसे में मोहल्ले में आने वाले टैंकरों से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। - नरेश, मोहल्ला सैनीपुरा
मोहल्ले में 15 से 20 मिनट ही दो दिन में एक बार पानी नसीब हो पाता है। बूस्टिंग स्टेशन पर इसका कारण पता किया जाता है तो कर्मचारी कभी मोटर खराब होने तो कभी बिजली नहीं होने की बात कहता है। हर बार गर्मी के मौसम में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। - नरेंद्र सैनी, मोहल्ला राठोड़ान
- वर्जन
इस समय शहर में राशनिंग के आधार पर पानी की आपूर्ति की जा रही है। 10 जून को जेएलएन नहर में पानी आने की संभावना है। विभाग के देवास जलघर परियोजना के पांच तथा शहरी क्षेत्र के 15 ट्यूबवेलों का सहारा लिया जा रहा है। बिजली कट के कारण समय निर्धारित करने में परेशानी होती है। शहर को जोन में बांटकर आपूर्ति की जा रही है।

फोटो संख्या:53- गोशाला रोड पर खड़ा पानी का टैंकर--संवाद- फोटो : संवाद